--Advertisement--

रिम्स के हड्डी रोग विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गोविंद कुमार गुप्ता को जान से मारने की धमकी

रिम्स के हड्डी रोग विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गोविंद कुमार गुप्ता को जान से मारने की धमकी

Danik Bhaskar | Jan 13, 2018, 07:07 PM IST
रिम्स के हड्डी रोग विभाग में क रिम्स के हड्डी रोग विभाग में क

रांची। रिम्स के हड्डी रोग विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गोविंद कुमार गुप्ता को जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्हें एक स्पीड पोस्ट शनिवार को प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा गया है कि अगर उनके या फिर उनकी मेडिकल टीम द्वारा पुलिस में ट्रेनिंग ले रहे किसी भी जवान को अनफिट किया गया तो वे उग्रवादी बन जाएंगे और उसका पहला निशाना डॉ. गोविंद होंगे।

-डॉ. गोविंद एपेक्स मेडिकल बोर्ड के सदस्य थे। इस एपेक्स मेडिकल बोर्ड का गठन झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर किया गया है जो कि पुलिस में नवनियुक्त पुलिस कर्मियों के फिटनेस की जांच कर रही है।
-इस स्पीड पोस्ट के मिलने के बाद डॉ. गोविंद ने इसकी सूचना रिम्स निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव और अधीक्षक डॉ. जेके मित्रा को दी।
-मामले की गंभीरता को देखते हुए रिम्स प्रबंधन ने बरियातू थाना व वरीय पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है।

लेटर में लिखा- पहले पुलिस के लिए हथियार उठाते अब उग्रवादियों के लिए उठाएंगे
-स्पीड पोस्ट से भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि- 'आपके द्वारा (डॉ. गोविंद गुप्ता) या आपकी मेडिकल जांच कमेटी द्वारा जो पुलिस ट्रेनिंग कर रहे युवकों का पुन: मेडिकल जांच किया जा रहा है, उनकी नियुक्ति मेडिकल जांच के बाद ही हुई है।'
-'पुन: जांच के क्रम में उन्हें अनफिट करने के बाद जिन्हें आप अनफिट घोषित कर रहे हैं, कल उनकी नौकरी समाप्त हो जाएगी। वे गरीब युवक किसी काम के नहीं रहेंगे।'
-'वे बिल्कुल बेरोजगार हो जाएंगें। न तो उनके पास कोई बिजनेस के लिए पैसा है और ना ही उनसे मजदूरी होगी। वे उग्रवादी बनने के लिए मजबूर हो जाएंगे।'
-'अभी तक वे पुलिस की ट्रेनिंग कर रहे थे। अब बेरोजगार होने के बाद उग्रवादी की ट्रेनिंग करेंगे। कल वे पुलिस का हथियार उठाने वाले थे। मगर मजबूरी में उन्हें उग्रवाद का हथियार उठाना पड़ेगा।'
-'तब आप उनका पहला निशाना होंगे। उसके बाद परिणाम भुगतने के लिए आप और आपकी कमेटी तैयार रहें, क्योंकि आपलोग किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।'

वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई है सूचना
-रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने कहा कि 'डॉ. गोविंद गुप्ता का आवेदन मिला है। इस संबंध में वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। डॉक्टरों की सुरक्षा का भी मामला उठाया गया है।'
-वहीं, हड्डी रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. एलबी मांझी ने कहा- 'ऐसे में डॉक्टर कैसे निष्पक्ष हो पाएंगे। किसी अनफिट को कैसे फिट कर देंगे। डॉक्टरों की सुरक्षा पर जिला प्रशासन और सरकार को गंभीर होना होगा।'

फोटो: पवन कुमार।