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खूंटी पुलिस के पास शव रखने की सुविधा नहीं, रातभर खुले में ही पड़ा रहता है

सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी खूंटी जिला पुलिस के पास पोस्टमार्टम से पूर्व शव रखने की कोई सुविधा नहीं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:25 PM IST

सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी खूंटी जिला पुलिस के पास पोस्टमार्टम से पूर्व शव रखने की कोई सुविधा नहीं है। नतीजतन शाम के पांच बजे के बाद थानों में खुले आसमान के नीचे शवों को रख दिया जाता है, बुधवार को भी खूंटी थाने में यही दृश्य देखने को मिला। रांची के ओमप्रकाश साहू का शव शाम पांच बजे एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया। पोस्टमार्टम का समय खत्म हो गया था, इस कारण पोस्टमार्टम नहीं हुआ।

शाम सात बजे तक सदर अस्पताल में शव एंबुलेंस में ही पड़ा रहा, फिर उसे खूंटी थाने में लाकर मिनी ट्रक (407) में शिफ्ट कर दिया गया। ट्रक पर शव को खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक से ढककर छोड़ दिया गया। यह परंपरा खूंटी में वर्षों से चली आ रही है, लेकिन आजतक इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इस संबंध में एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि शव रखने की कोई सुविधा नहीं है, मजबूरी में शवों को थानों में रखा जाता है।

भास्कर रिपोर्टर ने फोटो ली, तब खुली पुलिस की नींद

दैनिक भास्कर के रिपोर्टर द्वारा रात 9 बजे के आसपास ट्रक में पड़े शव का फोटो लिए जाने के बाद जिला पुलिस की नींद खुल गई। एसपी से लेकर थाना प्रभारी तक खूंटी थाने में खुले आसमान के नीचे ट्रक में पड़े शव को सदर अस्पताल के मॉर्चरी हाउस में भेजने में जुट गए। रात 10.20 बजे एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा, एसडीपीओ रणवीर सिंह व थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सत्यम ने बारी-बारी से इस रिपोर्टर को फोन करके बताया कि कुछ ही देर में शव को मॉर्चरी हाउस में भेज दिया जाएगा। पोस्टमार्टम के संबंध में सीएस डॉ. विनोद उरांव व स्वीपर से बात हो गई है।

ओम प्रकाश का पूरा परिवार 29 जनवरी को शिफ्ट होने वाला था गुजरात

खूंटी | खूंटी के कुंदी मोड़ के पास रांची के न्यू साकेत नगर हिनू निवासी व ठेकेदार ओमप्रकाश साहू की हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद शव को छुपाने की नियत से कुंए में डाल दिया गया था। इस संबंध में परिजनों ने कहा कि ओम प्रकाश जब 25 जनवरी को घर नहीं पहुंचे तो उनकी बेटियों ने डोरंडा थाना रात में पहुंची। साहू की तीन बेटियां है। बेटियों ने बताया कि उनके पिता घर से नाराज होकर निकले थे। उनका पूरा परिवार 29 जनवरी को ही गुजरात शिफ्ट होने वाला था। लेकिन ओम प्रकाश गुजरात नहीं जाना चाहते थे। वे अक्सर खूंटी स्कूटी से आते थे, लेकिन घर वालों को यह नहीं पता है कि वे खूंटी क्यों जाते थे। वे मूलरूप से बसिया के रहने वाले थे।

काम कर साइकिल से घर लौट रहे दंपती को ट्रक ने मारी टक्कर, प|ी की मौत

नामकुम | टाटीसिलवे के कैंब्रिज स्कूल के पास सड़क दुर्घटना में एक महिला सुमन देवी (30) की मौत हो गई। वहीं, उसके पति जगु उरांव गंभीर रूप से घायल हैं। इलाज रिम्स में चल रहा है। जगु व सुमन दोनों पति-प|ी हैं। वे दोनों आरागेट से काम कर साइकिल से अपने घर गांधीग्राम अनगड़ा वापस जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से जा रहा ट्रक (पीबी65एएच-9733) दोनों को चपेट में ले लिया। इसके बाद ट्रक छोड़ ड्राइवर फरार हो गया।

इधर, बेड़ो-इटकी मोड़ पर कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इससे बाइक सवार लापुंग निवासी रंजीत महतो गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि कार चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने रंजीत को ऑटो से प्राथमिक इलाज के लिए अस्पताल भेजवाया।

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