झारखंड / झाविमो के भाजपा में विलय काे चुनाव आयोग की मंजूरी, बाबूलाल ने कहा- सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो) बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो)
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बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो)बाबूलाल मरांडी। (फाइल फोटो)

  • बाबूलाल मरांडी ने 17 फरवरी को झाविमो का भाजपा में विलय कर खुद भी हुए थे शामिल
  • झाविमो के विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव 17 फरवरी को ही कांग्रेस में हुए थे शामिल

दैनिक भास्कर

Mar 07, 2020, 01:20 PM IST

रांची. केंद्रीय चुनाव आयोग ने झाविमाे के भाजपा में विलय काे मंजूरी दे दी है। आयोग के सचिव दिलीप वर्मा ने इसका आदेश जारी कर दिया है। इसमें झाविमाे काे अस्तित्वहीन मानते हुए उसका चुनाव चिह्न कंघी काे जब्त कर लिया गया। बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को एक ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम अब झारखंड में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा चुनाव आयोग के इस निर्णय के आलोक में झारखंड विधानसभा के स्पीकर को भी तुरंत बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता घोषित करना चाहिए।


बाबूलाल ने ट्वीट किया-

17 फरवरी को भाजपा में शामिल हुए थे बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी 14 साल बाद 17 फरवरी को भाजपा में शामिल हो गए थे। धुर्वा स्थित जगन्नाथ मैदान में महामिलन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भाजपा में शामिल कराया था। इसके साथ ही बाबूलाल ने अपनी पार्टी झाविमो के भी भाजपा में विलय की घोषणा की थी। 17 फरवरी की शाम को ही नई दिल्ली में झाविमाे से निष्कासित दाेनाें विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव कांग्रेस में शामिल हाे गए थे। 

2006 में भाजपा से अलग हो गए थे बाबूलाल

2000 में झारखंड प्रदेश के अस्तित्व में आने के बाद बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। पार्टी में अंदरुनी कलह और कई मुद्दों पर मतभेद के चलते 2003 में प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन कर बाबूलाल को मुख्यमंत्री पद से हटाकर अर्जुन मुंडा को गद्दी सौंप दी गई थी। इसके बाद कई मौके पर बाबूलाल मरांडी ने अपनी नाराजगी जताई थी। आखिरकार 2006 में बाबूलाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और अलग पार्टी बना ली। हालांकि 14 साल में उनकी पार्टी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और लगातार गिरता गया। 2009, 2014 और 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी को 11, आठ और तीन सीटों पर ही जीत मिली। वहीं 2009 के लोकसभा चुनाव में एक सीट, 2011 में जमशेदपुर सीट पर हुए लोकसभा उपचुनाव में एक सीट पर पार्टी ने जीत हासिल की।

झाविमो का सफर

2 मई 2006 को बाबूलाल मरांडी ने भाजपा छोड़ी। 8 जनवरी 2007 को राजनीतिक दल के रूप में झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक का रजिस्ट्रेशन हुआ। 3 अक्टूबर 2007 को भारत निर्वाचन आयोग में पार्टी की ओर से आवेदन किया गया। 11 जून 2009 को निर्वाचन आयोग ने राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता दी। 24 जुलाई 2009 को चुनाव आयोग ने पार्टी काे कंघी चुनाव चिह्न आवंटित किया। 11 फरवरी 2020 को झाविमाे की केंद्रीय कार्यसमिति ने भाजपा में विलय का प्रस्ताव पास किया। 17 फरवरी 2020 को बाबूलाल मरांडी ने झाविमो का भाजपा में विलय कर अमित शाह की उपस्थिति में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी।

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