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स्वास्थ्य सचिव अवकाश पर, वन सचिव को अतिरिक्त प्रभार

स्वास्थ्य सचिव अवकाश पर, वन सचिव को अतिरिक्त प्रभार

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 07:16 PM IST

धनबाद (झारखंड)। यहां के मुगमा में मंगलवार की देर रात जोरदार विस्फोट हुआ। सबकी नींद उड़ गई। अनहोनी की आशंका में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सब जैसे सोए थे, उसी हाल में उठकर अपने-अपने घरों से भाग चले। भागते-भागते मुगमा स्टेशन पहुंच गए और वहीं शरण ली। सुबह पता चला, धमाके के साथ करीब 500 मीटर के दायरे में जमीन फट गई थी। इसकी जद में पानी से लबालब भरा एक तालाब भी अा गया। जमीन फटने से तालाब का पूरा पानी दरारों में समा गया। कोयले के अवैध उत्खनन के कारण हुई घटना...

- जिस तालाब को बस्ती में और आसपास रहनेवाले लोगों ने मंगलवार की शाम तक पूरी तरह से भरा हुआ देखा था, वह बुधवार तड़के सूखा नजर आया।
- ग्रामीणों ने जमीन फटने के लिए इलाके में वर्षों से चल रहे कोयले के अवैध उत्खनन को जिम्मेवार बताया है। ग्रामीण बताते हैं कि जहां जमीन फटी है, वहां पश्चिम बंगाल और जामताड़ा से मजदूरों को बुलाकर अवैध तरीके से कोयले का खनन कराया जाता है।
- इस गोरखधंधे में स्थानीय पुलिस और ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। उन्हें कोयला तस्करों से हर महीने बंधी-बंधाई रकम थमा दी जाती है।
- इसके एवज में वे अवैध खनन को संरक्षण देते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कोई उनकी सुनने वाला नहीं है। पुलिस-प्रशासन से शिकायत करने पर उल्टे उन्हें ही धमकाया जाता है।

20 वर्षों से बेरोक-टोक कोयले का हो रहा खनन

- ईसीएल के मुगमा क्षेत्र की मंडमन कोलियरी के बारे में कोयला कंपनी कहती है कि उसे बंद कर दिया गया है। हालांकि कोलियरी की मोची कटिंग से पिछले 20 वर्षों से बेरोक-टोक कोयले का खनन किया जा रहा है।
- ऐसा कंपनी के अफसरों, सुरक्षा एजेंसियों और कोयला चोरों की मिलीभगत से हो रहा है। इस वजह से उस इलाके की जमीन खोखली हो चुकी है।
- हाल के दिनों में ही बंद वीटी पंप के पास भी जोरदार आवाज के साथ जमीन में दरारें पड़ गई थीं। मंगलवार की देर रात भी ऐसा ही हुआ। 500 मीटर तक जमीन फट गई।
- जमीन फटने से पड़ी दरारों का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। यह शिवडंगाल बस्ती के काफी करीब है। दरारें गांव की सीमा से सिर्फ 10 कदम दूर रह गई हैं।
- पहला घर देवेश्वर सोरेन का है। उसके घर की जमीन और दीवार पर भी दरारें दिख रही हैं। अगर दरारें थोड़ी भी बढ़ीं, तो गांव में बड़ी अनहोनी हो सकती है।

वीडियो: गणेश कुमार।