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रांची में पहली बार हुआ ब्लाइंड फोल्डेड रन, भरोसे और मदद की सीख दे गया

रांची में पहली बार ब्लाइंड फोल्डेड रन हुआ। खेलगांव में हुए रन में पांच स्कूलों के करीब एक हजार बच्चों ने भाग लिया,...

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2018, 03:41 AM IST
Ranchi - रांची में पहली बार हुआ ब्लाइंड फोल्डेड रन, भरोसे और मदद की सीख दे गया
रांची में पहली बार ब्लाइंड फोल्डेड रन हुआ। खेलगांव में हुए रन में पांच स्कूलों के करीब एक हजार बच्चों ने भाग लिया, जिसमें नेत्रहीन बच्चे भी शामिल थे। रन फॉर विजन नामक इस कार्यक्रम का आयोजन कश्यप मेमोरियल आई बैंक एवं आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब की ओर से किया गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू थीं। इस रन में ब्लाइंड और नार्मल बच्चों ने एकसाथ दौड़ लगाई। ब्लाइंड बच्चों की आंखों पर काली पट्टी बांधी गई, जिन्हें नार्मल विजन वाले बच्चों का भरपूर साथ मिला। नेत्रहीन बच्चों ने कहा- पहली दफा विजनवाले बच्चों का साथ मिला, तो लगा हम भी कुछ अलग कर सकते हैं।

विजेता बच्चों को सम्मानित करतीं राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू व डॉ. भारती कश्यप।

क्या है ब्लाइंड फोल्ड रन : दौड़ में भाग लेने वाले प्रतिभागी पेयर में एक साथ दौड़ते हैं, जिसमें से एक प्रतिभागी की आंखों में ब्लाइंड फोल्ड यानी काली पट्टी लगी होती है। उसे बिना पट्टी वाला बच्चा एक समान गति से ट्रैक पर सही दिशा में दौड़ने में मदद करता है। इससे आपसी सहयोग की प्रवृत्ति विकसित होती है।

क्यों बांधी जाती है आंखों पर पट्टी?

ब्लाइंड बच्चों को दो भागों में बांटा जाता है। B1 और B3 । B1 बच्चे वो होते हैं, जिन्हें बिल्कुल ही कुछ भी नहीं दिखता, जबकि B3 के बच्चों को थोड़ा - थोड़ा दिखता है। B 3 श्रेणी के बच्चे B1 श्रेणी के बच्चों में न सम्मिलित हो पाएं, इसलिए उनकी आंखों पर काली पटी लगाई जाती है।

राज्यपाल और हेल्थ मिनिस्टर ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह

खेलगांव के बिरसा मुंडा एथेलेटिक्स स्टेडियम में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चन्द्रवंशी ने दौड़ को रंग बिरंगे बलूनों को आसमान में उड़ाते हुए रवाना किया। दोनों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया। साथ ही जरूरतमंदों के लिए लोगों से नेत्रदान करने की अपील भी की। लोगों का स्वागत पर्यटन सचिव मनीष रंजन ने किया। मौके पर नेत्रदान करने बाले 14 परिवारों को राज्यपाल एवं स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मानित किया।

इस साल दान में मिलीं 33 आंखें, पांच कॉर्निया

कश्यप मेमोरियल आई बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डाॅ. भारती कश्यप ने बताया कि बताया कि इस वर्ष दान स्वरूप 28 एवं नेशनल आई बैंक के कॉर्निया डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम से बैंक को 5 कॉर्निया मिलीं हैं। कुल 33 आंखें बैंक को मिली हैं और 33 नेत्र प्रत्यारोपण किए गए हैं। बड़ी उपलब्धि ये रही कि ब्लाइंड स्कूल के बच्चों को ब्रेल लिपि से पढ़ना छुड़ाया गया और उन्हें नॉर्मल बच्चों जैसा पढ़ना सिखाया गया।

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