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पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची

पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची राज्य में कानून में संशोधन की प्रक्रिया पर कोई काम नहीं हो रहा है। राज्य विधि आयोग में...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:15 PM IST
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राज्य में कानून में संशोधन की प्रक्रिया पर कोई काम नहीं हो रहा है। राज्य विधि आयोग में पिछले चार साल से न तो कोई अध्यक्ष है और न ही कोई सदस्य। अनुबंध के तहत बहाल किए गए पांच कर्मियों को भी चार साल से वेतन नहीं मिला है। इनमें से एक कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है। आयोग में अध्यक्ष या सदस्य न होने की वजह से कर्मियों का सेवा विस्तार का मामला भी अटका हुआ है। पूर्व में भी अध्यक्ष या मेंबर के न होने से सेवा विस्तार का मामला लंबित होता था लेकिन अध्यक्ष के आने के बाद उन्हें सेवा विस्तार मिल जाता था लेकिन इस बार यह अवधि काफी बड़ी हो गई। एक कर्मी की मौत के बाद उसकी विधवा ने हर जगह गुहार लगाई लेकिन अब तक उसकी कहीं नहीं सुनी गई।

राज्य विधि आयोग का काम राज्य में उपयोग में आ रहे कानून की समीक्षा करना, संशोधन करना और बदलते समय के अनुसार राज्य सरकार को सुझाव देना है। यह आयोग केंद्र सरकार को भी सुझाव दे सकती है। विधि आयोग सक्रिय नहीं रह पाने की वजह से इस मुद्दे पर काम नहीं हो पा रहा है।

किशोेर एक्का की हो चुकी है मौत :विधि आयोग में आदेशपाल रहे किशोर एक्का की मौत गत नवंबर 16 को हो गई। उन्होंने लगातार 12 साल तक आयोग में काम किया। वह भी सेवा विस्तार की आशा में थे और उनकी मौत हो गई। उसकी विधवा तरसिसिया एक्का वेतन भुगतान को लेकर दौड़ लगा रही है इसमें उसे अभी तक सफलता नहीं मिली है। आयोग में अभी संतोष कुमार झा, उमाकांत प्रसाद, मुन्ना कुमार और तेजेंद्र सिंह प्रतिदिन अपनी हाजरी बना रहे हैं।

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