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कल आएगी लालू की फाइनल जांच रिपोर्ट, कड़ी सुरक्षा के बीच रिम्स में चल रहा इलाज

रिम्स में भर्ती लालू की जांच रिपोर्ट पर उनकी जेल में शिफ्टिंग को लेकर फैसला लिया जाएगा।

Danik Bhaskar | May 02, 2018, 12:25 PM IST
लालू को सोमवार को हटिया राजधानी एक्सप्रेस से रांची रवाना किया गया था। लालू को सोमवार को हटिया राजधानी एक्सप्रेस से रांची रवाना किया गया था।

रांची। चारा घोटाला के दो मामलों में सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का मेडिकल बुलेटिन गुरुवार को जारी किया जाएगा। राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में भर्ती लालू की जांच रिपोर्ट पर उनकी जेल में शिफ्टिंग को लेकर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल उनके पैरों में सूजन है। विधायक भोला यादव सुबह लालू से मिलने भी पहुंचे थे। बताते चलें कि एम्स, दिल्ली से डिस्चार्ज होने के बाद लालू मंगलवार को रिम्स में भर्ती हुए। यहां उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में भर्ती कराया गया है।

5 डॉक्टरों की टीम कर रही जांच
-पांच डॉक्टरों की टीम रिम्स में लालू प्रसाद का इलाज कर रही है। इससे पूर्व सोमवार को एम्स से डिस्चार्ज करने पर खफा लालू ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा-रांची भेजने से उनके जीवन पर कोई खतरा पैदा होता है तो इसकी पूरी जवाबदेही एम्स के डॉक्टरों की होगी। वहीं, एम्स प्रशासन ने इस मुद्दे पर कहा है कि गंभीर रूप से बीमार होने पर लालू को एम्स रेफर किया गया था। उनकी सेहत में सुधार हुआ है, जिसके बाद लालू को रिम्स भेजा जा रहा है। लालू की हालत ठीक है और वह यात्रा कर सकते हैं।

साेमवार को भेजा गया था रिम्स में

-बताते चलें कि लालू यादव चारा घोटाले के दो मामले में सजा भुगत रहे हैं। उन्हें सोमवार को एम्स से छुट्‌टी देकर वापस रांची के रिम्स भेज दिया गया था। इससे पहले लालू ने एम्स में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके करीब दो घंटे बाद उन्हें डिस्चार्ज करने की खबर आई। एम्स में भर्ती रखने की तमाम मिन्नतों के बावजूद राहुल से मुलाकात के चार घंटे के अंदर लालू एम्स से बाहर थे। शाम 4 बजे हटिया राजधानी एक्सप्रेस से उन्हें रांची भेजा गया। इस दौरान कोडरमा और बोकारो रेलवे स्टेशन पर उनके समर्थक भी पहुंचे।


4 मई को प्रोविजनल बेल पर होगी सुनवाई

-तेजस्वी ने कहा कि गंभीर बीमारी को देखते हुए मुंबई के हॉस्पिटल में लालू का इलाज जरूरी है। इसके लिए कोर्ट से प्रोविजनल बेल देने की अपील की गई है। 4 मई को इसपर सुनवाई होने वाली है। चारा घोटाला केस में सजा पाए जगन्नाथ मिश्रा को प्रोविजनल बेल मिल चुका है। वह अपना इलाज करा रहे हैं।

रांची जेल में काट रहे सजा
-बताते चलें कि चारा घोटाला के दो केस में लालू रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। लालू यादव को एम्स से रिम्स में शिफ्ट करने की बात से उनका परिवार और आरजेडी समर्थकों में काफी नाराजगी है। गौरतलब है कि 26 अप्रैल को तेजस्वी यादव अपने पिता लालू यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि उन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है। उनके तबीयत में बहुत सुधार नहीं हुआ है। उधर, लालू ने एम्स को लेटर लिखकर कहा है कि उन्हें रांची अस्पताल वापस नहीं भेजा जाए, क्योंकि इलाज की सुविधा नहीं है।

17 मार्च से रिम्स में चल रहा था इलाज
-चारा घोटाले में सजा काट रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद को राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) से एम्स रेफर किया गया था। लालू को ब्लड शुगर अपेक्षाकृत कम पाया गया था। सिरम क्रिटनीन की मात्रा बढ़ गई थी। चेहरे पर सूजन था। 17 मार्च से रिम्स में उनका इलाज चल रहा था। 28 मार्च की शाम चार बजे उन्हें रिम्स से डिस्चार्ज किया गया। इसके बाद वे राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए। 29 मार्च को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। उनके साथ विधायक भोला यादव भी दिल्ली गए थे।

23 दिसम्बर, 2017 से 28 मार्च तक रांची में थे लालू
- चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी केस में 23 दिसम्बर, 2017 को दोषी करार दिए जाने के बाद से लालू यादव रांची जेल में थे। इस केस में 6 जनवरी 2018 को लालू समेत 16 आरोपियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई। लालू पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
- पिछले दिनों दुमका ट्रेजरी केस में उन्हें आईपीसी और करप्शन एक्ट में 7-7 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी। यानी लालू को 14 साल जेल में और गुजरने होंगे। कोर्ट ने 60 लाख का जुर्माना भी लगाया था।
-तबियत बिगड़ने पर लालू यादव को 17 मार्च से रिम्स में भर्ती किया गया। सुधार नहीं होने पर 28 मार्च को एम्स रेफर कर दिया गया था।

तबियत बिगड़ने पर लालू यादव को 17 मार्च को रिम्स में भर्ती किया गया। सुधार नहीं होने पर 28 मार्च को एम्स रेफर कर दिया गया था। (फाइल) तबियत बिगड़ने पर लालू यादव को 17 मार्च को रिम्स में भर्ती किया गया। सुधार नहीं होने पर 28 मार्च को एम्स रेफर कर दिया गया था। (फाइल)