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बहन से लवमैरिज की तो पिता ने प्रॉपर्टी से किया बेदखल, बेटे ने यूं लिया बदला

बहन से लवमैरिज की तो पिता ने प्रॉपर्टी से किया बेदखल, बेटे ने यूं लिया बदला

Gupteshwar Kumar | Last Modified - Dec 09, 2017, 02:34 PM IST

गुमला (झारखंड)। यहां के चर्चित ईंट भट्ठा व्यवसायी श्यामलाल प्रसाद हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। 8 जुलाई को संपत्ति के लालच में व्यवसायी के बड़े बेटे ने ही सुपारी देकर उनकी हत्या करवा दी थी। वजह थी बेटे द्वारा अपनी मौसेरी बहन से शादी करने के बाद संपत्ति से बेदखल कर दिया जाना। खास बात यह थी कि श्यामलाल के पोस्टमार्टम और अस्थि विसर्जन तक के कार्यक्रम में आरोपी बेटा शामिल हुआ था।

हत्या के 5 माह पूरे हो जाने के बाद भी हत्या का मर्डर का मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में Crime सीरीज के तहत हम आपको बता रहे हैं श्यामलाल प्रसाद हत्याकांड की कहानी।

-पुलिस ने घटना में शामिल प्रदीप और चेतक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि अाज तक मृतक के बड़े बेटे को पुलिस अरेस्ट नहीं कर सकी है।
-पुलिस के अनुसार हत्याकांड के मुख्य आरोपी रुपेश लाल ने 2012 में अपनी मौसी की बेटी रानी लाल से लव मैरिज की थी। यह शादी समाज के बीच काफी सुर्खियों में रही थी।
-इस विवाह का पिता श्यामलाल और परिवार के अन्य सदस्यों ने विरोध किया था। शादी के बाद ही पिता ने रुपेश को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था।
-इसके बाद रुपेश पत्नी रानी के साथ शहर में ही एक किराए के मकान में रह रहा था। इधर, सम्पति से बेदखल किए जाने के बाद रुपेश लाल और पिता श्यामलाल प्रसाद के बीच दरारें बढ़ती चली गई।
-इसके बाद रुपेश ने उन्हें रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। तय प्लान के अनुसार उसने शहर के एक ठेकेदार के पुत्र अनुज जायसवाल से संपर्क बढ़ाया।

5 लाख रुपए की सुपारी देकर पिता को मरवा डाला


-अनुज का एक नक्सली कमांडर शंकर प्रधान से सांठगाठ थी। अनुज ने रुपेश को शंकर प्रधान से मिलवाया। फिर 5 लाख रुपए की बतौर सुपारी मिलने पर शंकर ने श्यामलाल की हत्या करने की बात मान ली।
-शंकर ने चेतक मिश्रा और रांची रातू के शूटर प्रदीप गोप के साथ मिलकर 8 जुलाई की सुबह ईट भट्ठा के समीप गोली व कुल्हाड़ी से हमला कर श्यामलाल की हत्या कर दी।
-श्यामलाल की मौत के बाद जब शव को घर लाया गया तो रुपेश लाश से लिपट कर रोने लगा। इसके बाद रुपेश उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ।
-किसी को रुपेश पर शक ना हो इसलिए वो अस्थि विसर्जन के लिए बनारस भी गया। पर जब पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया तो वो फरार हाे गया, जिसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

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Web Title: bahn se lovemairij ki to pitaa ne proparti se kiyaa bedkhl, bete ne yun liyaa badla
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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