जाति-धर्म फैक्टर / झारखंड में 14.5% मुस्लिम; 9% सीटों पर निर्णायक, सत्ता में 2.5% भागीदारी



Assembly Election: 14.5% Muslim in Jharkhand
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Assembly Election: 14.5% Muslim in Jharkhand

  • बिहार में 16% मुस्लिम, विधायकों की संख्या 24, आबादी में 1.5% का अंतर, पर झारखंड में 2 विधायक
  • महगामा, राजधनवार, हटिया, धनबाद में मुस्लिम वोटर्स बना और बिगाड़ सकते हैं चुनावी समीकरण

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 12:44 AM IST

रांची (सैयद शहरोज कमर). बिहार से अलग होकर अलग राज्य बने झारखंड में मुस्लिम समुदाय के समक्ष सियासी भागीदारी का टोटा रहा। बिहार में मुस्लिम आबादी 16% से अधिक है। वहां 2015 विधानसभा चुनाव में 24 मुस्लिम विधायक चुने गए। झारखंड में 14.5%  मुस्लिम हैं और विधायक सिर्फ दो। दोनों राज्यों की मुस्लिम आबादी में 1.5% का अंतर है, लेकिन यहां सत्ता में भागीदारी सिर्फ 2.5% है।


राज्य की 9% यानी, सात सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। जामताड़ा, पाकुड़, राजमहल, गोड्डा, मधुपुर, गांडेय और टुंडी विधानसभा में मुस्लिम वोटर्स ही उम्मीदवारों का भविष्य तय करतेहैं। वहीं, महागामा, राजधनवार, रांची, हटिया, सारठ,  पांकी, डुमरी, बगोदर, मांडर, कांके और चंदनकियारी में मुस्लिम मतदाता निर्णय प्रभावित करने की स्थिति में हैं।

 

7 विधानसभा क्षेत्र, जहां 22% से 38% तक मुस्लिम वोटर्स

 

  • पाकुड़:  35.8% मतदाता: 2014 में कांग्रेस के आलमगीर आलम ने झामुमो के अकील अख्तर को हराया। कांग्रेस से हाजी मो. एनुल हक 77-85 आलमगीर आलम 2000, 05 व 14, कांग्रेस से अब्दुल हकीम 1980, झामुमो के अख्तर 2009 में  जीतेे।
  • राजमहल: 34.6% मतदाता: 2014 चुनाव में भाजपा के अनंत कुमार ओझा जीते। इस विधानसभा के लिए 2005 में पहली बार चुनाव हुआ और तब कांग्रेस के नेता थॉमस हांसदा चुने गए थे। 2009 में भाजपा के अरुण मंडल विधायक बने।
  • गोड्डा: 27% मतदाता: 2014 में भाजपा के रघुनंदन मंडल विधायक बने। 2016 में भाजपा से उनके बड़े बेटे अमित मंडल चुनाव जीते। रघुनंदन के पिता सुमृत मंडल भी विधायक थे। 2005 में भाजपा व 2009 में राजद ने चुनाव जीता था।
  • मधुपुर: 25% मतदाता: 2014 में भाजपा के राज पालिवार चुनाव जीते। झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी 1995, 2000 और 2009 में विधायक रहे। 2005 में भाजपा के राज पालिवार ने झामुमो के हुसैन अंसारी को हराया था।
  • गांडेय: 23% मतदाता: 2014 में भाजपा के जयप्रकाश वर्मा ने कांग्रेस के सरफराज अहमद को हराया। 2005 में हुए चुनाव में झामुमो के सालखन सोरेन ने जीत हासिल की। 2009 में सरफराज अहमद राजद छोड़कर कांग्रेस गए और जीते।
  • टुंडी: 22% मतदाता: 2014 में आजसू के राजकिशोर महतो विधायक बने। 1995 में डाॅ. सबा अहमद ने कांग्रेस के उदय कुमार सिंह और 2000 में झामुमो के मथुरा महतो हराया। 2005 व 2009 में झामुमो के मथुरा महतो ने चुनाव जीता था।
  • जामताड़ा: 38% मतदाता: 2014 में कांग्रेस के इरफान अंसारी विधायक चुने गए थे। मो. मुश्ताक, मो. रियाजुल हक, नजमुल आलम भी मैदान में थे। पूर्व सांसद फुरकान अंसारी 1985, 1990, 1995, 2000 चार टर्म विधायक रहे।इरफान उनके बेटे हैं। 2005 और 2009 में विष्‍णु प्रसाद विधायक चुने गए, लेकिन इसी साल हुए उप चुनाव में झामुमो ने यह सीट छीन ली और शिबू सोरेन विधायक चुने गए थे।

 

राज्य की इन सीटों पर बिगाड़ सकते हैं खेल
 

  • महगामा : 17% मतदाता: 2014 में भाजपा के अशोक कुमार ने झाविमो के शाहिद इकबाल को हराया। झारखंड बनने के समय राजद के अताउर रहमान सिद्दीकी विधायक थे। 2005 में भाजपा के अशोक कुमार व 2009 में कांग्रेस के राजेश रंजन को जीत मिली थी।
  • राजधनवार: 17% मतदाता: 2014 में भाकपा माले के राजकुमार यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री व झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को हराया था। 2005 में भाजपा के रवींद्र कुमार राय जीते थे। 2009 में झाविमो के निजामुद्दीन अंसारी ने जीत हासिल की।
  • हटिया : 16% मतदाता: हटिया में 16% मुस्लिम वोटर्स हैं। 2014 में आजसू पार्टी के नवीन जायसवाल ने झाविमो के अजय नाथ शाहदेव को हराया था। इधर, रांची विधानसभा क्षेत्र में भी 14% मुस्लिम मतदाता हैं। 2014 में भाजपा के सीपी सिंह चुनाव जीते थे।
  • धनबाद : मतदाता 14%: धनबाद में करीब 14% मुस्लिम वोटर्स हैं। 2014 में भाजपा के राज सिन्हा ने कांग्रेस के मन्नान मलिक को हराया। झामुमो के भूपेंद्र कुमार, झाविमो के रमेश कुमार राही भी थे। 2005 में भाजपा के पीएन सिंह और 09 में कांग्रेस के मन्नान मलिक जीते थे।
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