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जल संसाधन विभाग के चार ईई व दो संवेदकों के खिलाफ दर्ज होगा एफआईआर संवेदक के साथ मिलकर २० करोड़, ८३ लाख गबन का है आरोप, जांच में दोषी पाए गए, मंत्री ने दिया आदेश - 1

जल संसाधन विभाग के चार ईई व दो संवेदकों के खिलाफ दर्ज होगा एफआईआर संवेदक के साथ मिलकर २० करोड़, ८३ लाख गबन का है आरोप, जांच में दोषी पाए गए, मंत्री ने दिया आदेश - 1

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 05:56 PM IST
जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता

रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने जलसंसाधन विभाग के चार कार्यपालक अभियंता एवं दो संवेदकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज (एफआईआर) करने का आदेश दिया है। चारों कार्यपालक अभियंताओं ने दो संवेदकों के साथ मिलकर 20 करोड़ 83 लाख रुपए का गबन किया है। यह गबन तय इकरारनामा व प्रावधान की अनदेखी कर किया गया है। जांच में सभी कार्यपालक अभियंता को गबन करने का दोषी पाया गया है।

पांकी में बराज, औरंगा में मुख्य नहर निर्माण व गेटों के रूपांकन में गड़बड़ी का आरोप
सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता सूरज मन शर्मा, प्रधान शिव नारायण प्रसाद, नारायण खां एवं रामाशंकर राय के साथ-साथ संवेदक मेसर्स शेखर इंस्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली एवं मेसर्स हार्डवेयर टूल्स एंड मेसनरी सिंडीकेट अहमदाबाद के खिलाफ में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। इन चारों कार्यपालक अभियंताओं ने पांकी में बराज निर्माण कार्य, औरंगा दायां मुख्य नहर का निर्माण कार्य और अमानत बराज के गेटों का रूपांकन के साथ-साथ निर्माण कार्य में संवेदकों के साथ मिलकर गबन किया है। यह गबन 2002 से लेकर 2007 के बीच किया गया है। गबन करने के दौरान तय नियमों को पूरी तरह से नजर अंदाज किया गया। चंद्रप्रकाश चौधरी ने अपने आदेश में गबन के आलोक में संबंधित अंचल एवं मुख्य अभियंता कार्यालय मेदिनीनगर की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है और संबंधित थाना क्षेत्र में प्राथमिक दर्ज करने को कहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी करने एवं अनावश्यक रूप से योजना को लटकाने वाले पदाधिकारी व अभियंता को चिन्हित करने का काम चल रहा है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। सिंचाई योजनाओं में लूट खसोट की मंशा रख कर संवेदक के साथ मिलकर काम को लटकाने वाले अभियंताओं को छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही साथ संवेदक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना बड़ा पहुंच रखने वाला क्यों न हो।