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ग्रीनहंट के खिलाफ माओवादियों ने किया २० दिसम्बर को झारखंड-बिहार बंद का आह्वान

ग्रीनहंट के खिलाफ माओवादियों ने किया २० दिसम्बर को झारखंड-बिहार बंद का आह्वान

Animesh Nachiketa | Last Modified - Dec 18, 2017, 06:19 PM IST

गिरिडीह (झारखंड)।भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी की ओर से आगामी 20 दिसम्बर को ऑपरेशन ग्रीन हंट के खिलाफ एकदिवसीय झारखंड-बिहार बंद का आह्वान किया गया है। प्रेस बयान जारी कर कहा है कि ऑपरेशन ग्रीन हंट व मिशन-2017 के तहत जनता पर थोपा गया बर्बर युद्धाभियान के विरोध में 18-19 दिसम्बर को दो दिवसीय विरोध दिवस और 20 दिसम्बर को एकदिवसीय बंदी को सफल करने का आह्वान किया है। प्रेस रिलीज में माओवादियों ने दी जानकारी...

- सचिव बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी भाकपा माओवादी के नाम जारी विज्ञप्ति में इसका उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि झारखंड के कई क्षेत्रों में माओवादियों को उखाड़ फेंकने के लिए मिशन-2017 अभियान चलाया जा रहा है। सेना के द्वारा तोप से गोली-बारी, युद्धक विमान का इस्तेमाल किया जा रहा है।

- इसका प्रमाण है कि पिछले कई महीनों से झारखंड के कई क्षेत्रों बूढ़ा पहाड़, किरीबुरु, छोटानागरा, गुवा, नोवामुन्डी आदि क्षेत्रों में सेना द्वारा लगातार हमला किया जा रहा है। इसके अलावा सेना का टोही विमान, ड्रोन और हेलीकॉप्टर की निगरानी आम बात हो गई है।

- केन्द्र एवं रघुवर एवं नीतीश सरकार की ओर से लगातार बर्बर अभियान को मीडिया वाले उजागर करते हैं तो उसे पुलिस प्रशासन की ओर से धमकाया जाता है। उन्हें गिरफ्तार किया जाता है ताकि देश-दुनिया उनके कुकर्मों को नहीं देख सके।

- एेसे ही कुछ दिनों पहले लुगु पहाड़ी क्षेत्र में माओवादियों को पूरी तरह खत्म करने का एेलान किया गया।

ऑपरेशन को बताया अन्यायपूर्ण

- बिहार-झारखंड के गया, पलामू, चतरा, सारंडा, कोल्हान, खरसावां, हजारीबाग, गिरिडीह, जमुई आदि पहाड़ी क्षेत्र में बिहार के मैदानी क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। जहां आम- आवाम बंदूक की आवाज के साए में जीवन बिताने को मजबूर हुए हैं। कहा जाए तो दुश्मन द्वारा छेड़ा गया युद्ध दरअसल अन्यायपूर्ण युद्ध है।

- इसका एक ही कारण है कि झारखंड के पूरे खनिज संपदा सहित जल व प्राकृतिक संपदाओं और बिहार के विशाल उर्वर जमीन व जन संपदा को सबसे अमीर काॅरपोरेटों व दलाल नौकरशाह पूंजीपति के हाथों दे देना। इसलिए ये युद्ध तो माओवादियों का खात्मा करने के नाम पर चलाया जा रहा है पर इनका मकसद है संपूर्ण खनिज व प्राकृतिक संपदा पर हावी होना।

- इन्हीं सब मुद्दों को लेकर भाकपा माअोवादी 18 व 19 दिसम्बर को विरोध दिवस, 19 को मशाल जुलूस एवं 20 दिसम्बर को 24 घंटे का बिहार-झारखंड बंद बुलाया है। बंदी से प्रेस, दूध, दवा, अस्पताल, एम्बुलेंस, स्कूल बस आदि को मुक्त रखा गया है।

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