बरकाकाना हत्याकांड / गुस्साए लोगों ने लगाया जाम, ट्रेनें रोकीं; आरोपी आरपीएफ जवान की गिरफ्तारी पर अड़े



Angry people made road jam, people adamant on arrest of accused
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Angry people made road jam, people adamant on arrest of accused

  • रेलकर्मी के घर में घुसकर आरोपी ने कार्बाइन से पति-पत्नी और बेटी की हत्या की
  • कारण-बकाया नहीं देने पर रेलकर्मी ने दूध देना बंद कर दिया था, इसी से था नाराज

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 11:12 AM IST

रामगढ़. बरकाकाना रेलवे कॉलोनी में शनिवार रात 8 बजे रेलकर्मी अशोक राम के घर में घुसकर पांच लाेगाें काे कार्बाइन से गाेली मारने की घटना के विराेध में रविवार काे दिनभर हंगामा चलता रहा। आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह की गाेली से अशाेक राम, उनकी पत्नी लीलावती देवी और बेटी मीना देवी माैत हाे गई थी, जबकि उनके एक बेटे संजय राम और बेटी का रांची में इलाज चल रहा है। आरोपी आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह, भोजपुर (बिहार) रहनेवाला है।

 

आक्रोशित लोगों ने आराेपी जवान की गिरफ्तारी और मृतक के परिजनाें काे नाैकरी व एक कराेड़ रुपए मुआवजा की मांग पर बरकाकाना में रविवार काे सड़क और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। स्थानीय लोग बरकाकाना रेलवे जंक्शन गेट के पास टायर जलाकर रामगढ़-पतरातू सड़क को जाम कर दिया। 3.30 बजे शवों को रेलवे लाइन पर रख कर कार्रवाई की मांग करने लगे। शाम करीब 5.30 बजे रेल अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद सड़क व रेलवे लाइन से जाम हटा लिया गया। इस दाैरान दिनभर दुकानें बंद रहीं। वार्ता में एडीआरएम एसी चौधरी, रेल एसपी दीपक कुमार सिन्हा, डीटीएम अजंय कुमार, आरपीएफ कमांडेंट हेमंत कुमार, एसडीपीओ पतरातू प्रकाशचंद्र महतो आदि मौजूद थे। जाम की वजह से लोगों को 5 किमी तक पैदल रामगढ़ जाना पड़ा। देर रात दामोदर नदी घाट पर तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

 

शनिवार की रात आरपीएफ जवान पवन कुमार सिंह ने रेलकर्मी अशाेक राम के घर में घुसकर कार्बाइन से ताबड़ताेड़ फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से रेलकर्मी अशोक राम (56), उनकी पत्नी लीलावती देवी (52) और गर्भवती बेटी मीना देवी (30) की मौत हो गई। बेटी सुमन देवी, और बेटे संजय राम काे गंभीर हालत में रिम्स रांची भेजा गया है। घर में मौजूद बेटी प्रियंका कुमारी और बेटा बिट्टु मौका पाकर दूसरे कमरे में जाकर छिप गए थे।

 

रेलकर्मी का परिवार गाय पालकर दूध बेचने का काम भी करता था। आरोपी जवान इनसे दूध लेता था, लेकिन पैसे नहीं देने के कारण 25 दिन पहले उसे दूध देना बंद कर दिया था। बताया जाता है कि इसी गुस्से में उसने यह कदम उठाया। रेलवे कॉलोनी में जवान पवन कुमार सिंह और रेलकर्मी अशोक राम का क्वार्टर आसपास है। इधर, आक्राेशित परिजन और लाेगाें ने रात में भी रांची राेड पर मुख्य सड़क जाम कर दिया था। ये लोग आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। अशोक राम भुरकुंडा स्टेशन पर पोर्टर का काम करते थे। पत्नी लीला देवी रामगढ़ डीसी कार्यालय में आउट सोर्स पर फोर्थ ग्रेड कर्मचारी थी।

 

अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगा
रेलकर्मी अशोक राम की बेटी प्रियंका ने बताया- शनिवार रात करीब 8 बजे आरपीएफ जवान पवन सिंह घर में घुसा। उसने कोई बातचीत नहीं की। सीधे गोलियां चलाने लगा। उसकी गोली से माता-पिता भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। गोलीबारी करने के बाद वह भाग निकला। हमलाेग दूध का काराेबार करते हैं। आरपीएफ जवान पवन सिंह भी मेरे यहां से दूध लेता था। वह समय पर पैसा नहीं देता था। इसलिए 25 दिन पहले उसे दूध देना बंद कर दिया था। इस कारण उसने घटना को अंजाम दिया। आराेपी कुछ दिनाें पहले ही रेलवे कॉलोनी में रहने आया है। हमें आभास ही नहीं था कि इतनी छोटी बात के लिए वह हमारा परिवार बर्बाद कर देगा।

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