--Advertisement--

लिफ्ट के इंतजार में ट्रॉली पर ही चली गई गर्भवती सुनीता और बच्चे की जान

25 मिनट तक लिफ्ट में ढोया जा रहा था मरीजों का खाना

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:38 AM IST
परिजनों और मरीज के ट्रॉलीमैन क परिजनों और मरीज के ट्रॉलीमैन क

रांची. रिम्स में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी। जिसमें एक लिफ्ट मैन की लापरवाही से काठीटांड़, रातू से आई सुनीता देवी (30 वर्ष) प्रसव पीड़ा से कराहती रही। अंतत: ट्रॉली में ही उसकी जान चली गई। सुनीता के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। घटना सुबह 7.30 बजे की है। सुनीता को रातू पीएचसी से इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया था। इमरजेंसी से सीधे उसे लेबर रूम पहुंचाना था। ट्रॉली मैन उसे सीओटी के सामने लगे लिफ्ट में ले गया। लेकिन वहां मरीजों का खाना बांटने वाली ट्रॉली ले जाई जा रही थी। एक नहीं बल्कि कई ट्रॉलियों को ले जाया जा रहा था। इस दौरान सुनीता दर्द से कराहती रही।

- परिजनों और ट्रॉली मैन ने भी कई बार आग्रह किया कि मरीज को लेबर रूम ले जाने दो, लेकिन इसका कोई असर लिफ्ट मैन पर नहीं पड़ा। करीब 25 मिनट तक वह ट्रॉली पर ही कराहती रही। जब 25 मिनट बाद लिफ्ट खाली होने के बाद उसे लेबर रूम ले गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

रिम्स में खाना पहुंचाने के लिए है रैंप

- रिम्स में खाना पहुंचाने वाले ट्रॉली और अन्य काम के लिए अलग एक रैंप है। जिसका इस्तेमाल बहुत कम होता है। रिम्स में कुल 11 लिफ्ट हैं। इसमें से 3-4 ही सही चलते हैं।

कांप्लीकेशन बढ़ने पर रिम्स रेफर किया
- रातू पीएचसी प्रभारी डॉ. सुजीत कश्यप ने बताया कि मरीज रात 12.30 बजे पीएचसी में एडमिट हुई थी। इलाज डॉ. कुसुम बाड़ा ने किया। हालांकि कांप्लीकेशन बढ़ने के बाद उसे रिम्स रेफर किया गया।

- वहीं, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने कहा कि हमें ऐसी घटना की जानकारी नहीं है। यदि किसी की लापरवाही से ऐसी घटना घटी है तो जांच कर कार्रवाई करेंंगे।

X
परिजनों और मरीज के ट्रॉलीमैन कपरिजनों और मरीज के ट्रॉलीमैन क
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..