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आयडा ने वन टाइम सेटलमेंट नहीं किया; 300 औद्योगिक इकाइयां बंदी की कगार पर

डीबी स्टार

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:25 PM IST
डीबी स्टार
झारखंड मोमेंटम के तहत उद्याेगों को बढ़ावा देने की बात कही जा रही है। जमेशदपुर के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में नए और बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की पहल हो रही है। मगर पुराने उद्योग जो बंद होने की कगार पर है, उसे बचाने का प्रयास नहीं हो रहा है।

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (आयडा) में तकरीबन 1200 छोटी-बड़ी कंपनियां हैं। इनमें 300 कंपनियां काफी अरसे से बीमार (सिक) है। इनको चालू करने के लिए राज्य सरकार पहल नहीं कर रही है।

जानकारों का कहना है कि अगर सरकार का रवैया यही रहा तो ज्यादातर सिक कंपनियां बंद हो जाएंगी। 300 कंपनियों के अलावा 150-200 ऐसी कंपनियां हैं जो बीमार होने की कगार पर पहुंच गई है। इस संबंध में जियाडा के उपनिदेशक हरि कुमार केशरी ने कहा- औद्योगिक क्षेत्र में कितनी कंपनियां बंद और कितनी कंपनियां बीमार है। इस संबंध में सर्वे के बाद ही आंकड़ा दे सकते हैं। फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है संबंधित विभाग के अधिकारी औद्याेगिक विकास को बचाने के लिए कितना सक्रिय हैं।

शहर में औद्याेगिक विकास की रफ्तार सुस्त

इसलिए कंपनियां हुईं बीमार

जानकारों की मानें तो बैंक व निगम के द्वारा उद्यमियों को जितना ऋण मिलना चाहिए, वह समय से नहीं मिला। इसके कारण कंपनी के संचालन में परेशानी होने लगी। वहीं टाटा मोटर्स से छोटी कंपनियों को वर्क ऑर्डर बंद कर दिया गया। साथ ही आयडा की ओर से जमीन के मामले में वन टाइम सेटलमेंट नहीं किया गया। धीरे-धीरे कंपनियां डिफॉल्टर बन गई। आलम यह है कि आयडा की 1200 में 300 कंपनियां रुग्ण अवस्था में है।

 आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में वर्षों से लगभग 300 कंपनियां बीमार हैं। इसलिए सरकार नई कंपनियां स्थापित करने के साथ बीमार कंपनियों को बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू करें। बिहार में उद्योग को बचाने के लिए सीएम ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू किया है।  प्रमोद सिंह, अध्यक्ष सिया

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