रांची

  • Home
  • Jharkhand News
  • Ranchi
  • News
  • रिम्स डायटिशियन, क्लर्क व चालक को सस्पेंड करें : मंत्री
--Advertisement--

रिम्स डायटिशियन, क्लर्क व चालक को सस्पेंड करें : मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने बुधवार को रिम्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक क्लर्क और...

Danik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:20 PM IST
स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने बुधवार को रिम्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक क्लर्क और एंबुलेंस चालक को निलंबित करने का निर्देश दिया। हालांकि, इससे पहले उनसे स्पष्टीकरण पूछा जाएगा। वहीं, बिना सूचना रिम्स से गायब रहने और अस्पताल में भोजन की व्यवस्था का निरीक्षण नहीं करने के मामले में मंत्री ने डायटीशियन मीनाक्षी कुमारी से भी स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।

स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर उन्हें निलंबित किया जाएगा। मंत्री के निर्देश पर रिम्स निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने चालक (इंचार्ज) इंद्रजीत सरकार, क्लर्क बीरेंद्र कुमार सिंह और डायटीशियन मीनाक्षी कुमारी से स्पष्टीकरण पूछा है। स्पष्टीकरण का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों की जांच करने पहंुचेे मंत्री

मंत्री को शिकायत मिली थी कि पलामू जिले के विश्रामपुर निवासी इमामुद्दीन अंसारी के शव को गांव तक पहुंचाने के एवज में एंबुलेंस चालक ने पीड़ित परिजन से 1000 रुपए लिए थे। चालक से पूछताछ में पता चला कि एंबुलेंस की स्वीकृति मिलने के बाद वह काफी देर तक क्लर्क बीरेंद्र सिंह की पेट्रोल के पैसे लेने के लिए तलाश करता रहा, लेकिन भेंट नहीं हुई। डायटीशियन के बारे में शिकायत मिली थी कि वे अस्पताल की भोजन व्यवस्था का निरीक्षण नहीं करती हैं और बिना सूचना के गायब रहती हैं। इधर, डायटीशियन मीनाक्षी ने बताया कि वह रविवार से बूटी मोड़ स्थित प्रगति नर्सिंग होम में भर्ती हैं।

एंबुलेंस के लिए तेल का पैसा नहीं मिला मरीज के परिजनों ने दिए थे 1000 रुपए

सद्दाम हुसैन के पिता इमामुद्दीन अंसारी की मौत सोमवार को रिम्स में हो गई थी। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर रिम्स प्रबंधन ने इमामुद्दीन अंसारी के शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तो उपलब्ध कराई, लेकिन एंबुलेंस में पेट्रोल भराने के लिए क्लर्क बीरेंद्र सिंह नहीं मिले। इंद्रजीत सरकार ने चालक को अपनी ओर से 500 रुपए दिए। हालांकि चालक का कहना है कि शव पहुंचाने के बाद सद्दाम ने पेट्रोल के लिए 1000 रुपए उसे दिए थे। इससे उसने एंबुलेंस में पेट्रोल भराया और इंद्रजीत सरकार को 500 रुपए वापस कर दिए।

Click to listen..