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सीजफायर उल्लंघन में BSF जवान शहीद, पत्नी ने कहा- सरकार दिखावा कर रही

शुक्रवार सुबह उनके शहीद होने की जानकारी मिलने के बाद से पूरा गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 07:44 PM IST

गिरिडीह(झारखंड)। जम्मू के आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से गुरुवार देर रात फायरिंग में बीएसएफ जवान सीताराम उपाध्याय (28) शहीद हो गए। सीताराम गिरिडीह पीरटांड थानाक्षेत्र के पालीगंज गांव के रहने वाले थे। शुक्रवार सुबह उनके शहीद होने की जानकारी मिलने के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी रोती पत्नी ने कहा- 'मुआवजा से क्या होगा, वो लौट कर आ जाएंगे क्या? सरकार दिखावा कर रही है। पाकिस्तान को जवाब मिलना चाहिए।'

2011 में ज्वॉइन किया था बीएसएफ
-शनिवार को सीताराम का अंतिम संस्कार किया जाएगा। सीताराम 2011 में सीमा सुरक्षा बल में शामिल हुए थे। उनकी एक तीन साल की बेटी और दो साल का बेटा है। 2 मई को ही छुट‌्टी के बाद सीताराम ने गिरिडीह से श्रीनगर ड्यूटी ज्वॉइन किया था।

रात में हुई थी पत्नी से बात
-सीताराम की पत्नी रेशमा उपाध्याय ने बताया कि उनसे गुरुवार की रात फोन पर बात हुई थी। कहा था सब ठीक है। उनकी ड्यूटी रात में थी। सुबह जानकारी मिली कि वो शहीद हो गए हैं। सीताराम के घर में उनके माता-पिता और बड़े भाई-भाभी रहते हैं।

-शहीद सीताराम की पत्नी ने कहा-अपने बेटे का मंडन कराकर 2 मई को वो ड्यूटी के लिए गए थे। जुलाई में आने वाले थे। मेरा सबकुछ छीन गया। मोदी सरकार की गलती है। दिखावा कर रही है सरकार। मुआवजा से क्या होगा? मेरे मासूम बच्चों के पिता लौट आएंगे क्या?

पूरा गांव गम में डूबा
-सीताराम के शहीद होने की सूचना के बाद से पूरा गांव गम में डूब गया है। उनके पिता देख नहीं सकते। इस घटना के बाद से वो बिल्कुल गुमसुम हो गए हैं। रह-रहकर उनके घर से रोने-चीखने की आवाज आ रही है। शहीद सीताराम का पार्थिव शरीर शनिवार को गिरिडीह पहुंचेगा। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार गांव में ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा-मुंह-तोड़ जवाब दिया जाएगा
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ट्वीट कर शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी और कहा- 'जम्मू-कश्मीर सीमा पर झारखंड के वीर सपूत सीताराम उपाध्याय देश की सरहद की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। ईश्वर उनके परिवार को ये असहनीय दुख सहने की शक्ति दे। पाकिस्तान की इस कायराना हरकत का मुंह-तोड़ जवाब दिया जाएगा। शहीद सीताराम जी को विनम्र श्रद्धांजलि।'

इस साल 17 जवानों समेत 33 की जान गई
- पाकिस्तान बार-बार सीजफायर तोड़कर गोलाबारी करता आया है। इस साल जनवरी और फरवरी में पाकिस्तान ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी फायरिंग की थी। तब यहां कई गांवों को खाली कराना पड़ा था।
- बता दें कि पाकिस्तान की फायरिंग में 700 लोगों की मौत हो चुकी है। जनवरी, 2018 से लेकर अब तक 33 लोगों की जान गई है। इनमें 17 जवान शामिल हैं।

केंद्र ने किया था रमजान में सीजफायर का ऐलान
- केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षाबलों को आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑरेशन पर रमजान में रोक लगाने के लिए कहा गया है। हालांकि इस दौरान अगर कोई हमला होता है तो सामान्य नागरिकों की जान बचा के लिए सुरक्षाबलों को पलटवार का अधिकार रहेगा।

अपने दोनों बच्चों के संग शहीद सीताराम उपाध्याय की पत्नी। अपने दोनों बच्चों के संग शहीद सीताराम उपाध्याय की पत्नी।