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बजट सत्र ने असंतुष्टों को एकजुट होने का मौका दिया

झारखंड में भाजपा के कई विधायक सरकार से अंसतुष्ट चल रहे थे। विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के साथ ही ये लोग एकजुट...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:15 PM IST
झारखंड में भाजपा के कई विधायक सरकार से अंसतुष्ट चल रहे थे। विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के साथ ही ये लोग एकजुट होने लगे। स्थानीय और नियोजन नीति में संशोधन को लेकर ईचागढ़ विधायक साधुचरण महतो और योगेश्वर महतो बाटुल असंतुष्टों को एकजुट करने में जुटे। फिर शिवशंकर उरांव, विमला प्रधान, गंगोत्री कुजूर व अन्य भी इनमें शामिल होते गए। तय रणनीति के तहत मंत्री लुईस मरांडी के आवास पर सोमवार को भाजपा विधायकों के मिलन समारोह में मुख्यमंत्री के समक्ष भी स्थानीय और नियोजन नीति में संशोधन की बात रखी गई। सीएम ने कहा कि वे सदन में विषय को उठाएं, सरकार विधायकों के पक्ष में जवाब देगी। लेकिन अगले दिन ऐसा नहीं हो सका। स्पीकर को लिखने के अलावा बाटुल द्वारा सदन में मामला उठाए जाने पर सरकार का ठोस जवाब नहीं आया। इसके बाद विधायक मुख्यमंत्री से भी मिले। मुख्यमंत्री ने एक वाक्य में सबको चुप कर दिया कि जाओ कर देंगे।

किशोर से भी असंतुष्ट हैं विधायक

विधायकों का कहना है कि राधाकृष्ण किशोर भाजपा के मुख्य सचेतक हैं। वे नहीं सुनते। सीएम जो कहते हैं, उसे उन पर थोपने का प्रयास करते हैं। स्थानीय और नियोजन नीति के मामले को भी भाजपा विधायकों की ओर से उठाने के बदले पहले नव जवान संघर्ष मोर्चा के भानू प्रताप शाही को सदन में मौका दे दिया गया। किशोर भाजपा विधायकों की भावना का ख्याल नहीं रखते।

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