हादसा / बस ने ओवरटेक करने में कार को मारी टक्कर; दो की मौत, 30 घायल, 8 गंभीर

घटनास्थल पर जुटी भीड़। घटनास्थल पर जुटी भीड़।
दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहन व जुटी भीड़। दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहन व जुटी भीड़।
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घटनास्थल पर जुटी भीड़।घटनास्थल पर जुटी भीड़।
दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहन व जुटी भीड़।दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहन व जुटी भीड़।

  • दो बार हादसे से बची बस तीसरी बार ट्रक से भिड़ी, घायलों खूंटी के 14, रांची के 4 जख्मी
  • रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में 25 घायल एडमिट, गुमला और सिमडेगा के यात्री भी थे
  • दाे घंटे तक ट्रक में फंसा रहा ड्राइवर, गैस कटर से दरवाजा काटकर निकाला गया

दैनिक भास्कर

Feb 22, 2020, 10:31 AM IST

खूंटी/रांची. खूंटी-रांची मुख्य मार्ग पर टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर, फूदी के पास शुक्रवार दाेपहर करीब डेढ़ बजे बस अाैर ट्रक में सीधी भिड़ंत हाे गई। दुर्घटना में खूंटी के मनसिद्ध टाेपनो और हजारीबाग की पूनम रजक की माैत हाे गई, जबकि 30 यात्री घायल हाे गए। गंभीर रूप से घायल हुए 25 यात्रियाें काे रिम्स भेजा गया है, जिनमें 8 की हालत नाजुक है। उनका ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। वहीं 6 घायल यात्री खूंटी सदर अस्पताल में भर्ती हैं।

प्रत्यक्षदर्शियाें के अनुसार, बस पर 45 से अधिक यात्री सवार थे। ड्राइवर तेज गति में बस चला रहा था। खूंटी में बस एक कार काे अाेवरटेक कर रही थी िक सामने से ट्रक अा गया, जिससे सीधी भिड़ंत हाे गई। टक्कर इतनी जाेरदार थी कि बस अाैर ट्रक के परखच्चे उड़ गए। स्थानीय लाेगाें ने कोबरा जवानाें की मदद से घायलाें काे बाहर निकाला अाैर सदर अस्पताल भिजवाया गया। वहां से 25 यात्रियाें काे एंबुलेंस से रिम्स भेजा गया। रांची ले जाने के क्रम में यात्री मनसिद्ध की माैत हाे गई। हादसे के बाद सड़क जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने जेसीबी की सहायता से गाड़ियाें काे सड़क के किनारे किया। दोपहर तीन बजे आवागमन चालू हुअा।

दुर्घटना में घायल यात्री
खूंटी के रूबेन गुड़िया (28), सुषमा तोपनो (42), अनाथासिया तोपनो (40),अमित नाग (25), गुरूदयाल टूटी(32), संजीव (50), जमील अंसारी (50), सरस्वती कुमारी (23), अाशिषा गुड़िया (35), देतू मुंडा (55), अनिल भेंगरा (28), एराॅन गुड़िया (35) आशुतोष सिंह (35), तोरपा के संदीप गुड़िया (20), रांची हेसाग के नारायण मुंडा (49), धुर्वा के संजय सिंह (32), नगड़ी के नितेश कुमार (12) और संगीता देवी, साहेबगंज के संजय पंडित (30), हजारीबाग के महेंद्र सिंह (24)।

फंसे ड्राइवर काे सांस लेने में परेशानी हाे रही थी, सर्वाइकल काॅलर नहीं पहनाती तो वह जिंदा नहीं बचता : सोफियान
हादसे के बाद महाराष्ट्र नवलपुर का ट्रक चालक संदीप पाटिल डेढ़ घंटे गाड़ी में फंसा रहा। उसे निकालने के लिए पुलिस ने गैस कटर मंगवाया। ट्रक का दरवाजा काटा जा रहा था। ड्राइवर दर्द से कराह रहा था। तभी भीड़ से एक विदेशी युवती अाई। युवती ने अपना नाम साेफियान बताया। वह अमेरिका के लुसियाना शहर की रहने वाली है। साेफियान ने वहां माैजूद मेडिकल टीम से सर्वाइकल काॅलर लिया अाैर जान की परवाह किए बगैर ट्रक पर चढ़ गई। उसने घायल चालक काे सर्वाइकल काॅलर पहनाया। फिर ड्राइवर काे सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। वह एंबुलेंस से खूंटी सदर अस्पताल भी गई।

प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी: ड्राइवर रांची से ही तेज गति में चला रहा था बस
सदर अस्पताल खूंटी में भर्ती नगड़ी की संगीता देवी ने बताया कि बस का चालक रांची से ही तेज गति में गाड़ी चला रहा था। बस दाे बार दुर्घटना से बची। खूंटी में विपरीत दिशा से ट्रक अा रहा था। फिर भी बस ड्राइवर ने दूसरी गाड़ी काे ओवरटेक करने की काेशिश की। अचानक तेज अावाज हुई अाैर काेहराम मच गया। मेरी भी अांखें बंद हाे गई थी। हाेश अाया ताे बस में चीख-पुकार मची थी। यहां के लाेग अाैर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। ये भगवान की कृपा है कि जान बच गई। साेफियान ने भास्कर को बताया कि मैं गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी अाैर अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप का कार्यक्रम देखने भारत अाई हूं। झारखंड की खूबसूरती के बारे में सुना था, इसलिए यहां घूमने चली अाई।

गैस कटर से दरवाजा काट ड्राइवर को निकाला गया... डेढ़ घंटे रोड जाम
खूंटी-रांची मुख्य मार्ग पर टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर के पास रांची से रनिया जा रही गुड़िया बस अाैर ट्रक की सीधी टक्कर में खूंटी मैदान टाेली के मनसिद्ध टाेपनाे समेत दाे यात्रियाें की माैत हाे गई। हादसे में 30 लाेग घायल हुए। इनमें से 24 घायलाें काे रिम्स रांची भेजा गया है।

हादसे में कई घायलाें की जानें स्थानीय लाेग अाैर 209 काेबरा बटालियन के जवानाें ने बचाई। उन्हें बस से निकाला अाैर सदर अस्पताल भिजवाया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टक्कर इतनी जाेरदार थी कि ट्रक चालक संदीप पाटिल डेढ़ घंटे तक गाड़ी में फंसा रहा। महाराष्ट्र नवलनगर के रहने वाले संदीप पाटिल की हालत एेसी थी कि वह हिलडुल नहीं सकता था। उसे निकालने के लिए पुलिस प्रशासन ने गैस कटर मंगवाया। ट्रक काे काटकर उसे निकाला गया। इस दाैरान दाेपहर 1.30 से तीन बजे तक डेढ़ घंटे जाम लगा रहा। प्रत्यक्षदर्शियाें के अनुसार, बस चालक की गलती के कारण दुर्घटना हुई है। 

सूचना पाकर उपायुक्त सूरज कुमार, एसपी आशुतोष शेखर, एसडीएम प्रणव कुमार पाल, एसडीपीओ आशीष कुमार महली, आईटीडीए परियोजना निदेशक हेमंत सती समेत पुलिस अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्हाेंने घायलों का इलाज शुरू करवाया। सदर अस्पताल में यहां के डाॅक्टराें के अलावा निजी अस्पताल के चिकित्सकों को बुलाया गया। विहिप, बजरंग दल, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने भी घायलों की सेवा की। एसपी ने घायलों की मदद के लिए अतिरिक्त पुलिस के जवानों को भी सदर अस्पताल बुलाया। इसके बाद घायलाें काे विभिन्न संस्था की एंबुलेंस से रिम्स भेजा गया।

अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी ने खूंटी बस दुर्घटना में घायल लोगों से रिम्स में मुलाकात की
खूंटी में बस दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मिलने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, भाजपा के वरीय नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, प्रदेश भाजपा महामंत्री दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा आदि शुक्रवार शाम रिम्स पहुंचे। भाजपा नेताओं ने घायल लोगों का हाल-चाल जाना। उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी भेंट कर अच्छे उपचार के लिए दिशा निर्देश दिया।

उधर, रिम्स निदेशक की सक्रियता के बाद भी इमर्जेंसी से ट्रामा सेंटर तक घायलों को नहीं ले जा रहे थे रिम्स कर्मी
रांची-खूंटी मार्ग पर टीटीसी फूदी के पास हुए बस-ट्रक के बीच टक्कर में कई लोगों के घायल हाेने की सूचना पर रिम्स निदेशक डीके सिंह खुद काफी सक्रिय दिखे लेकिन इसका असर वहां के कर्मियों पर नहीं दिखा। घायल मरीज के परिजन इमर्जेंसी विभाग में लगातार परेशान दिखे। घायलों का इलाज कर रहे जूनियर डॉक्टर व नर्स के अलावा वहां तैनात अन्य कोई रिम्सकर्मी घायलों की सहायता के लिए तैयार नहीं थे। रिम्स के गार्ड सिर्फ मरीज के परिजनों को मौके से भगाने में ही व्यस्त दिखे। दुर्घटना में घायल एक यात्री के परिजन तो इतना ज्यादा परेशान हो गए कि वे खुद ही अपने मरीज को लगा स्लाइन का बाेतल हाथ में पकड़कर वहां से ट्रामा सेंटर के लिए निकल गए। 

इस दाैरान मरीज के मुंह से खून निकल रहा था जिसे घायल मरीज खुद अपने हाथ से रोकने का प्रयास कर रहा था। अस्पताल परिसर के बाहर मरीज को इस हालत में लेकर जाता देख वहां माैजूद कुछ लोगों ने एंबुलेंस को बुलाया जिसके बाद पीछे से मरीज के पास एंबुलेंस पहुंची अाैर उसके लेकर ट्रामा सेंटर पहुंची। घायल यात्री की बहन अनामिका गुड़िया ने बताया कि उसका भाई रांची में ही कोचिंग करता है। वह कोचिंग से ताेरपा स्थित अपने घर लाैट रहा था, इसी दाैरान रास्ते में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

ट्राॅमा सेंटर में मरीज को छोड़ अन्य किसी को जाने की नहीं थी अनुमति 
ट्रॉमा सेंटर में मरीज के अलावा अन्य किसी को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। ट्रॉमा सेंटर के मुख्य दरवाजे पर रिम्स निदेशक मौजूद थे।

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