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वह पानी भी भरती है तो हैंडपंप धोकर इस्तेमाल करते हैं लोग...क्योंकि उसके साथ 5 लड़कों ने गैंगरेप किया था

16 साल की पीड़िता की 2 साल की बेटी...ग्रामीण इसे 'पांचाली' कहते हैं

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 02:32 PM IST
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ये सामाजिक बहिष्कार का चेहरा है...मगर हैंडपंप धो रहीं महिलाओं के चेहरे हमने छुपाए हैं, क्योंकि ये असली आरोपी नहीं। असली दोषी तो इनके पीछे खड़े वो दबंग हैं जिनके खौफ की वजह से परी के गांव का हर परिवार चाहते या न चाहते हुए भी बहिष्कार के लिए मजबूर है।

रांची (झारखंड). आज पूरी दुनिया में 'मी टू' कैंपेन के जरिये महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण के मामलों को उजागर करने का साहसपूर्ण कदम उठा रही हैं। ऐसे में भास्कर टीम उन युवतियों-किशोरियों का हाल जानने निकली जिन्होंने रेप के बाद हिम्मत दिखाई और अपराधियों को पुलिस और कचहरी तक पहुंचाया। दैनिक भास्कर टीम की 45 दिन की पड़ताल। पुलिस रिकॉर्ड से हमने रेप के 300 से अधिक केस की स्टडी की। इनमें 62 ऐसे केस चुने, जो अपने-अपने क्षेत्रों में काफी चर्चित रहे। इन सभी मामलों में पीड़िताओं से भास्कर टीम ने बात की...उनका हाल जाना। एक महीने की पड़ताल के बाद हम ये कह सकते हैं कि असली अपराध तो रेप का केस दर्ज होने के बाद शुरू होता है। हमारे बीचों-बीच हो रहे रेप से भी कहीं बड़े इस अपराध पर विशेष रिपोर्ट...

झकझोरकर रख देने वाली पीड़िता की कहानी...

परी (काल्पनिक नाम) 16 साल की है। ढाई वर्षों से घर में कैद है। बेहद कम बोलती है। स्कूल छूट चुका है क्योंकि वहां के टीचर उसे क्लास में बाकी बच्चों के बीच नहीं रखना चाहते। घर से कुछ दूरी पर हैंडपंप से पानी भरने से भी लोग मना करते हैं। अगर वह पानी भर ले तो दूसरे लोग पहले हैंडपंप को धुलते हैं फिर पानी भरते हैं। यह सब इसलिए क्योंकि परी के साथ गांव के ही पांच लड़कों ने गैंगरेप किया था। विडंबना ये है कि अछूतों जैसा व्यवहार करने वालों में वे लोग भी हैं जिनके बेटों ने परी के साथ गलत किया। कानून के अनुसार, सजा दुष्कर्मियों को मिलनी चाहिए। लेकिन समाज की नजर में दोषी परी है।

रेप के बाद जन्मी परी की बच्ची को आंगनबाड़ी सेविकाओं ने पोलियो समेत जन्म के बाद के जरूरी टीके तक नहीं दिए। कहा कि बच्ची के पिता का नाम नहीं है। परी के साथ रेप करने वाले लड़के तो सिर्फ डेढ़ महीने में जेल से छूट गए। परी को जैसे प्रताड़ना के आजीवन कारावास की सजा दे दी गई। घटना रांची के चान्हो थाना क्षेत्र के एक गांव की है। 2015 में पांच लड़कों ने परी को अगवा कर गैंगरेप किया। तब वह 13 साल की थी। पास के ही स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ती थी। आरोपियों में से चार तो उसके साथ ही पढ़ते थे। सभी आस-पास ही रहते हैं। अपराधियों के परिजन भी परी का बहिष्कार करने वालों में शामिल हैं।

सारे अपराधी जुवेनाइल थे... डेढ़ माह में जेल से बाहर आ गए

परी के केस में आरोपी गिरफ्तार तो हुए, मगर सभी जुवेनाइल थे। सिर्फ डेढ़ महीने बाद छूट गए। जेल से छूटने के बाद आरोपियों ने एक बार परी को जान से मारने की भी कोशिश की। अब भी लड़के धमकियां देते हैं।

2 साल की बेटी...ग्रामीण पांचाली कहते हैं

रेप के कारण परी गर्भवती हो गई। अभी उसकी दो साल की बेटी है। गांव के कई लोग बच्ची को पांचाली कह कर बुलाते हैं.. क्योंकि पांच लड़कों ने गैंगरेप किया था।

5 साल से बड़ी बहन के ससुराल में रहती है

परी सात बहनों में सबसे छोटी है। माता-पिता नहीं हैं। 5 साल से बड़ी बहन के ससुराल में रह रही है। डर से परी ने घटना के बारे में घर पर कुछ नहीं कहा। घरवालों को तब पता चला जब वह करीब 6 महीने की प्रेग्नेंट थी।

डेढ़ साल पहले आदेश...मुआवजा नहीं मिला

परी को मुआवजा देने का आदेश 10 जनवरी 2017 को दिया गया था। अब तक नहीं मिला है। कुछ दिनों पहले आश्वासन मिला है कि जल्दी ही मुआवजा मिल जाएगा।

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