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शीर्ष नक्सली कोबाड गांधी को रात में भेजा गया जेल, नक्सलियों का थिंक टैंक है धरा गया नक्सली

शीर्ष नक्सली कोबाड गांधी को रात में भेजा गया जेल, नक्सलियों का थिंक टैंक है धरा गया नक्सली

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 12:17 PM IST
कोबाड गांधी पिछले आठ साल से जे कोबाड गांधी पिछले आठ साल से जे

बोकारो (झारखंड)। भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य और नक्सलियों का थिंक टैंक माने जाने वाले कोबाड घांडी उर्फ अरविंद को बोकारो पुलिस ने बीती देर रात कड़ी सुरक्षा में तेनुघाट जेल भेज दिया। 71 साल के कोबाड को पुलिस की एक स्पेशल टीम ने हैदराबाद से अरेस्ट किया है। 8 साल से जेल में बंद रहे कोबाड को 12 दिसंबर की शाम विशाखापत्तनम सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था। इन्हें छह बड़े मामलों में बेल मिल गई। पहले से तैनात थी पुलिस...

- कोबाड घांडी जेल से बाहर निकलने के बाद मुंबई के शांताक्रूज स्थित अपने घर जाने वाले थे कि इसी बीच बोकारो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

- हिरासत में लेने से पहले कोबाड ने लोकल पत्रकारों से कहा था कि वे पारसी खाने को बुरी तरह मिस कर रहे हैं। फिर उन्होंने हैदराबाद में पसंदीदा भोजन भी किया।

- इसके बाद उन्हें शनिवार की देर शाम बोकारो लाया गया। यहां कोर्ट में आधी रात उनकी पेशी हुई, जिसके बाद बीती रात उन्हें करीब एक बजे के आसपास जेल भेजा गया।

कोबाड को हैं कई बीमारियां, फिल्म चक्रव्यूह में ओम पुरी ने निभाया था किरदार

- बूढ़े हो चुके कोबाड घांडी को किडनी की बीमारी है। इन्हें प्रोस्ट्रेट कैंसर, हाई बीपी, कमर-पीठ दर्द की समस्या और हार्ट डिजीज भी है। जेल में भी कई महीनों से वे बीमार थे।

- झारखंड पुलिस के एडीजी आरके मल्लिक ने बताया कि कोबाड घांडी बीमार हैं और उन्हें इलाज की जरुरत भी है। अब आगे यह फैसला कोर्ट करेगा।

- कोबाड को राजन, उर्फ किशोर, उर्फ सुमन, उर्फ गुप्ता, उर्फ प्रशांत, उर्फ नरसिंह के नाम से भी जाना जाता है।

- नक्सलियों पर बनी फिल्म चक्रव्यूह में अभिनेता ओम पुरी ने कोबाड घांडी का ही किरदार निभाया था। 2004 से कोबाड संगठन में पोलित ब्यूरो के मेंबर हैं।

पुलिस ऑफिसर समेत 13 जवानों को उड़ाने का है आरोप

- बेरमो के एएसपी सुभाष चंद्र जाट ने बताया कि कोबाड एक कुख्यात एवं शीर्ष नक्सली है, जिसकी बोकारो पुलिस लम्बे समय से तलाश कर रही थी।

- उन्होंने बताया कि इस पर नावाडीह कांड संख्या 87/06 दर्ज है। इसने नावाडीह कंजकिरो बस्ती और बोकारो थर्मल पक्की सड़क के पास एक पुलिस पदाधिकारी, एक हवलदार सहित 13 आरक्षी को बारुदी सुरंग विस्फोट कर उड़ा दिया गया था, जिसमें सभी शहीद हो गए थे।

- इसके अलावा 7 अप्रैल 2007 को माओवादियों ने खासमहल में सीआईएसएफ कैंप पर हमला किया था। यहां सीआईएसएफ कैंप पर 100 से अधिक माओवादियों ने हमला कर दिया था। पुलिस के अनुसार इन दोनों मामलों में कोबाड घांडी ही मास्टरमाइंड थे।

- बोकारो के एसपी कार्तिक एस ने बताया कि पुलिस कोबाड गांधी को रिमांड पर लेगी और उनसे पूछताछ की जाएगी।

स्पीकर, एमएलए समेत कई हत्याओं का भी है आरोप

- कोबाड घांडी पर साल 2008 में ग्रेहाउंड कमांडोज टीम पर हमले करने का आरोप है। इसके अलावा उनपर वर्ष 2005 में पूर्व कांग्रेस विधायक सी. नरसी रेड्डी और आंध्र प्रदेश के पूर्व स्पीकर डी. श्रीपाद राव की भी हत्या का अारोप है। राव की हत्या 1999 में हुई थी।

- कोबाड घांडी ने देहरादून के दून स्कूल से शुरूआती पढ़ाई की। इसके बाद एलफिस्टन कॉलेज मुंबई में हाइयर एजुकेशन लिया।

- 1960 के दशक के अंत में कोबाड माओवादी विचारधारा से जुड़ गए थे। कोबाड की वाइफ अनुराधा शानबाग उर्फ अनुराधा घांडी भी माओवाद से जुड़ी हुई थीं।

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