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धोनी का चालान काटने वाले एसपी को मिलेगा अवार्ड, आग में कूद बचाई थी जान

धोनी का चालान काटने वाले एसपी को मिलेगा अवार्ड, आग में कूद बचाई थी जान

Animesh Nachiketa | Last Modified - Nov 11, 2017, 11:57 AM IST

रांची (झारखंड)।टीम इंडिया के क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का ट्रैफिक चालान काटने वाले आईपीएस ऑफिस कार्तिक एस को जीवनरक्षक पदक देने की अनुशंसा की गई है। पुलिस हेडक्वार्टर ने राज्य सरकार से यह अनुशंसा की है। 2010 बैच के आईपीएस ऑफिसर और वर्तमान में लोहरदगा जिले के एसपी कार्तिक एस ने 17 अप्रैल 2016 की रात अपनी जान जोखिम में डालकर जलती हुई आग में कूदते हुए एक युवक को बचा लिया था। बच्चे की बलि देने की उड़ी थी अफवाह...

- 17 अप्रैल की रात लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के एक गांव में बच्चे की बलि देने की अफवाह फैली। इसके बाद लोगों ने एक युवक गोवर्धन का घर घेर लिया।

- ग्रामीणों ने अफवाह को सच मानते हुए युवक के घर में परिवार के सदस्यों को बंद करने के बाद आग लगा दी।

- इसकी जानकारी मिलते ही एसपी कार्तिक एस दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और अपनी जान पर खेलकर एक युवक को बचा लिया।

- एसपी खुद आग लगे हुए घर में घुसे और गोवर्धन को जलने से बचाया। हालांकि इस घटना में इलाज के दौरान तीन लोगों की जलने से मौत हो गई थी।

ट्रैफिक एसपी रहते काटा था धोनी का चालान

- एसपी कार्तिक एस जब रांची के ट्रैफिक एसपी थे तक उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी का ट्रैफिक चालान काटा था। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी पर ट्रैफिक नियम तोड़ने के चलते 450 रुपए का जुर्माना भी लगाया था।
- आठ अप्रैल 2015 को धोनी अपनी विंटेज बुलेट बीएसए गोल्ड स्टार पर रांची की सड़कों पर निकले थे। उनका नंबर प्लेट सही जगह पर नहीं होकर मडगार्ड पर लिखा हुआ था। इसी के चलते उनका चालान काटा गया था।

- एसपी ने अखबारों में धोनी की फोटो देखी, जिसके बाद उन्होंने ट्रैफिक थाने के इंचार्ज को धोनी के घर फाइन की रसीद लेकर भेजा।

- उस समय धोनी आईपीएल खेलने के लिए रांची से रवाना हो चुके थे। ऐसे में धोनी के पिता पान सिंह ने फाइन की राशि भरी थी।

नक्सलियों की तलाश में ढूंढ़ निकाला था फॉल

- एसपी कार्तिक एस ने लोहरदगा के पेशरार के पास पहाड़ी पर स्थित केकरांग फॉल को ढूंढ निकाला था। एसपी नक्सलियों की तलाश में निकले थे। इसी दौरान उन्हें यह फॉल मिला था।

- इस इलाके में लोग नक्सलियों के डर से नहीं आते थे। लोहरदगा जिला मुख्यालय से 13 किमी दूर किस्को के रास्ते पेशरार के पास यह केकरांग फॉल पहाड़ी पर स्थित है।

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