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मिशनरी ऑफ चैरिटी से बच्चा बेचने का मामला: सीबीसीआई के महासचिव बिशप थियोडोर ने कहा- कोई सिस्टर दोषी नहीं

सीबीसीआई के महासचिव बिशप थियोडोर ने कहा- मिशनरीज ऑफ चैरिटी की कोई सिस्टर बच्चा बेचने के मामले में दोषी नहीं

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 01:00 PM IST
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रांची। मिशनरी ऑफ चैरिटी में बच्चा बेचने का मामला सामने आने के बाद पहली बार कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) के महासचिव ऑक्जलरी बिशप थियोडोर मैस्कैरन्हास ने गुरुवार को मीडिया से बात की। आर्चबिशप हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा की संस्था पूरी तरह पाक साफ है। बच्चा का सौदा करने में अनिमा इंदवार(मिशनरी ऑफ चैरिटी की कर्मचारी) की भूमिका है, लेकिन सिस्टर को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई पॉवरफुल शक्ति मिशनरी संस्था के पीछे लगी हुई है। साजिश रची जा रही है।

किसी भी तरह की जांच के लिए चैरिटी तैयार
उन्होंने कहा कि संस्था के पास जो भी फंड आता है, उसकी रिपोर्ट प्रत्येक तीन माह में सरकार को भेजी जाती है। इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी है तो उसकी जांच कराई जाए, किसी भी तरह की जांच के लिए चैरिटी तैयार है। बिशप ने कहा कि आज के दिन में जो हालात बने हैं, उससे कुछ समाज के लोग काफी डरे हुए हैं। कोई शक्ति ऐसी है जो बड़ी साजिश रच रही है।

फादर की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
खूंटी के कोचांग सामूहिक दुष्कर्म मामले में फादर की गिरफ्तारी पर भी उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस ने फादर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन नुक्कड़ नाटक मंडली के सदस्य संजय शर्मा को क्यों गिरफ्तार नहीं किया, यह बड़ा सवाल है। बिशप ने कहा कि ईसाई और सरना समाज को आपस में लड़ाने की साजिश हो रही है। इसलिए सरकार को चाहिए कि सरना धर्म कोड लागू करें।

सीबीसीआई को भारत में कैथोलिक चर्च का चेहरा माना जाता है

खूंटी के कोचांग में पांच युवतियों से गैंगरेप में मिशनरी स्कूल के फादर अल्फोंस आईंद की गिरफ्तारी और अब मिशनरीज ऑफ चैरिटी से बच्चे बेचे जाने के मामले के खुलासे के बाद कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) के महासचिव ऑक्जलरी बिशप थियोडोर मैस्कैरन्हास मंगलवार को रांची पहुंचे। सीबीसीआई को भारत में कैथोलिक चर्च का चेहरा माना जाता है जो गैर-धार्मिक मसलों में भी दखल रखती है। हालांकि आधिकारिक रूप से भारत में कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ऑफ इंडिया को बिशप्स का कॉन्फ्रेंस माना जाता है, मगर सीबीसीआई का धर्म के अतिरिक्त अन्य मुद्दों में भी दखल रहा है।

मिशनरीज ऑफ चैरिटी की एक कर्मचारी और एक सिस्टर की जा चुकी है गिरफ्तार

दरअसल, 5 जुलाई को मिशनरीज ऑफ चैरिटी ईस्ट जेल रोड रांची की सिस्टर कोनसिलिया बाखला को पुलिस ने बच्चा बेचने के आरोप में गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेजा था। सिस्टर कोनसिलिया पर वहीं की एक कर्मचारी अनिमा इंदवार के साथ मिलकर चार बच्चों को बेचने का आरोप है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि दोनों ने मिलकर इसी वर्ष चार बच्चों को बेचा है। दोनों फिलहाल जेल में है। पूछताछ में सिस्टर कोनसिलिया ने स्वीकार किया था कि उसने दो बच्चों को 50-50 हजार में और एक को 1.20 लाख में बेचा। एक बच्चे को सिमडेगा के दंपती को बिना पैसे लिए दे दिया था। अब पुलिस पूछताछ के लिए सिस्टर कोनसिलिया को शीघ्र रिमांड पर लेगी। वहीं, दूसरी सिस्टर मेरिडियन को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। 1.48 लाख रु. भी बरामद हुए, जो बच्चा बेचने के एवज में मिले थे।

बीते 16 महीनों में 58 बच्चे हुए हैं गायब

मिशनरीज ऑफ चैरिटी की निर्मल ह्रदय संस्था से बीते 16 महीनों में 58 बच्चे गायब हुए हैं। जिला प्रशासन द्वारा 29 जून को निर्मल ह्रदय से जब्त किए गए रजिस्टर के अनुसार मार्च 2016 से जून 2018 के बीच 110 बच्चों का जन्म हुआ। इसमें सीडब्ल्यूसी को महज 52 बच्चों की ही जानकारी दी गई। रिकॉर्ड के अनुसार 58 बच्चे गायब हैं।

बेची गई तीसरी बच्ची भी बरामद
निर्मल हृदय से बेची गई तीसरी बच्ची को कोतवाली पुलिस ने बरामद किया है। एक साल की बच्ची को सिमडेगा की शैलजा तिर्की को बेचा गया था। शैलजा के कोकर और सिमडेगा के घरों पर पुलिस की लगातार छापेमारी के बाद बुधवार को शैलजा की रिश्तेदार बच्ची को पुलिस के सुपुर्द कर गई। सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को करुणा आश्रम में रखा है। पुलिस के मुताबिक शैलजा ने अनिमा इंदवार को 50 हजार रुपए दिए थे। हालांकि गिरफ्तारी के समय अनिमा व सिस्टर कोनसिलिया ने पैसे लेने की बात से इनकार किया था।

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