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पहली बार झामुमो विधायकों ने सदन में पहना काला नकाब, स्पीकर ने किया निलंबित

पहली बार झामुमो विधायकों ने सदन में पहना काला नकाब, स्पीकर ने किया निलंबित

Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 04:16 PM IST
स्पीकर दिनेश उरांव ने काला नका स्पीकर दिनेश उरांव ने काला नका

रांची। झारखंड विधानसभा के इतिहास की पहली घटना रही, जब झामुमो विधायकों ने सदन में काला नकाब पहन कर सरकार का विरोध किया। राज्य के आम बजट के दिन झामुमो विधायकों के इस कृत्य को गंभीरता से लेते हुए स्पीकर दिनेश उरांव ने काला नकाब पहनने वाले सभी झामुमो विधायकों को एक दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।

मुख्यमंत्री के बजट भाषण का वाक आउट
स्पीकर ने कहा कि काला नकाब पहन कर विधायकों ने सदन की गरिमा गिराने का काम किया है। विरोध स्वरूप मासस के अरूप चटर्जी और निर्दलीय भानू प्रताप शाही छोड़ पूरा विपक्ष मुख्यमंत्री के बजट भाषण का वाक आउट कर गया। उसमें झामुमो के अलावा कांग्रेस, झाविमो व निर्दलीय ‌विधायक भी शामिल थे।

'आरोपी अफसरों को पद से नहीं हटा कर भ्रष्ट अधिकारियों को तरजीह दे रही सरकार'
मंगलवार को बजट सत्र के पांचवें दिन जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई, कुछ देर बाद झामुमो विधायक अमित कुमार महतो ने पहले काला नकाब पहन कर सरकार का विरोध करना शुरू किया। उसके कुछ देर बात झामुमो के ही रवींद्र महतो ने भी यही कृत्य दुहराया। फिर कुछ देर बाद जब मुख्यमंत्री रघुवर दास वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश ही करने जा रहे थे कि प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन और साइमन मरांडी छोड़ झामुमो के सभी विधायकों ने एक-एक कर काला नकाब पहन कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और एडीजी अनुराग गुप्ता को पद से नहीं हटा कर भ्रष्ट अधिकारियों को तरजीह दे रही है।

कई बार की गई नारेबाजी
हालांकि झामुमो विधायकों द्वारा सदन में काला नकाब पहनने का सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी कड़ा प्रतिवाद किया। संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय ने कहा कि इस घटना से सदन लज्जित है। यह घटना सभी सीमा को लांघ जानेवाली घटना है। इसे अगर नियंत्रित नहीं किया गया तो आनेवाले दिन में विरोध का स्तर कहां जाएगा, इसकी कल्पना नहीं की जा सकेगी। इसलिए काला नकाब पहननेवाले विधायकों को एक दिन के लिए निलंबित किया जाना चाहिए। इसके अलावा ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, कृषि मंत्री रणधीर सिंह, विरंची नारायण, रामकुमार पाहन, अनंत ओझा सहित कई अन्य विधायकों ने भी काला नकाब पहने जाने को सदन का अपमान बताया। इस क्रम में कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार नोंक-झोंक भी हुई। विपक्षी सदस्यों ने कई बार सरकार के विरोध में और अधिकारियों को पद से हटाए जाने को लेकर नारेबाजी भी की।