--Advertisement--

दुमका में जहर खाने से एक ही परिवार के चार की मौत, तीन घायल

दुमका में जहर खाने से एक ही परिवार के चार की मौत, तीन घायल

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 12:28 PM IST
परिवार के तीन अन्य सदस्यों की परिवार के तीन अन्य सदस्यों की

दुमका (झारखंड). मुफसिल थाना क्षेत्र के शीतपहाड़ी गांव में एक ही परिवार के सभी लोग एक ही कमरे में सोए थे और सुबह चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग बेहोश हो गए। रविवार की सुबह काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और कोई हलचल नहीं देखने पर गांव के कुछ लोग घर का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर कुछ युवक घर में झांक कर देखा तो सभी लोग घर में बदहवास पड़े थे।

बर्तन में पड़ी थी 12 रोटियां, पुलिस ले गई अपने साथ

- हादसे का पता चलते ही गांव के कुछ लोग घर का दरवाजा तोड़कर बेहोश पड़े 4 साल के मुकुल डे नामक बालक को लेकर इलाज के लिए दुमका सदर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन को घटना की जानकारी।

- इस बीच ग्रामीणों ने घर के अन्य बदहवास पड़े लोगों को लेकर इलाज के लिए दुमका सदर अस्पताल लाया, जहां डाक्टरों ने मकान मालिक बासुकीनाथ डे (45), जिया राम डे (10), जिया मुनी डे (12) और ललिता डे (8) को मृत घोषित कर दिया। मृतकों और बीमार सभी लोग एक ही परिवार के है। मृतकों में गृहस्वामी के साथ एक बेटा और 2 बेटियां शामिल हैं।

- कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को खाने-पीने के सामान के अलावा अंगीठी मिली है। एक बर्तन में 10-12 रोटी पड़ी थी। संभवतः दंपत्ति कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए।

- जानकारों की माने तो लगातार अंगीठी जलने की वजह से बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बढ़ने लगती है। जिससे मौत हो सकती है।

एसपी ने कहा अंगीठी की वजह से भी हो सकती है मौत

- पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल ने भी अंगीठी से दम घुटने की संभावना जतायी है। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि संभवतः अंगीठी के जहरीली गैस से परिवार के सदस्यों की मौत होने की संभावना है, हालांकि उन्होंने कहा कि घर से बरामद हुए शेष बचा हुआ भोजन, पानी समेत अन्य खाने-पीने की वस्तुओं का सैंपल लिया गया है। जिसे फारेसिंक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

- इसके अलावा पुलिस आत्महत्या सहित कई अन्य बिन्दुओं पर भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिर्पोट के बाद ही मौत की सही जानकारी मिल पाएगी। हालांकि एसपी ने बताया कि अंगीठी जलाकर बंद कमरे में सोने से दम घुट सकता है मौत भी हो सकती है।

क्या कहते हैं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक

सदर अस्पताल के डीन डॉ. दिलीप केशरी ने बताया कि चार की मौत अस्पताल पहुंचने से पूर्वहो चुकी थी। छह वर्षीय बालक की स्थिति ठीक है उसे होश आ गया है जबकि बेहतर उपचार के लिए दो लोगों को रेफर कर दिया गया है। मौत की वजह अभी नहीं बतायी जा सकती है। पोस्टमार्टम रिर्पोट के बाद ही खुलासा हो सकता है कि मौत की असली वजह क्या है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुलिस कर रही है इंतजार

एक छोटे से कमरे में रहस्यतय तरीके से चार लोगों की मौत से गांव में मातम है। मौत के कारणों का खुलासा तो मृतकों का चार सदस्यीय डॉक्टरों की टीपोस्टमार्टम रिर्पोट आने के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन बंद कमरे में अंगीठी का मिलने से एक संभावना बन रही है कि कहीं अंगीठी के जहरीले गैस से तो सभी की मौत नहीं हुई। पड़ोसियों के अनुसार बर्तन बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाला बासुकीनाथ दे का परिवार काफी मिलनसार था।

फोटोज : दुष्यंत कुमार।

X
परिवार के तीन अन्य सदस्यों की परिवार के तीन अन्य सदस्यों की
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..