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स्टोरी

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Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 06:53 PM IST
झारखंड आंदोलनकारी और न्यायमू झारखंड आंदोलनकारी और न्यायमू

रांची। झारखंड आंदोलन के प्रणेता न्यायमूर्ति एल पी एन शाहदेव की छठी पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर सूचना भवन के सामने स्थित जस्टिस एल पी एन शाहदेव चौक पर श्रद्धांजलि का कार्यक्रम रखा गया था। जस्टिस शाहदेव को श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री रघुवर दास जस्टिस शाहदेव चौक पहुंचे।

सीएम ने न्यायमूर्ति शाहदेव के चित्र पर माल्यार्पण किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति शाह देव की पत्नी प्रभा शाहदेव, ज्येष्ठ दामाद रतन कुमार, जस्टिस शाहदेव के पुत्र प्रतुल शाहदेव समेत परिवार के अनेक सदस्य भी उपस्थित थे। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने ने भी जस्टिस एल पी एन शाह देव चौक जाकर न्यायमूर्ति को श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

अलग राज्य के लिए किया संघर्ष
इस अवसर पर सांसद रामटहल चौधरी ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने न्यायमूर्ति शाहदेव को झारखंड आंदोलन की अंतिम लड़ाई का नायक बताते हुए कहा झारखंड उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। रामटहल चौधरी ने कहा की न्यायमूर्ति शाहदेव की पहल के कारण सदान और आदिवासी कंधे से कंधा मिलाकर अलग राज्य के लिए संघर्ष किए थे।

16 राजनीतिक दल एक मंच पर आए
नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने न्यायमूर्ति शाहदेव को माटी का लाल बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में 16 राजनीतिक दलों के लोगों ने एक मंच पर आकर उनके नेतृत्व को स्वीकारा था। यह न्यायमूर्ति शाहदेव के अनुशासित व्यक्तित्व और उनके लोकप्रियता का परिचायक था। सीपी सिंह ने कहा कि आंदोलन के इस दौर में 'पहले माटी फिर पार्टी' की तर्ज पर हुए आंदोलन का नेतृत्व न्यायमूर्ति शाहदेव ने किया। रांची की मेयर आशा लकड़ा ने भी न्यायमूर्ति शाहदेव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा की न्यायमूर्ति शाहदेव झारखंड के सपूत थे, जिन्होंने इस क्षेत्र से पहला न्यायाधीश बनने का गौरव प्राप्त किया।

फोटो : पवन कुमार।