झारखंड / 24 फरवरी को भाजपा विधायक दल के नेता बनेंगे बाबूलाल मरांडी

14 साल के बाद बाबूलाल मरांडी झाविमो का भाजपा में विलय कर दोबारा भाजपा में शामिल हो गए हैं। 14 साल के बाद बाबूलाल मरांडी झाविमो का भाजपा में विलय कर दोबारा भाजपा में शामिल हो गए हैं।
X
14 साल के बाद बाबूलाल मरांडी झाविमो का भाजपा में विलय कर दोबारा भाजपा में शामिल हो गए हैं।14 साल के बाद बाबूलाल मरांडी झाविमो का भाजपा में विलय कर दोबारा भाजपा में शामिल हो गए हैं।

  • भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री पी. मुरलीधर राव को नियुक्त किया है

दैनिक भास्कर

Feb 22, 2020, 10:26 AM IST

रांची. झाविमो के विलय के साथ भाजपा में घर वापसी करने वाले बाबूलाल मरांडी 24 फरवरी को भाजपा विधायक दल के नेता घोषित किए जा सकते हैं। इसे लेकर विधायक दल की बैठक होनी है। सभी विधायकों को फोन से इसकी सूचना भेजी जा चुकी है। गिरिडीह की यात्रा पर गए बाबूलाल भी रांची लाैट चुके हैं। पार्टी की ओर से इसकी तैयारी हो चुकी है। भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री पी. मुरलीधर राव को नियुक्त किया है। बैठक में अतिरिक्त राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह भी शामिल रहेंगे। जानकारी के अनुसार बैठक में बाबूलाल मरांडी का प्रस्ताव आएगा, जिस पर सभी विधायक अपनी सहमति व्यक्त करेंगे। 

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के आग्रह पर मरांडी हुए सहमत
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के आग्रह पर बाबूलाल मरांडी विधायक दल के नेता बनने पर सहमत हुए हैं। भाजपा में आने के पूर्व उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को साफ कहा था कि वे बगैर किसी पद के पार्टी में आएंगे। फिर भी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस पर अड़ा था कि मरांडी को प्रमुख दायित्व दिया जाना चाहिए। पार्टी के सामने दो विकल्प थे। पहला विकल्प था कि मरांडी को राष्ट्रीय कमेटी में उपाध्यक्ष बना कर बंगाल और असम का प्रभारी बना जाए। दूसरा विकल्प था कि उन्हें झारखंड में विधायक दल का नेता बनाया जाए। अंतत: दूसरा विकल्प दमदार लगा और मरांडी ने इस पर हामी भर दी।

17 फरवरी को भाजपा में शामिल हुए थे बाबूलाल
झारखंड के पहले मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी ने सितंबर 2006 में झारखंड विकास मोर्चा का गठन किया था। 14 साल के बाद बाबूलाल मरांडी झाविमो का भाजपा में विलय कर दोबारा भाजपा में शामिल हो गए हैं। पार्टी गठन के बाद झाविमो पहली बार 2009 के लोकसभा चुनाव में उतरी और कोडरमा से एक सीट जीतकर झारखंड की राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज की। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 25 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ा और 11 सीटें जीतकर अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई। बाबूलाल ने इस चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना