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ष्ठस्क्क समेत ४ पुलिसकर्मियों को ५-५ साल की सजा, पुलिस कस्टडी में हुई थी निर्दोष की मौत

ष्ठस्क्क समेत ४ पुलिसकर्मियों को ५-५ साल की सजा, पुलिस कस्टडी में हुई थी निर्दोष की मौत

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 03:10 PM IST
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रांची। पलामू के पांकी में 1998 में हुई पारसनाथ सिंह हत्याकांड मामले में बुधवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस मामले में तत्कालीन डीएसपी दीनानाथ रजक, इंस्पेक्टर देवलाल उर्फ देवीलाल प्रसाद, तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद और तत्कालीन सब इंस्पेक्टर रुकसार अहमद को 5-5 वर्ष की सजा सुनाई गई। साथ ही उनपर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

-फैसला सुनाने के बाद कोर्ट ने सभी दोषियों को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेजने का आदेश दिया। दोषियों ने नक्सली बताकर ग्रामीण की पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी थी।
-दरअसल, पलामू के पांकी थाना क्षेत्र के सीरम गांव निवासी पारसनाथ सिंह की हत्या पुलिसकर्मियों ने नक्सली बताकर कर दी थी। हत्या जुलाई 1998 में की गई थी।

-मामले को लेकर दिल्ली सीबीआई की टीम जांच कर रही थी। पारसनाथ सिंह की हत्या को लेकर उसकी पत्नी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने हत्या को लेकर पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया था।

पीटते हुए ले गए थे पुलिस चौकी

-पांकी थाना पुलिस सीरम गांव में जुलाई 1998 में पहुंची और छापेमारी की। वहां से पारसनाथ सिंह को गिरफ्तार किया था।

-आरोप यह है कि पुलिसकर्मियों ने उसे नक्सली बताकर गिरफ्तार किया और मारपीट करते हुए पुलिस चौकी पर ले आए।
-वहां भी पूछताछ के क्रम में काफी मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। आननफानन में पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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