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दुष्कर्म के बाद जलाई गई नाबालिग की मौत, 7 अप्रैल से चल रहा था बीजीएच में इलाज

7 मई से बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में भर्ती पाकुड़ की दुष्कर्म पीड़िता की शुक्रवार सुबह मौत हो गई।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 07:55 PM IST
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बोकारो(झारखंड)। 7 मई से बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में भर्ती पाकुड़ की दुष्कर्म पीड़िता की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। घटना 4 मई की है। दो आरोपियों ने पश्चिम बंगाल में नाबालिग के संग दुष्कर्म किया और फिर केरोसिन छिड़ककर जला दिया था। पीड़िता जली अवस्था में सरकार की पहल पर बीजीएच में भर्ती कराई गई थी।

90 प्रतिशत तक जल चुकी थी
इस मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया। बच्ची को बेहतर इलाज के लिए मालदा से सदर अस्पताल पाकुड़, फिर बीजीएच बोकारो लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार लड़की 90 प्रतिशत जल गई थी। उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। सुबह परिजन उसके शव को लेकर अपने गांव चले गए।

क्या है मामला
बीजीएच पहुंचे पीड़िता के माता-पिता ने बताया कि लड़की छह माह की उम्र से ही अपने मामा के घर काकरवाना में रहती थी। उसके पिता का घर गोपीनाथपुर में है। बचपन से ही मामा घर में रहने के कारण यहां के सभी लोग उसे जानते हैं। उसके मामा गांव में ही दुकान चलाते हैं। घटना 4 मई (शुक्रवार) सुबह 10.30 बजे की है। नानी कहीं गई हुई थीं। इसी का फायदा उठाते हुए गांव के बच्चन मंडल व एक अन्य ने घर में घुसकर लड़की के साथ दुष्कर्म किया। लड़की ने जब विरोध किया और सबको बताने की बात कही, तो आरोपियों ने उसे पकड़ कर जबरन घर से करीब 20 मीटर दूर खेत में बने शौचालय में ले गए और केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। शौचालय में छप्पर नहीं था। वहां धुंआ देख और लड़की की चीत्कार सुनकर पड़ोस के लोग पहुंचे, तो वहां का नजारा देख हतप्रभ रह गए।

ऐसे खुला दुष्कर्म का राज
अानन-फानन में उसे पश्चिम बंगाल के जंगीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम को जब लड़की कुछ बोलने की स्थिति में आई, तब उसने घटना की पूरी जानकारी दी। इससे पहले परिवार के लोग यही सोच रहे थे कि लड़की ने आत्महत्या का प्रयास किया है। उसके जिंदा बचने पर दुष्कर्म का राज खुला। अगली सुबह परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। आरोपी बच्चन को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि एक फरार है।