Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» साइबर अपराधियों ने चुराया बाल विकास विभाग का डाटा, आंगनबाड़ी सेविकाओं से मांग रहे हैं बैंक डिटेल

साइबर अपराधियों ने चुराया बाल विकास विभाग का डाटा, आंगनबाड़ी सेविकाओं से मांग रहे हैं बैंक डिटेल

डीबी स्टार

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:25 PM IST

डीबी स्टार बोकारो/रांची

साइबर अपराधियों ने बाल विकास विभाग के सर्वर से डाटा उड़ा लिया है। उनके पास आंगनबाड़ी सेविकाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध है। अब साइबर अपराधी आंगनबाड़ी सेविकाओं को टारगेट बनाए हुए हैं। सेविकाओं को फोन कर कब कितना मानदेय मिला, अभी कितना मिलना है, पूरी जानकारी देने के बाद रिनुवल कराने के नाम पर एटीएम नंबर मांग रहे हैं। बोकारो जिले की कई सेविकाओं ने डीबी स्टार को फोन कर इसकी सूचना दी। सभी को एक ही मोबाइल नंबर 8579973257 से फोन किया जा रहा है। जबकि विभाग के अधिकारी इस बात को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं कि विभाग से सेविकाओं का एटीएम नंबर मांगा जा रहा है। अधिकारी इसे फ्रॉड बता रहे हैं।

लोगों को ठगने के लिए साइबर अपराधी हमेशा नए-नए तरीके अपनाते हैं। कभी बैंक में आधार नंबर जोड़ने तो कभी एटीएम अपडेट करने के नाम पर बैंक डिटेल लेकर फर्जीवाड़ा करते रहे हैं। जागरुकता बढ़ने के बाद लोग अलर्ट हो गए हैं। ऐसे में इन साइबर अपराधियों ने ग्रामीण क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाओं को टारगेट करना शुरू कर दिया है। इन्हें अपनी बातों से आसानी से भ्रमित कर उनका एटीएम नंबर हासिल करने की फिराक में हैं। बैंक का डिटेल मिलने पर ये खाते से सारे पैसे निकाल सकते हैं। हालांकि सेविकाएं जागरूक होकर, इन्हें नंबर बताने की जगह डीबी स्टार को सूचना दे रही हैं।

सभी सेविकाओं को माेबाइल नंबर 8579973257 से कॉल आया है

क्या है साइबर अपराध :सरकारी एजेंसियां जिस तरह से डाटा और रिकॉर्ड को लेकर अलर्ट हो रही हंै, अपराधी भी हाइटेक हो रहे हैं। ऑनलाइन ठगी या चोरी भी इसी श्रेणी का अहम गुनाह होता है। किसी की वेबसाइट को हैक करना या सिस्टम डेटा को चुराना ये सभी तरीके साइबर क्राइम की श्रेणी में आते हैं। साइबर क्राइम दुनिया भर में सुरक्षा और जांच एजेंसियां के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

सेविका ने बता दिया था एटीएम नंबर

मामरकुदर की सेविका पिंकी देवी ने बताया कि उसके पास भी इसी तरह का कॉल आया। एटीएम नंबर मांगा, तो उसने विश्वास करके एटीएम नंबर बता दिया। मगर इसकी जानकारी पति आनंद साव को देने पर वे मामला समझ गए और तुरंत एटीएम बंद करवाया। समय रहते अलर्ट होने से इस सेविका के साथ फर्जीवाड़ा होते-होते बचा। पिंकी का कहना है कि मेरी तरह कई सेविकाओं को फोन आए हैं।

विभाग से नहीं मांगा गया है एटीएम नंबर

विभाग क्यों किसी सेविका से एटीएम नंबर मांगेगा। किसी को नंबर नहीं देना है। यह कोई फ्रॉड कर रहा है। अगर कोई एटीएम नंबर मांग रहा है, तो तुरंत इसकी शिकायत पुलिस में करें। यह साइबर क्राइम का मामला है। किसी को एटीएम नंबर नहीं बताना है।  -विनय कुमार चौबे, सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग, झारखंड

सेविका से मांगा एटीएम नंबर :कोलबेंदी की सेविका सुषमा देवी ने बताया कि किसी ने फोन कर कहा कि मैं बाल विकास विभाग रांची से बोल रहा हूं। आपका पिछला मानदेय भेजा गया है, इस माह और मानदेय भेजा जाएगा। आपका एटीएम रिनुवल कराना है, इसलिए एटीएम नंबर दीजिए। सेविका ने कहा कि अभी तक एटीएम मिला ही नहीं है, तो फोन काट दिया।

फ्रॉड बोला-नंबर दें, वरना मानदेय नहीं मिलेगा

कुसमा की सेविका अनिता राज को भी इसी नंबर से फोन कर बताया गया कि बाल विकास विभाग से बोल रहे हैं। एटीएम नंबर बताइए, रिनुवल कराकर मानदेय भेजना है। सेविका को उसकी बात पर शक हुआ। सेविका ने कहा कि अभी एटीएम नहीं है। वह जिद करने लगा कि घर जाकर कार्ड देखकर नंबर बताइए। वरना आपका मानदेय नहीं मिलेगा। लेकिन सेविका ने नंबर नहीं बताया।

सेविका के पति के साथ हुई बहस :कोलबेंदी मुस्लिम टोला की सेविका रेशमा बीबी को भी इसी नंबर से फोन आया। कहा बाल विकास विभाग से बोल रहा हूं। एटीएम नंबर बताइए, रिनुवल कराकर मानदेय भेजना है। सेविका को शक होने पर वह पति शरीफ अंसारी को मोबाइल दे दिया। शरीफ ने जब बहस करते हुए कई तरह के सवाल किए, तो वह फोन काट दिया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×