Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» Electricity Will Be Expensive Till 4 To 6Rs Soon In Jharkhand

जल्द ही 4 से 6 रुपए तक महंगी होगी बिजली, आदिम जनजातीय समूहों को मिलेगी सब्सिडी

उक्त बातें झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।

Kaushal Anand | Last Modified - Feb 15, 2018, 06:02 PM IST

  • जल्द ही 4 से 6 रुपए तक महंगी होगी बिजली, आदिम जनजातीय समूहों को मिलेगी सब्सिडी
    प्रेसवार्ता को संबोधित करते एमडी राहुल पुरवार।

    रांची।राज्य में चार से छह रुपए तक बिजली दर में इजाफा होगा। विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के स्लेब पर आधारित चार से छह रुपए तक वर्तमान दर से अधिक भुगतान करना पड़ेगा। झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा जो टैरिफ प्लान फाइल किया गया, उसमें राष्ट्रीय टैरिफ नीति 2016 के गाइडलाइन को फ्लो किया गया है। उक्त बातें झारखंड बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार ने गुरुवार को ऊर्जा निगम मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। आदिम जनजाति एवं डिसएबल उपभोक्ता का विशेष ख्याल रखा जाएगा...

    -गाइडलाइन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिजली दर सभी उपभोक्ताओं के श्रेणियों के लिए आपूर्ति के औसत से 20 प्रतिशत के दायरे में होना चाहिए।
    -चूंकि इस वर्ष से राज्य सरकार रिर्सोस गेप मद में मिलने वाली राशि 2400 करोड़ रुपए नहीं देगी। इसलिए दोनों की बातों को ध्यान में रखते हुए टैरिफ पिटीशन फाइल किया गया है।
    -विद्युत निमायक आयोग द्वारा नया टैरिफ फाइनल करने के बाद राज्य सरकार यह तय करेगी कि किस श्रेणी के उपभोक्ताओं को सब्सिडी (दिव्यांग) देना है।
    -इसके दायर में आर्थिक रूप से कमजोर और बिजली की बचत करने वाले उपभोक्ता निश्चित रूप से आएंगे। साथ ही आदिम जनजाति एवं डिसएबल उपभोक्ता का विशेष ख्याल रखा जाएगा।

    उपभोक्ताओं की श्रेणी कम की गई
    -अब तक 8 श्रेणियों एवं 31 उपश्रेणियों में बिजली उपभोक्ताओं को विभक्त किया गया था। मगर नया टेरिफ प्लान में इसे कम करते हुए केवल 5 श्रेणियों एवं 13 उपश्रेणियों में विभक्त कर बिजली टेरिफ दायर किया गया है।
    -इससे उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल को समझने एवं बिलिंग संंबंधी समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी। 5 श्रेणियों में डोमेस्टिक, इन्डस्ट्रियल, कॉर्मिसियल, इन्सच्यूसनल एवं एग्रीकल्चर शामिल हैं।
    -इसके अतिरिक्त झारखंड राज्य में आदिम जनजातीय समूहों और दिव्यांग के लिए एक नई उपश्रेणी बनाई गई है। जिन्हें बिजली शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है।

    महंगी बिजली के साथ कई सुविधाओं व गुणवत्ता के दिखाए गए सुनहरे सपने
    -एमडी राहुल पुरवार ने एक तरफ जहां महंगी बिजली होने का कारण बताया तो वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के सुनहरे सपने भी दिखाए।
    -उन्होंने बताया कि 12 लाख अनमिटरट उपभोक्ताओं को मीटरिंग कार्य करने का कार्य शुरू हो चुका है। दिसंबर तक 18 लाख लोगों को मिटरिंग से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
    -जिनका मीटर नहीं है और वे इसकी लगातार अनदेखी कर रहे हैं, उनका एनर्जी फिक्स चार्ज को बढ़ाया जाएगा। ताकि वे जल्द से जल्द मीटर लगा सकें।
    -झारखंड के हर गांव तक बिजल पहुंच चुकी है। अब मुहल्ले व टोलों में बिजली संयोजन का काम दीपावली तक पूर्ण हो जाएगा। बिलिंग सिस्टम को दुरूस्त किया जा रहा है।
    -चोरी के रोकथाम के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। सारे एलटी लाइन को एरियल बंच केबल में बदला जा रहा है। लाइन लोस कम करने के लिए 33 केवी लाइन की दूरी को कम किया जा रहा है।
    -60 नए ग्रीड और 346 नए सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं पर चोरी पर पैनी नजर रखने के लिए प्रत्येक ट्रांसफार्मर में डीटीआर मीटर लगाया जा रहा है।
    -उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए सशक्त एप 8 मार्च को लांच किया जा रहा है। इसके तहत सिंगल विंडो सिस्टम के तहत उपभोक्ताओं की सभी तरह के शिकायतों को दूर किया जाएगा।

    फोटो: कौशल आनंद।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Ranchi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Electricity Will Be Expensive Till 4 To 6Rs Soon In Jharkhand
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×