Home | Jharkhand | Ranchi | News | PC Communist Party of India Ranchi

बंगाल में हो रही है लोकतंत्र की हत्या, केंद्र एवं चुनाव आयोग दखल दें: वामदल

संयुक्त वामदल के नेताओं ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है।

Kaushal Anand| Last Modified - May 16, 2018, 06:29 PM IST

PC Communist Party of India Ranchi
बंगाल में हो रही है लोकतंत्र की हत्या, केंद्र एवं चुनाव आयोग दखल दें: वामदल

रांची।   संयुक्त वामदल के नेताओं ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। इसलिए केंद्र एवं भारत निर्वाचन आयोग को दखल देना चाहिए। बंगाल में हुए पंचायत चुनाव में पहले तो 35 प्रतिशत सीटों पर किसी को खड़ा होने नहीं दिया गया। निर्विरोध घोषित करा दिया गया। बाकी बचे सीटों पर किसी अन्य दल के लोग खड़े हुए तो उनके साथ मारपीट की गई। हिंसा की गई। दर्जनों वाम नेताओं की हत्याएं की गई। इससे साबित होता है कि वहां लोकतंत्र नहीं बचा है। उक्त बातें वाम नेताओं ने बुधवार को सीपीआई कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। इस मौके पर सीपीअाई के भुनेश्वर मेहता, खगेंद्र ठाकुर, सीपीएम के गोपीकांत बख्शी, सीपीआईएम एल के जनार्दन पासवान मासस के सुशांतो मुखर्जी आदि उपस्थित थे।

 

इधर, देशव्यापी कार्यक्रम के तहत आज वामदलों ने पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में लोकतंत्र के विरोध में विरोध दिवस मनाया गया। राजधानी रांची में वामदलों ने विरोध मार्च निकाल कर अल्बर्ट एक्का चैक पर प्रदर्शन करते हुए सभा की। सभा को सं‍बोधित करते हुए वामदलों के नेताओं ने कहा कि प0 बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान ममता बनर्जी सरकार ने लोकतंत्र की बर्बर हत्या करने का काम किया है। वाम और विपक्षी दलों को बलपूर्वक और हिंसा द्वारा चुनाव में नामांकन दाखिल करने से रोका और पूरे राज्य में हिंसक वारदातों को अंजाम दिया। वामदलों ने प0 बंगाल में लोकतंत्र पर हमले व हिंसा की राजनीति के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। 

 

विरोध सभा को सीपीआई के खगेंद्र ठाकुर, भाकपा(माले) के शुभेंदु सेन, सीपीआई(एम) के प्रकाश विप्लव ने सं‍बोधित किया। सभा की अध्यक्षता सीपीआई(एम) के रांची जिला सचिव सुखनाथ लोहरा ने की। कार्यक्रम में सीपीआई(एम) के राज्य सचिव जीके बक्सी के अलावा सुफल महतो, प्रफुल्ल लिंडा, भवन सिंह, किशुन उरांव, अमित मुंडा, बिरसा मुंडा, वीणा लिंडा, रंगोवती देवी, महेश मुंडा, अरूण महतो, अमर महली, संतोष कुम्हार, दीपक सोनार, जितेन्द्र महतो, सीपीआई के अजय सिंह, उमेश नजीर, श्यामल चक्रवर्ती, मनोज ठाकुर, वीरेंद्र विश्वकर्मा, सलामत हुसैन, प्रिया कुमारी, भाकपा(माले) के भुवनेश्वर केवट, मोहन दत्ता, ऐती तिर्की, शांति सेन, सिनगी खलखो और मासस के सुशांतो मुखर्जी सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now