बोकारो रेलवे स्टेशन / आकर्षण का केंद्र बना वर्टिकल गार्डेन, फेंकी गई प्लास्टिक बोतलों का हुआ इस्तेमाल

एक माह पूर्व प्लेटफार्म नंबर-दो पर लगा तीन सौ बोतलों का वर्टिकल गार्डेन। एक माह पूर्व प्लेटफार्म नंबर-दो पर लगा तीन सौ बोतलों का वर्टिकल गार्डेन।
पौधों पर एक-दो दिन के अंतराल में पानी डाला जाता है, जो धीरे-धीरे नीचे की बोतलों में पहुंच जाता है। पौधों पर एक-दो दिन के अंतराल में पानी डाला जाता है, जो धीरे-धीरे नीचे की बोतलों में पहुंच जाता है।
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एक माह पूर्व प्लेटफार्म नंबर-दो पर लगा तीन सौ बोतलों का वर्टिकल गार्डेन।एक माह पूर्व प्लेटफार्म नंबर-दो पर लगा तीन सौ बोतलों का वर्टिकल गार्डेन।
पौधों पर एक-दो दिन के अंतराल में पानी डाला जाता है, जो धीरे-धीरे नीचे की बोतलों में पहुंच जाता है।पौधों पर एक-दो दिन के अंतराल में पानी डाला जाता है, जो धीरे-धीरे नीचे की बोतलों में पहुंच जाता है।

  • रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट कर की बोकारो रेलवे स्टेशन की सराहना
  • प्लेटफॉर्म एक व दो पर बोतलों में लगाए गए हैं रंग-बिरंगे पौधे

दैनिक भास्कर

Feb 27, 2020, 11:33 AM IST

बोकारो.  रेलवे स्टेशन की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ प्लेटफॉर्म पर आने-जाने वाले यात्रियों को हरियाली का आनंद देने के उद्देश्य से खाली बोतलों से तैयार किया गया वर्टिकल गार्डेन इन दिनों लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना है। इसे अब राष्ट्रीय ख्याति भी मिल चुकी है। रेल मंत्रालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से बुधवार को ट्वीट कर इस बोतल वानिकी की विशेष रूप से सराहना की है।

इस वर्टिकल गार्डेन में सुंदर दिखने वाले कई शो प्लांट शीतल पेय की दो लीटर वाली बेकार बोतलों को काटकर लगाए गए हैं। अपने पोस्ट में मिनिस्ट्री आफ रेलवेज ने लिखा है, "दक्षिण पूर्व रेल के बोकारो स्टील सिटी रेलवे स्टेशन पर खाली बोतलों को अनूठे तरीके से उपयोग करते हुए वर्टिकल गार्डेन बनाया गया है। साथ ही स्टेशन पर सुंदर नर्सरी भी बनाई गई है।’

ऊपरी हिस्सों के पौधों में हर दिन डाला जाता है पानी
वर्टिकल गार्डेन के सबसे ऊपरी हिस्से में लगी बोतलों में पौधों पर एक-दो दिन के अंतराल में पानी डाला जाता है, जो धीरे-धीरे नीचे की बोतलों में पहुंच जाता है। वहीं, पार्क में हर दिन पानी का पटवन किया जाता है। एक और दो नंबर प्लेटफॉर्म पर बने वर्टिकल गार्डेन के साथ-साथ एक नंबर प्लेटफॉर्म के अंतिम छोर पर बनी महात्मा गांधी नर्सरी भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है।

4 माह पहले प्लेटफॉर्म-1 से हुई थी शुरुआत
स्टेशन प्रबंधक एके हलधर ने बताया कि करीब चार माह पूर्व खाली बोतलों के उपयोग को लेकर आपस में चर्चा चल रही थी। इस पर क्षेत्रीय रेल प्रबंधक प्रभात कुमार से बात की गई। उन्होंने ही यह तरीका सुझाया। चार माह पूर्व इसका पहला प्रयोग एक नंबर प्लेटफॉर्म पर शुरू किया। दो लीटर वाली कोल्ड ड्रिंक की बोतलों को स्टेशन के डस्टबिन से खोजना शुरू किया गया। 80 बोतलों के जमा होने पर उन सभी बोतलों को काटकर वर्टिकल तरीके से मिट्टी डालकर उनमें पौधरोपण किया गया। इसके बाद दो नंबर प्लेटफॉर्म पर भी 300 बोतलों का दूसरा और बड़ा वर्टिकल गार्डेन बनाया गया है।

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