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कांके, रातू, टाटी, मुरी खलारी बनेंगे शहर, लोगों को मिलेंगा कई योजनाओं का लाभ

लोगों को मिलेगा शहरी विकास योजनाओं का लाभ, टैक्स भी देना होगा।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 05, 2017, 06:36 AM IST

  • कांके, रातू, टाटी, मुरी खलारी बनेंगे शहर, लोगों को मिलेंगा कई योजनाओं का लाभ
    रांची।रांची जिले के खलारी, कांके और रातू प्रखंड समेत मुरी टाटी पंचायत को सरकार शहर बनाएगी। यहां वे तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो शहरों में होती हैं। सुविधाओं के एवज में लोगों को टैक्स भी चुकाना होगा। इन पांचों को नगर पंचायत बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
    - नगर विकास विभाग ने डीसी मनोज कुमार से इससे संबंधित प्रस्ताव मांगा है। नगर विकास सचिव अरुण कुमार सिंह ने प्रस्ताव 10 नवंबर तक भेजने को कहा है। उसके बाद पब्लिक फीडबैक के बाद इन क्षेत्रों को नगर पंचायत के रूप में अधिसूचित कर दिया जाएगा।
    - इधर, राज्यभर में 55 नए नगर पंचायत और नगर परिषद बनाने की योजना है। संबंधित जिलों के उपायुक्तों से प्रस्ताव के साथ नक्शे मांगे गए हैं। नगर पंचायत बनने वाले इलाकों को शहरी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
    रहन-सहन और आबादी के आधार पर बनेंगे शहर
    शहरके आसपास के वैसे क्षेत्र, जहां की आबादी 10 हजार से अधिक और 40 हजार से कम है, वहां के वाशिंदों का रहन-सहन शहरी परिवेश की तरह होता है। ऐसे में उसे नगर पंचायत बनाया जाता है। खलारी, कांके, रातू, मुरी और टाटी में भी शहरीकरण हो गया है। इसे देखते हुए इन्हें नगर पंचायत बनाने की तैयारी की जा रही है।
    बढ़ेगा टैक्स का बोझ
    - लोगों को हर हाल में अपने घर का होल्डिंग टैक्स देना होगा।
    -साफ-सफाई पर अभी कोई खर्च नहीं, पर शहर बनने के बाद हर माह यूजर चार्ज देना होगा। वाटर कनेक्शन लेना होगा और टैक्स देना होगा।
    -बिना नक्शा वाले घर अवैध होंगे। ऐसे में नक्शा पास कराना जरूरी होगा।
    - ग्रामीण क्षेत्र में पीएम आवास योजना के तहत पक्का घर बनाने के लिए 1.20 लाख रु. मिलते हैं, लेकिन नगर पंचायत बनने के बाद 2.25 लाख रु. मिलेंगे।
    -नक्शा पास नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने के लिए बैंक लोन नहीं मिलता। नगर पंचायत बनने से बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार घर के नक्शे पास होने लगेंगे।
    -गांवों में खुले मैदान में कूड़ा जमा कर जलाया जाता है, इससे प्रदूषण फैलता है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लागू होने के बाद घर-घर से कूड़ा कलेक्शन होगा और उसका डिस्पोजल भी होगा।
    लोगों को ये फायदे
    - ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की जीवनशैली काफी बदल जाएगी। मास्टर प्लान के अनुसार विकास होगा। रोड-नाली का जाल बिझेगा। मार्केट, बस स्टॉपेज, मैरिज हॉल समेत सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे। सड़क, गली-मुहल्ले लाइट से रोशन होंगे। वाटर पाइन लाइन बिछेगी।
    - इन सबके लिए नगर विकास विभाग फंड देगा। जबकि अभी इन ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए ग्रामीण विकास विभाग फंड देता है। इधर, लोगों पर टैक्स का बोझ भी बढ़ेगा। नगरपालिका एक्ट में यह प्रावधान है कि मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निकायों को अपने स्तर से पैसा कमाना है।
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