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मधु कोड़ा

मधु कोड़ा

Gupteshwar Kumar | Last Modified - Dec 14, 2017, 10:07 AM IST

रांची/दिल्ली। कोयला घोटाले में दोषी करार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत चार को अब शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने इन्हें बुधवार को कोयला घोटाले में दोषी करार दिया था। इसमें मधु कोड़ा समेत उनके साथ पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार बसु, कोड़ा के करीबी विजय जोशी और एक कंपनी विनी आयरन एंड स्टील उद्योग (वीआईएसयूएल) भी शामिल हैं। केस झारखंड स्थित राजहरा नॉर्थ कोयला ब्लॉक के कोलकाता की वीआईएसयूएल को आवंटन में अनियमितता से जुड़ा है।

-सुनवाई के दौरान मधु कोड़ा ने कहा- वे 46 साल के हैं। पत्नी और 2 नाबालिग बेटियां हैं। वे बीमार रहते हैं। कभी भी ट्रायल को मिस नहीं किया। उन्होंने आग्रह किया कि सजा में नरमी बरती जाए।
-वहीं, पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता ने कोर्ट में दलील दी कि 'वे 70 साल के हैं। एक बेटा है, जिसकी शादी नहीं हुई है। मेरे खिलाफ कभी भी डिपार्टमेंटल इन्क्वारी नहीं हुई। कोई भी कभी भी पैसे का लेनदेन मेरे खिलाफ नहीं हैं।'
-'मैं ही अपने घर में कमाने वाला हू। मेरे पेंशन से ही मेरे घर का खर्चा चलता है। मुझ पर 50 हजार से ज्यादा जुर्माना न लगाया जाए।'

-सीबीआई ने दलील देते हुए कहा कि करप्शन का मामला है। लिहाजा कोर्ट ऐसा फैसला दे, जिससे समाज में एक उदाहरण पेश हो। कोर्ट मामले में सभी दोषियो को कड़ी से कड़ी सजा दे।

चार हुए थे बरी

-कोर्ट ने इस केस के चार आरोपियों को बरी कर दिया था। इनमें वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव तुल्सयान, सीए नवीन कुमार तुल्सयान, लोक सेवक बसंत कुमार भट्टाचार्य और बिपिन बिहारी सिंह शामिल हैं।
-विनी आयरन एंड स्टील उद्योग से 14 सितंबर 2006 को तत्कालीन उद्योग सचिव अरुण कुमार सिंह ने धनबाद में छह लाख टन की क्षमता का स्टील प्लांट लगाने का एमओयू किया था। कंपनी से निदेशक संजीव तुलस्यान ने साइन किया था।

साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप साबित
-सीबीआई कोर्ट ने कोड़ा सहित सभी दोषियों को आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार का दोषी करार दिया था।

एचसी गुप्ता ने तत्कालीन पीएम मनमोहन से भी छिपाए थे तथ्य
-वीआईएसयूएल ने 8 जनवरी 2007 को कोल ब्लॉक के लिए आवेदन किया। झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने इसे ब्लॉक देने की सिफारिश नहीं की। लेकिन 36वीं स्क्रीनिंग कमेटी ने इसकी सिफारिश कर दी।
-तब स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष एचसी गुप्ता कोयला मंत्रालय का प्रभार देख रहे थे। उन्हाेंने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह से यह तथ्य छिपाया कि सरकार ने कंपनी को कोल ब्लॉक देने की सिफारिश नहीं की है। सीबीअाई के अनुसार कोड़ा, बसु और दो अन्य ने वीआईएसयूएल को ब्लॉक आवंटन की साजिश रची थी।

सरकार ने मुकुंद लिमिटेड व जूम बल्लभ कंपनी का नाम भेजा था, दे दिया विनी ऑयरन को
-कोड़ा सरकार ने राजहरा नाॅर्थ कोल ब्लॉक आवंटन के लिए पहले मुकुंद लिमि. और जूम बल्लभ कंपनी का नाम केंद्रीय कोयला मंत्रालय को भेजा था। फिर साजिश से इसे विनी आयरन एंड स्टील को आवंटित कर दिया।
-कोर्ट में सीबीआई ने बताया था कि मंत्रालय ने जब सरकार से ब्लॉक आवंटन के लिए नाम मांगा तो दो कंपनियों के नाम भेजे गए। इसमें विनी आयरन नहीं थी।
-स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई, तो झारखंड के तत्कालीन सीएस एके बसु शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सीएम की इच्छा है कि विनी आयरन को ब्लॉक आवंटित हो।
-तत्कालीन कोयला सचिव एचसी गुप्ता ने कहा कि उस कंपनी का प्रस्ताव ही नहीं भेजा गया है। तब बसु ने कहा कि विनी को ब्लॉक आवंटित नहीं करेंगे, तो वे बैठक की कार्यवाही के कागजात पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, क्योंकि सीएम का ऐसा आदेश है।
-गुप्ता ने लिखित प्रस्ताव भेजने को कहा। तत्कालीन सरकार ने नया प्रस्ताव नहीं भेजा। तब स्क्रीनिंग कमेटी ने मुकुंद लिमि. को ब्लॉक देने की अनुशंसा की। बसु ने कहा कि मुकुंद लिमि. की हालत ठीक नहीं है, तब विनी आयरन को ब्लॉक दे दिया गया।

विनी को सरकार दे रही थी पानी-बिजली
-विनी आयरन एंड स्टील के साथ तय हुआ था कि इसे अलग से आयरन और कोल ब्लॉक नहीं दिया जाएगा। सरकार जमीन ,पानी और बिजली उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
-सरकार के लोक उपक्रम से कच्चे माल का लिंकेज दिया जाएगा। बाद में दो बार एमओयू की अवधि विस्तार हुआ। इसी बीच कोड़ा के निकट सहयोगियों ने कंपनी को कब्जे में कर लिया।
-फिर सरकार ने विनी स्टील कंपनी के लिए राजहारा नॉर्थ कोल ब्लॉक और चाईबासा स्थित कुरता आयरन ओर माइंस आवंटित करने की अनुशंसा कर दी।

निर्दलीय विधायक कोड़ा 709 दिन तक रहे सीएम
-मधु कोड़ा 14 सितंबर 2006 से 27 अगस्त 2008 तक 709 दिन सीएम रहे। उन पर 4000 करोड़ के घोटाले का मामला दर्ज है। आयकर विभाग ने कोड़ा और साथियों के 79 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

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Web Title: koylaa ghotaalaa maamlaa: kort ne faislaa rkhaa surksit, shanivar ko sunaaee jayegi sjaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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