भास्कर इंटरव्यू / नेतरहाट के प्रिंसिपल ने कहा- सीबीएसई से संबद्धता मिलते ही यहां के बच्चे करेंगे टॉप

Dainik Bhaskar

May 18, 2019, 11:04 AM IST



नेतरहाट स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. संतोष कुमार सिंह। नेतरहाट स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. संतोष कुमार सिंह।
X
नेतरहाट स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. संतोष कुमार सिंह।नेतरहाट स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. संतोष कुमार सिंह।

  • मैट्रिक का रिजल्ट अाने के बाद नेतरहाट स्कूल के प्रिंसिपल से भास्कर की खास बातचीत 

रांची. वर्ष 1954 में स्थापित नेतरहाट आवासीय विद्यालय राज्य स्तर पर मैट्रिक टॉपर्स और आईएएस-आईपीएस अधिकारियों का कारखाना रहा है। झारखंड अलग होने तक वर्ष 2000 तक हर साल यहीं के बच्चे मैट्रिक में टॉप करते रहे हैं। 2002 में यह क्रम भंग हुआ। फिर तो पिछले तीन साल में दो बार 2017 और 2019 में यहां का छात्र टॉप नहीं कर पाया। नेतरहाट विद्यालय समिति बनने के बाद स्कूल में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की कमी दूर हुई। हालांकि विद्यालय की गरिमा पर इधर हर साल कुछ न कुछ चोट लग रही है। नामांकन घोटाले से लेकर भ्रष्टाचार तक के कई किस्से। डॉ. संतोष कुमार सिंह पिछले साल इस स्कूल के प्राचार्य बने। 10वीं के रिजल्ट पर दैनिक भास्कर ने उनसे विस्तृत बातचीत की... 

 

सवाल- आपका पहला रिजल्ट ही खराब रहा, नेतरहाट का बच्चा टॉप नहीं हुआ? 
जवाब-
इस रिजल्ट को मैं खराब और अच्छे के दृष्टिकोण से नहीं देख रहा। हमारे बच्चाें और शिक्षकों की पूरी टीम ने बहुत ही मेहनत की। एक नंबर से आगे-पीछे होने को बहुत तवज्जो नहीं देना चाहिए। हमारे बच्चे ने 99 प्रतिशत अंक लाया है। इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की जिस बच्ची ने टॉप किया है, उसे बहुत-बहुत बधाई। नेतरहाट को सीबीएसई से संबद्धता दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। अगले सत्र से संबद्धता मिल जाएगी। अगले साल से हम जैक बोर्ड से अलग हो जाएंगे। ऐसा हुआ तो यहां के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर टॉप करेंगे। और, नेतरहाट अपनी बुलंदियों को फिर से छुएगा। 

 

सवाल- नेतरहाट विद्यालय में नामांकन के लिए बच्चे बहुत कम आ रहे हैं? 
जवाब-
निश्चित तौर पर यह चिंता का विषय है। जब से बिहार से झारखंड अलग हुआ है, यह सिकुड़ा है। इस वजह से भी बच्चों की संख्या घटी है। हमें सिर्फ झारखंड के बच्चों का ही नामांकन लेना है। पर, यह भी सही है कि झारखंड में अभी उतनी जागरूकता नहीं है, जितनी अपेक्षित है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अफसराें के माध्यम से हम गांव-गांव में बच्चाें तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। 

 

सवाल- इस बार टॉप 10 में नेतरहाट के 12 बच्चे हैं, जबकि इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की 18 छात्राएं, चुनौती में यहां भी चूके? 
जवाब-
यह प्रक्रिया चलते रहती है। इसको मैं चुनौती के रूप में नहीं देखता। हमारे 85 बच्चे एपियर हुए थे। ये सारे बच्चे सभी विषयों में डिस्टिंकशन के साथ पास हुए हैं। यह बहुत ही गर्व की बात है। 

 

सवाल- आपके आने के बाद नामांकन में सुविधा के लिए कोई विशेष पहल? 
जवाब-
इस बार हमने फॉर्म भरने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है। इस बार यह प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क है। किसी भी ड्राफ्ट या धन की जरूरत नहीं है। ऐसे में हमें विश्वास है कि इस बार नामांकन परीक्षा में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। 

 

सवाल- इस विद्यालय की स्थापना की अवधारणा को आप किस रूप में देखते हैं? 
जवाब-
यहां पर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हम काम करते हैं। बच्चों के आत्मबल और उनके आत्मसम्मान को हम एक नई ऊंचाई देते हैं, ताकि वे देश के विकास में अपनी महती भूमिका निभा सकें। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पढ़ाई के माध्यम से पूरे वर्ष यह सतत प्रक्रिया चलती रहती है। नेतरहाट अपने आप में एक गैलेक्सी है। यहां जिस तरह से बच्चों की ग्रूमिंग की जाती है, ओवरऑल डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाता है, वह देश के किसी कोने में नहीं मिलता है। 

 

सवाल- नेतरहाट की तर्ज पर राज्य में तीन और विद्यालय खोले गए हैं, क्या वहां पर भी ऐसा वातावरण कायम हो पा रहा है? 
जवाब-
सरकार ने बेहतर प्रयास शुरू किए हैं। अभी यह शुरुआत है। हमसे वे लोग हमेशा मार्गदर्शन लेते रहते हैं। हमारा इतिहास स्वर्णिम रहा है और वर्तमान भी अनूठा है। हम अपने अनुभवों का लाभ इन विद्यालयों को दे रहे हैं ताकि नेतरहाट की तरह ही ये विद्यालय भी नाम कमा सके। 

 

सवाल- नेतरहाट विद्यालय समिति अपने कार्यों में कितना खरा उतरी? 
जवाब-
समिति बहुत ही अच्छा काम कर रही है। नए-नए शिक्षक आए हैं। ये सभी बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं। 

 

सवाल- विद्यालय पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते रहे हैं... 
जवाब-
जब से मैं आया हूं, पूरी पारदर्शिता बरती है। कहीं से किसी भी तरह से एक पैसे के लेन में भी कोई चूक नहीं है। आप जब भी चाहें, हमारे यहां आकर इन सब चीजों को देख सकते हैं। 

 

सवाल- सरकार ने आपसे कुछ क्वेरी की है ... 
जवाब :
सरकार ने कुछ पहलू की जांच करने के लिए पत्र भेजा है। समिति के गठन से लेकर अब तक की कतिपय विवरणियों की मांग हुई है। वह डाटा तैयार किए जा रहे हैं।
 

COMMENT

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543