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Gupteshwar Kumar| Last Modified - Feb 12, 2018, 02:29 PM IST

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Five railway workers suspended in Hatia-Rourkela section
मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने का असर सात पैसेंजर ट्रेनों पर पड़ा। (फाइल)

रांची।   रेल प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर से उजागर हुई। बुधवार को हटिया-राउरकेला सेक्शन के पकड़ा स्टेशन पर किरीबुरू से लौह अयस्क लेकर बोकारो जा रही मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उसके दो डिब्बे दूसरी लाइन पर जा गिरे। इससे रेल लाइन और सिग्नल सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद रेल प्रशासन ने स्टेशन मास्टर सहित पांच रेलकर्मी को सस्पेंड कर दिया और जांच टीम गठित कर दी। 

 

-रेल लाइन 12 घंटे के लिए बाधित रही। शाम 5:45 बजे परिचालन सामान्य हुआ। इसका असर सात पैसेंजर ट्रेनों पर पड़ा। घटना सुबह 5:40 बजे की है, लेकिन कंट्रोल को सुबह 6 बजे सूचना दी गई। 
-दुर्घटना राहत यान से रेलवे अधिकारी 6:40 मिनट पर रवाना हुए, जबकि घटना की जानकारी मिलने के 15 मिनट में ही  दुर्घटनास्थल पर रवाना होना था।
-अधिकारियों की लापरवाही की वजह से लेट से दुर्घटना राहत यान को रवाना किया गया। इस वजह से राहत कार्य भी लेट से शुरू हुआ और इसका असर पैसेंजर ट्रेनों पर पड़ा। 
-पांच ट्रेन को डायवर्ट कर दिया गया और दो पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया। रेल प्रशासन ने दुर्घटना की जानकारी रेल पुलिस को सुबह 9 बजे दी। घटना के तीन घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद स्टेट पुलिस को जानकारी मिली। 

 

टाटी हादसे से भी नहीं ली सबक रेल प्रशासन ने
-मालगाड़ी पकरा स्टेशन के मेन लाइन में खड़ी थी। सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना किया गया। उसके बाद मालगाड़ी को हटिया की ओर जाना था, लेकिन ट्रेन को आगे की जगह पीछे ले जाया गया। 
-पीछे का प्वाइंट खुला हुआ था, जिस वजह से मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई और दो डिब्बे दूसरी लाइन पर जा गिरे। ट्रेन अागे की जगह पीछे क्यों ले जाया गया, इसका जवाब रेल प्रशासन के पास नहीं है।
-रेल अधिकारी का कहना है कि जांच के बाद पता चलेगा कि मालगाड़ी को पीछे क्यों ले जाया गया। साथ ही जिस लाइन पर मालगाड़ी खड़ी थी, प्वाइंटर को भी नहीं हटाना था, लेकिन फिर भी प्वाइंटर को हटा दिया गया था। 
-वर्ष 2016 में इसी लाइन में टाटी स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी में  यूटीवी मशीन ने टक्कर मारी थी, जिस वजह से दो पायलटों की मौत हो गई थी। 
-इसमें भी रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। प्वाइंटर सेट नहीं होने की वजह से बड़ी टक्कर हुई थी। फिर भी सेफ्टी के साथ खिलवाड़ किया गया।       

 

स्टेशन मास्टर, गार्ड सहित पांच रेलकर्मी सस्पेंड, जांच टीम गठित   
-पकरा स्टेशन मास्टर डीके केरकेट्टा, प्वाइंट मैन राधा रंजन, गार्ड गुरमीत सिंह, पायलट मुकेश कुमार, असिस्टेंट को-पायलट को निलंबित कर दिया। 
-दूसरी ओर डीआरएम विजय कुमार गुप्ता ने छह अधिकारियों की जांच टीम गठित की है। तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।  

 

पांच एक्सप्रेस ट्रेनों को किया गया डायवर्ट, दो पैसेंजर ट्रेन रद्द  
-एल्लेपी एक्सप्रेस राउरकेला स्टेशन से ही चक्रधरपुर, चांडिल होते हुए मुरी होकर धनबाद गई। तपस्विनी एक्सप्रेस और बेंगलुरू-हटिया एक्सप्रेस को चांडिल, मुरी, रांची होते हटिया लाया गया। 
-दोनों ट्रेन के इंजन को मुरी में रिवर्स किया गया। संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस को भी चांडिल होते मुरी लाया गया। इस ट्रेन को पकड़ने के लिए रांची के यात्रियों को स्वर्ण जयंती ट्रेन से मुरी भेजा गया। 
-फिर भी यात्रियों की ट्रेन छूट गई। भुवनेश्वर-बोकारो गरीब रथ एक्सप्रेस को बानो स्टेशन से वापस राउरकेला लाया गया और वहां से चांडिल, मुरी होते हुए बोकारो भेजा गया। 
-झारसुगुड़ा-हटिया पैसेंजर को राउरकेला से ही वापस कर दिया गया। वहीं, हटिया-झारसुगुडा पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया। 
-वहीं, तपस्विनी एक्सप्रेस को रिशेड्यूल कर दिया गया। यह ट्रेन शाम 3:55 बजे की जगह शाम छह बजे पुरी के लिए रवाना हुई।
   
रांची के यात्रियों को रेलवे ने उतारा मुरी में  
-रेल प्रशासन ने एल्लेपी, जम्मूतवी और गरीब रथ ट्रेन के यात्रियों को रांची के बजाय मुरी में उतार दिया। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन रेलवे की ओर से यात्रियों को रांची पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। 

 

फोटो: नितिन चौधरी।

 

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दुर्घटना के बाद रेल प्रशासन ने स्टेशन मास्टर सहित पांच रेलकर्मी को सस्पेंड कर दिया और जांच टीम गठित कर दी।
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