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मधु कोड़ा : एक एमओयू पर साइन के लेते थे दो से २० करोड़, माइंस का रेट था ३० से ८० करोड़

मधु कोड़ा : एक एमओयू पर साइन के लेते थे दो से २० करोड़, माइंस का रेट था ३० से ८० करोड़

Danik Bhaskar

Dec 16, 2017, 12:00 PM IST
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री म झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री म

रांची। झारखंड के पूर्व चीफ मिनिस्टर मधु कोड़ा को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को तीन साल की सजा सुनाई है। उनपर जुर्माना भी लगाया गया है। गलत तरीके से कोल आवंटन और माइनिंग घोटाले में उन्हें दोषी पाते हुए यह सजा दी गई है। कोड़ा के अलावा कोल सचिव रहे एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व चीफ सेक्रेटरी अशोक कुमार बसु और एक अन्य को भी तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है। ईडी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीएम रहते मधु कोड़ा एक एमओयू पर साइन के लिए 20 करोड़ रुपए तक लेते थे। वहीं माइंस के आवंटन का रेट 80 करोड़ रुपए तक था। झारखंड के चौथे सीएम थे कोड़ा...


- मधु कोड़ा देश के इतिहास में तीसरे ऐसे निर्दलीय विधायक थे, जो सीएम बने। झारखंड के चाैथे मुख्यमंत्री के रूप में कोड़ा ने 14 सितंबर 2006 को शपथ ली। 23 अगस्त 2008 तक मधु कोड़ा सीएम रहे।
- विधायक बनने के बाद 2005 में अर्जुन मुंडा की सरकार में मधु कोड़ा खान मंत्री थे। केंद्र में उस समय यूपीए की सरकार थी। वर्ष 2006 में अर्जुन मुंडा सरकार से मधु कोड़ा समेत तीन अन्य निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया। इससे मुंडा सरकार अल्पमत में आ गई।
- इसके बाद अर्जुन मुंडा को इस्तीफा देना पड़ा। यूपीए ने मधु कोड़ा को मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया। मधु कोड़ा ने सीएम रहते माइनिंग डिपार्टमेंट अपने पास ही रखा था।
- मधु कोड़ा के बाद शिबू सोरेन के नेतृत्व में जेएमएम की सरकार बनी। 2009 के लोकसभा चुनावों में मधु कोड़ा सिंहभूम से निर्दलीय सांसद बने।

क्या था माइनिंग घोटाला ?


- झारखंड के गर्वनर रहे सैयद सिब्ते रजी से संबंधित मामलों की जांच कर रही ईडी को मधु कोड़ा के खिलाफ भी जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति के सुराग मिले।
- इसके बाद कोयला खदानों के अवैध तरीके से अावंटन का मामला सामने आया, जिसमें मधु कोड़ा समेत अन्य अधिकारियों की मिलीभगत भी ईडी को स्पष्ट दिखी।
- ईडी ने अपनी जांच में पाया कि मधु कोड़ा और उसके सहयोगियों ने करीब चार हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है।

26 एमओयू में लिए गए थे पैसे


- मधु कोड़ा ने करीब 26 एमआेयू ऐसे किए थे, जो जांच में पैसे लेकर किए गए साबित हुए। कोड़ा ने माइनिंग प्रोजेक्ट्स को भी अवैध तरीके से अनुशंसित कर दिया था।
- जहां कई तरह की मंजूरी मिलनी थी, वहां कोड़ा ने सीएम रहते अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल कर एक ही बार में प्रोजेक्ट्स और कोल माइनिंग के लिए सभी मंजूरी प्रदान कर दी थी।
- ईडी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मधु कोड़ा सीएम रहते एक एमओयू पर साइन करने के लिए दो से 20 करोड़ रुपए तक घूस लेते थे।
- इसके अलावा माइंस की अनुशंसा के लिए 30 से 80 करोड़ रुपए का रेट तय था।
- इन पैसों को मधु कोड़ा अपने सहयोगियों की मदद से हवाला के जरिए विदेश भेजा करते थे।
- मधु कोड़ा के उस समय के सहयोगी रहे विनोद सिन्हा, मनोज पुनमिया, सुनील चौधरी समेत कई लोगों पर इंडोनेशिया समेत अन्य देशों में खान खरीदने के भी आरोप लगे।
- कोल आवंटन में मधु कोड़ा के अलावा पूर्व कोल सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व चीफ सेक्रेटरी एके बसु, बसंत कुमार भट्‌टाचार्य, विपिन बिहारी सिंह, वैभव तुलस्यान, विजय जोशी और सीए नवीन कुमार तुलस्यान भी मुख्य आरोपी रहे। हालांकि बाद में सीबीआई ने कई लोगों को आरोप मुक्त कर दिया।

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