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अडाणी पावर के लिए १७५ एकड़ अधिग्रहित भूमि हस्तांतरित, मुख्य सचिव ने सौंपा प्रपत्र

अडाणी पावर के लिए १७५ एकड़ अधिग्रहित भूमि हस्तांतरित, मुख्य सचिव ने सौंपा प्रपत्र

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 05:38 PM IST
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने मं मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने मं

रांची। मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि अडानी पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 1600 मेगावाट के पावर प्लांट की स्थापना से न केवल गोड्डा का विकास होगा बल्कि पूरे झारखंड को 400 मेगावाट बिजली भी मिलेगी। उन्होंने टीम झारखंड को बधाई देते हुए कहा कि मात्र दस महीने में कठिन परिश्रम कर 970 एकड़ भूमि के विरूद्ध 174.84 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर हस्तांतरण की प्रक्रिया आज पूरी की गई है। उन्होंने मंगलवार को अडाणी पावर लिमिटेड के सीइओ राजेश झा को 174.84 एकड़ भूमि का प्रपत्र सौंपा और उम्मीद जताई कि कंपनी द्वारा जल्द ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

गोड्डा के लोगों में इस प्रोजेक्ट को लेकर है काफी उत्साह
राजबाला वर्मा ने कहा कि इस पावर प्लांट से जहां 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, 15000 करोड़ रुपए का निवेश प्रथम चरण में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 970 एकड़ भूमि अर्जन के विरूद्ध 174.84 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है तथा बाकी भूमि को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जाएगी। इस अवसर पर अडाणी पावर लिमिटेड के सीईओ राजेश झा ने कहा कि प्रदूषण से शत प्रतिशत मुक्त यह विश्व का ऐसा पावर प्लांट होगा, जहां किसी प्रकार की पर्यावरणीय क्षति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय रैयतों की इच्छा के अनुरूप ही भूमि का अधिग्रहण निहित प्रावधानों के अनुसार किया गया है तथा गोड्डा के लोगों में इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह है। उन्होंनेे झारखंड की ऊर्जा नीति को देश का बेहतर ऊर्जा नीति बताया। स्थानीय प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द ही गोड्डा ग्लोबल मैप पर आयेगा तथा कुल उत्पादन की 25 फीसदी बिजली से झारखंड रौशन होगा।

रैयतों की सहमति से जमीन का हुआ अर्जन
गोड्डा के डीसी भुवनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पावर प्लांट के लिए 174.84 एकड़ भूमि अधिग्रहण का कार्य 5-6 माह में पूरा किया गया है तथा 5-6 दिनों में करीब 54 करोड़ रुपए की राशि का वितरण रैयतों के बीच किया गया है। मोतिया ग्राम की भूमि का अधिग्रहण एवं हस्तांतरण किया जा रहा है तथा रैयतों की सहमति से जमीन का अर्जन किया गया है। इस अवसर पर सचिव भू-राजस्व एवं निबंधन विभाग केके सोन, सहित अडाणी पावर लिमिटेड के पदाधिकारी उपस्थित थे।