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कभी ठेका मजदूरी बन करते थे गुजारा, ष्टरू बने तो रचा नया इतिहास

कभी ठेका मजदूरी बन करते थे गुजारा, ष्टरू बने तो रचा नया इतिहास

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 11:42 AM IST
घोटालों का आरोप लगने पर उन्हें घोटालों का आरोप लगने पर उन्हें

रांची। कोयला घोटाले में दोषी करार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत चार को शनिवार को 3 साल की सजा सुनाई गई। पश्चिम सिंहभूम के पाताहातू में एक मजदूर परिवार में पैदा हुए कोड़ा का आरंभिक जीवन बेहद गरीबी में गुजरा। वे ठेका मजदूर रह चुके हैं। 2006 में झारखंड के सीएम बने तो ऐसा पहली बार हुआ, जब भारत के किसी भी राज्य का निर्दलीय विधायक मुख्यमंत्री बना हो। इसके लिए उनका नाम लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में भी शामिल किया गया। पहली बार भाजपा के टिकट पर लड़े ...

-मधु कोड़ा ने शुरुआत ठेका मजदूरों की यूनियन से की। झारखंड गठन के बाद पहले चुनाव में वे जीत गए। पंचायती राज मंत्री बने।

-उन्होंने पहली बार बीजेपी के टिकट पर जगन्नाथपुर से चुनाव लड़ा था। वे 2003 में अर्जुन मुंडा की गर्वमेंट बनने के बाद भी पंचायती राज मंत्री पद पर बने रहे।

-2005 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी का टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय इलेक्शन लड़ा। इस चुनाव में भी उन्हें सफलता मिली।

-उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की अगुवाई में बनी सरकार का समर्थन किया। सितंबर 2006 में मधु कोड़ा और अन्य तीन निर्दलीय विधायकों ने अर्जुन मुंडा की सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया।

-इसके बाद सरकार अल्पमत में आ गई। बाद में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार किया।

-मधु कोड़ा के नेतृत्व में सरकार बनाई, जिसमें झामुमो, राजद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, फॉरवर्ड ब्लॉक समेत तीन निर्दलीय विधायक शामिल थे।

-कांग्रेस ने उन्हें बाहर से समर्थन दिया था। मधु कोड़ा की वाइफ गीता कोड़ा जगन्नाथपुर से विधायक हैं। वह फिलहाल रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे रही हैं।

कई लोग पहुंच गए फर्श से अर्श तक


-घोटालों का आरोप लगने पर उन्हें पहली बार 30 नवंबर 2009 को पकड़ा गया। मधु कोड़ा के साथ रहकर कई लोग फर्श से अर्श तक पहुंच गए।
-विनोद सिन्हा उन्हीं में से एक था। कभी ट्रैक्टर स्कैम में शुमार सिन्हा कोड़ा का काफी करीबी था। समानांतर सत्ता चलाकर खूब कमाई की।
-बाद में उसे आय से अधिक संपत्ति के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मधु कोड़ा के एक अन्य करीबी संजय चौधरी का कारोबार खैनी बेचने का था। लेकिन कोड़ा के साथ रहकर उसने देश-विदेश में खूब प्राॅपर्टी हासिल की। वह देश छोड़कर भाग गया।