Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» Maoist Area Commander Sahdev Khawar Has Surrender, DFO Accused Of Murder

माओवादी एरिया कमांडर सहदेव खरवार ने किया सरेंडर, डीएफओ मर्डर का है आरोपी

माओवादी एरिया कमांडर सहदेव खरवार ने किया सरेंडर, डीएफओ मर्डर का है आरोपी

Gupteshwar Kumar | Last Modified - Dec 29, 2017, 05:54 PM IST

पलामू (झारखंड)। मेदिनीनगर में भाकपा माओवादी एरिया कमांडर साहदेव खरवार उर्फ विनय सिंह उर्फ विनय जी ने सरकार के आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पण कर दिया। वो डीएफओ संजय सिंह के हत्या मामले में सीबीआई द्वारा चार्ज सीटेड है। साहदेव खरवार पर सीबीआई द्वारा एक लाख रुपए का इनाम भी रखा गया था।


-संजय सिंह के हत्या के बाद साहदेव खरवार सीबीआई के डर से भागता फिर रहा था। एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि साहदेव खरवार की पत्नि यशोदा देवी ने अपने पति साहदेव खरवार को आत्मसमर्पण करने के लिए राजी किया।

-यशोदा देवी ने एसपी से मिलकर अपने पति के आत्मसमर्पण के बारे में बातें की। इसका परिणाम है कि शुक्रवार को साहदेव खरवार ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
-साहदेव खरवार के सरेंडर के बाद सरकार की ओर से 50 हजार रुपए नगद व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

-मौके पर डीसी अमित कुमार ने कहा कि साहदेव खरवार को अभीयोजन के लिए भी सरकार द्वारा मदद की जाएगी।

-डीसी ने कहा कि साहदेव खरवार के 9 साल के बच्चे का नावाबाजार स्थित विशेष स्कूल में दो-तीन दिन के अंदर नामाकंन करा दिया जाएगा। वहां रहने व खाने की सारी व्यवस्था मुफ्त दी जाएगी।
-इस अवसर पर सीआरपीएफ द्वितीय कमान अधिकारी अरविन्द्र त्रिपाठी, डीएसपी हीरालाल रवि, विशेष शाखा के जयशंकर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
-एसपी ने बताया कि साहदेव खरवार को अभी नगद 50 हजार रुपए नगद दिया जा रहा है। इसके अगले वितीय वर्ष में एक लाख रुपए दिए जाएंगे।
-फिर पुन: अगले वर्ष एक लाख रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति में नियम है कि जोनल कमांडर से नीचे जो भी नक्सली आत्मसमर्पण करते है उन्हें ढाई लाख की राशि दी जाती है।


क्या कहना है एरिया कमांडर साहदेव खरवार
-साहदेव खरवार कुण्डीलापुर थाना मनातू का रहने वाला हैं। उसने बताया कि '1991 में संगठन गांव पहुंची रात्री में संगठन द्वारा बाल टीम का प्रोग्राम रखा गया।'
-'उसमें मुझे गाने-बजाने के लिए कहा गया। उस समय मेरी उम्र 10-12 वर्ष थी। संगठन के साथी भाई द्वारा कहा गया कि तुम पार्टी में चलो, प्रलोभन दिये तो मैं उनके साथ चल दिया।'
-'मैं पार्टी में बाल टीम के साथ रहकर संगठन का क्रांतिकारी गीत गाता था और लोगों को संगठन के लिए प्रेरित करता था।'

-'जहां संगठन जाता वहां गांव-गांव जाकर बाल टीम के साथ गाना-गाने लगा। इसके बाद रोहतास चला गया।'

-'वर्ष 2001 में बालदस्ता से हटाकर मुझे फौजी संगठन में डाल दिया गया। अब मेरा कार्य क्षेत्र रोहतास के चुटिया, नवहटा, भभुआ जिले के अधौरा क्षेत्र में था।'
-'इसके बाद 2002 में निराला यादव के दस्ते में वापस लौट गया। वर्ष 2002 में डीएफओ संजय सिंह की हत्या हुई। उसके बाद वर्ष 2003 में मैं अपने दस्ता के एरिया कमांडर बनाया गया। इसमें आठ दस हथियार बंद सदस्य थे।'

-'वर्ष 2004 में मेरी शादी संगठन की ही लड़की किरण के साथ हुई। पर वो नक्सली महेंद्र पासवान के साथ संगठन छोड़कर भाग गई।'
-'उसके बाद मैं 2005 में संगठन छोड़कर गांव आ गया। फिर 2006 में चौबा चट्टान में यशोदी देवी से शादी की। इसके बाद संगठन के लोग गांव में ही रहकर अंदर से मदद करते थे।'

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×