--Advertisement--

लालू को थोड़ी देरी में सुनाई जाएगी सजा

लालू को थोड़ी देरी में सुनाई जाएगी सजा

Dainik Bhaskar

Jan 06, 2018, 03:48 PM IST
Video: क्या है चारा घोटाला? कब क्या Video: क्या है चारा घोटाला? कब क्या

रांची. चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी से जुड़े केस में शनिवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का एलान किया। 69 साल के लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की जेल हुई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर 10 लाख का जुर्माना लगाया है। अगर वे जुर्माना नहीं देते तो उस स्थिति में उन्हें एक साल और जेल में रहना पड़ेगा। सभी 16 दोषियों ने रांची की बिरसा मुंडा जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक साथ बैठकर जज शिवपाल सिंह का फैसला सुना। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोर्ट ने उम्र का हवाला देते हुए राज्य सरकार से लालू समेत सभी दोषियों को हजारीबाग ओपन जेल भेजने की सिफारिश की है।

1) किन दोषियों को कितनी सजा मिली?

इन्हें 3.5 साल जेल, 5 लाख जुर्माना

- लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व सीएम
- फूलचंद सिंह, पूर्व आईएएस ऑफिसर
- महेश प्रसाद, पूर्व आईएएस ऑफिसर
- बेक जूलियस, पूर्व आईएएस ऑफिसर
- सुनील कुमार सिन्हा, चारा सप्लायर
- सुशील कुमार सिन्हा, चारा सप्लायर
- राजा राम जोशी, चारा सप्लायर
- सुबीर भट्टाचार्य, वेटनरी डॉक्टर्स

- आरके राणा, पॉलिटिकल लीडर

- कृष्ण कुमार, सरकारी अफसर

इन्हें 7 साल जेल, 10 लाख जुर्माना
- जगदीश शर्मा, पॉलिटिकल लीडर
- सुनील गांधी, चारा सप्लायर
- त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, चारा सप्लायर
- गोपीनाथ दास. चारा सप्लायर

- संजय अग्रवाल - 7 साल, चारा सप्लायर
- ज्योति कुमार झा - 7 साल, चारा सप्लायर

2) लालू के लिए आगे क्या?

- लालू को अगर तीन साल से कम या तीन साल की सजा होती तो उन्हें रांची की सीबीआई कोर्ट जमानत दे सकती थी।

- अब लालू को साढ़े तीन साल की सजा हुई है, इसलिए उन्हें जमानत के लिए रांची हाईकोर्ट जाना पड़ेगा। वहीं, बेल मिलने के बाद लालू हाईकोर्ट में कन्विक्शन और सजा के खिलाफ अपील कर सकेंगे।

3) फैसले पर नेताओं की प्रतिक्रिया
- जेडीयू के सीनियर नेता केसी त्यागी ने कहा- "हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। बिहार की राजनीति में यह ऐतिहासिक फैसला साबित होगा। यह एक अध्याय का अंत है।"
- तेजस्वी यादव ने कहा ज्युडिशियरी ने अपनी ड्यूटी पूरी की। हम सजा के फैसले को देखने के बाद हाईकोर्ट जाएंगे और जमानत की अपील करेंगे।

- कांग्रेस के आरपीएन सिंह ने कहा- "कांग्रेस हमेशा से करप्शन के खिलाफ लड़ता रहा। बिहार में जहां तक गठबंधन की बात है, तो वो आरजेडी से है न कि किसी शख्स से।"

- तेज प्रताप यादव ने कहा- "हमें विश्वास है कि उन्हें बेल मिल जाएगी। हमें न्यूडिशियरी पर पूरा भरोसा है। हम हार मानने वाले नहीं हैं।

4) सजा सुनाए जाने के पहले आरजेडी की मीटिंग
- लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाए जाने के पहले आरजेडी की मीटिंग हुई। इसमें लालू के एक संदेश को पढ़ा गया। अब इस पत्र को पार्टी वर्कर्स राज्य की जनता के बीच ले जाएंगे।

- इस मौके पर पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा- "लालू को झूठे केस में फंसाया गया है। लालू को बीजेपी परेशानी कर रही है। पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है। हमें कोर्ट पर भरोसा है। हमारे पास हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने का ऑप्शन है। बीजेपी की साजिश से हम डरने और झुकने वाले नहीं हैं।"

5) लालू ने जेल से जारी किया लेटर
- जेल से जारी लेटर में लालू ने कहा, ‘‘मैं आंखों में आंख नहीं, जरूरत पड़ने पर आंखों में ऊंगली डालकर बात करना भी जानता हूं। आपके लालू में एक दोष जरूर है कि उसने जातिवाद और फासीवाद की पैरोकार संस्था आरएसएस के सामने झुकने से लगातार इनकार किया।’’
- लेटर में लालू ने लिखा, ‘‘लालू का रास्ता सच के लिए संघर्ष का रास्ता है। यही वजह है कि आडवाणी का रथ रोकते हुए मैंने सत्ता नहीं देखी। मेरे जमीर ने कहा कि ये रथ बिहार के भाईचारे को कुचलता है। तो रोक दिया रथ।’’
- ‘‘आप तो देख ही रहे हैं कि किस प्रकार देश का प्रधानमंत्री, राज्य का मुख्यमंत्री, केंद्र और राज्य की सरकारें, देश की तीन सबसे बड़ी एजेंसियां इनकम टैक्स, सीबीआई और ईडी, सरकार समर्थित अन्य संस्थान और कई जहरीले लोग पीछे लगे हैं।’’
- लालू ने लिखा, ‘‘कदम-कदम पर पहरे हैं, सत्ता तेरे गरीबों को दिए जख्म बहुत गहरे हैं। झूठ अगर शोर करेगा तो लालू पुरजोर लड़ेगा। मर्जी जितनी षड्यंत्र करो, लालू तो जीत की ओर बढ़ेगा। अब इंकार करो, चाहे अपनी रजा दो। साजिशों के अंबार लगा दो। जनता की लड़ाई लड़ते हुए आपका लालू तो बोलेगा, चाहे जितनी सजा दो।’’

6) 23 दिसंबर को बिरसा मुंडा जेल लाए गए थे लालू

- कोर्ट ने देवघर ट्रेजरी घोटाले केस में 23 दिसंबर को लालू समेत 16 लोगों को दोषी करार दिया था।

- सभी दोषी 15 दिन से रांची की बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं। चारा घोटाले के मामले में लालू को सातवीं बार जेल जाना पड़ा।

7) चारा घोटाला के 55 मामलों में यह 33वां

- कुल 55 मामलों में से यह 33वां है। लालू दूसरे मामले में दोषी करार दिए गए हैं। आरजेडी चीफ पर चारा घोटाले के 6 केस चल रहे हैं। चाईबासा कोषागार (ट्रेजरी) से 37.70 करोड़ रु. की फर्जी तरीके से निकासी के अन्य मामले में लालू को अक्टूबर 2013 में 5 साल की सजा सुनाई थी। उन्हें बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।

- 5 अन्य केस में सुनवाई जारी है। इस मामले में सीबीआई ने 27 अक्टूबर 1997 को 38 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। इनमें से 11 की मौत हो चुकी है।

8) क्या है देवघर ट्रेजरी केस?
- बिहार सरकार ने 1991 से 1994 के बीच मवेशियों की दवा और चारा खरीदने के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए थे। जबकि इस दौरान देवघर ट्रेजरी से 6 फर्जी अलॉटमेंट लेटर से 89 लाख 4 हजार 413 रुपए निकाले गए।

9) लालू पर क्या आरोप?
- बिहार के सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इन्क्वायरी के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 1996 तक अटकाए रखा। फिर 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया।

10) कुल कितने आरोपी थे ?
- एक सीबीआई ऑफिशियल के मुताबिक, इस केस में 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें 11 लोगों की मौत हो चुकी है। 3 सरकारी गवाह बन गए थे। दो ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था, जिन्हें 2006-07 में दोषी करार दिया गया था।

- रांची की सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में 22 लोगों पर केस चला। कोर्ट ने 23 दिसंबर को इनमें से 6 को बरी कर दिया। 16 को दोषी करार दिया।

11) ये हो चुके हैं बरी
- जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व सीएम
- ध्रुव भगत, पूर्व पीएसी चेयरमैन
- एसी चौधरी, पूर्व आईआरएस ऑफिसर
- सरस्वती चंद्रा, चारा सप्लायर
- सदानंद सिंह, चारा सप्लायर
- विद्या सागर निषाद, पूर्व मंत्री

X
Video: क्या है चारा घोटाला? कब क्या Video: क्या है चारा घोटाला? कब क्या
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..