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प्रचार थमा, ३४ नगर निकायों में वोटिंग कल

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Danik Bhaskar | Apr 15, 2018, 11:01 AM IST
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारख मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झारख

गिरिडीह (झारखंड)। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के धार्मिक पर्यटन स्थलों को तिरुपति की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य का नाम ही झारखंडधाम पर रखा गया है। इसलिए यह मात्र गिरिडीह का ही नहीं वरन पूरे राज्य के लिए पूजा-आराधना का एक प्रमुख स्थल है। इसे विकसित किए जाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री सोमवार को झारखंड धाम महोत्सव का रंगारंग आगाज करने झारखंड धाम आए थे। उन्होंने कार्यक्रम से पूर्व झारखंडी बाबा की पूजा अर्चना कर पूरे राज्य के विकास के लिए प्रार्थना की।

इको-टूरिज्म का भी विकास होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां इको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी विकसित किया जाएगा। इसके साथ झारखंड धाम के संस्कृत महाविद्यालय का भी निर्माण करवाकर यहां अध्ययन-अध्यापन और शोध के बेहतर वातावरण तैयार किए जाने की जरूरत है। इसे सरकार प्राथमिकता देगी।

एक रुपए में 53 हजार महिलाओं को जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक रुपए में 53 हजार महिलाओं को जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। इस मामले में झारखंड देश का अग्रणी राज्य बने ऐसी सरकार की अपेक्षा है। इन 53 हजार जमीन मालकिनों का नैतिक दायित्व बनता है कि वे अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। बेटा-बेटी में कोई भेद न करें। समान रूप से सबको शिक्षा दें। किसी भी नाबालिग बेटी को शादी के बंधन में बांध कर उसको पढ़ाई से अलग रखना एवं अपने व्यक्तित्व के विकास के अवसर न देना, समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि एक बेटी पढ़ती है तो दो परिवारों को संस्कारित करती है।

शिक्षा गरीबी भगाने की जड़ी-बूटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा गरीबी भगाने की जड़ी-बूटी है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे इसे अपनी जीवन का मूल मंत्र बनाएं। उन्होंने कहा कि बिचौलिया प्रथा को राज्य से दूर भगाना है। इसमें समाज के प्रबुद्ध तबकों को भी आगे आना चाहिए। हरेक जिले में कौशल विकास केन्द्र स्थापित कर युवाओं को रोजगार के नए अवसर देना सरकार का लक्ष्य है। झारखंड का युवा सशक्त एवं स्वावलंबी होगा तो राज्य विकसित राज्यों की पंक्ति में सबसे आगे रहेगा। 2022 तक हमें झारखंड को शिक्षित एवं स्वावलंबी प्रदेश बनाकर देश ही नहीं दुनिया के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करना है।

10 हजार सरकारी स्कूल के बच्चों को स्थानीय स्तर पर उत्पादित दूध मुहैया कराया जाना है

मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह के मिर्जागंज में दुग्ध का चिलिंग सेंटर स्थापित किया जा रहा है। नए मिल्करूट विकसित किए जा रहे हैं। अब हर जिले के 10 हजार सरकारी स्कूल के बच्चों को स्थानीय स्तर पर उत्पादित दूध मुहैया कराया जाना है। महिलाओं से अनुरोध है कि वे अपने स्वयं सहायता समूह अथवा सखी मंडल के माध्यम से बच्चों के स्कूल ड्रेस की सिलाई कर स्थानीय विद्यालय में आपूर्ति करें। विकास से झारखंड की सभी समस्याओं का हल संभव है। इसमें महिला-पुरुष सभी को समान रूप से हिस्सेदार बनना होगा। आज झारखंड धाम में यह संकल्प लिए जाने की जरूरत है कि गिरिडीह जिले के किसी भी बच्चे को पढ़ाई से वंचित नहीं रहने दिया जाए।

धार्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही सरकार

उन्होंने कहा कि संगीत कला भी ईश्वर की आराधना का माध्यम है। सरकार ईटखोरी, कौलेश्वरी, रजरप्पा, मैथन, झारखंड धाम आदि जगहों पर महोत्सवों का आयोजन कर धार्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। ताकि देश-दुनिया के तमाम लोग झारखंड के इन पर्यटन स्थलों से परिचित होकर यहां आएं। इस मौके पर स्थानीय सांसद डाॅ. रविन्द्र राय ने झारखंड धाम की महत्ता पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मौके पर गाण्डेय विधायक जयप्रकाश वर्मा, विधायक जमुआ केदार हाजरा, बगोदर के विधायक नागेन्द्र महतो एवं सचिव पर्यटन डॉ. मनीष रंजन उपस्थित थे।