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आरएसएस ने कहा- खूंटी क्षेत्र में हो रही पत्थलगड़ी के पीछे चर्च इन्वॉल्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि खूंटी क्षेत्र में हो रही पत्थलगड़ी के पीछे चर्च इन्वॉल्व है।

Vinay Chaturvadi | Last Modified - Mar 14, 2018, 09:46 AM IST

आरएसएस ने कहा- खूंटी क्षेत्र में हो रही पत्थलगड़ी के पीछे चर्च इन्वॉल्व

रांची।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि खूंटी क्षेत्र में हो रही पत्थलगड़ी के पीछे चर्च इन्वॉल्व है। मंगलवार को संघ कार्यालय में हुए संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में आरएसएस के झारखंड सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने फर्जी एनजीओ और विदेशी फंडिंग पर जिस तरह से नकेल कसा है, उससे कतिपय लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।

अफीम की खेती में व्यवधान न हो, इस कारण लोगों को गांवों मेें प्रवेश से रोका जा रहा
-उन्होंने कहा- धर्मांतरण के काम में अब उन्हें कठिनाइयां आने लगी हैं। खूंटी क्षेत्र में हो रही पत्थलगड़ी के पीछे इन्हीं देश विरोधी शक्तियों का हाथ है। इसमें चर्च का नाम आया है। मीडिया रिपोर्ट और अन्य स्रोत से मिल रही जानकारी के बाद संघ को भी लगता है कि पत्थलगड़ी के पीछे चर्च का हाथ है। चर्च ऐसे काम में इन्वॉल्व है। अफीम की खेती में व्यवधान न हो। उन्हें नष्ट करने के लिए प्रशासनिक अधिकारी उन गांवों तक नहीं पहुंच पाएं, इस कारण लोगों को गांवों मेें प्रवेश से रोका जा रहा है।

किसी भी राष्ट्रविरोधी काम में समाज के लोगों को संलग्न नहीं होना चाहिए
-झारखंड सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने कहा-राज्य सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण बिल के कारण मतांतरण के काम में लगी इन शक्तियों को झटका लगा है। अब यह सरकार का काम है कि वह इन सब चीजों को देखें। समाज को भी चाहिए कि अगर कोई संविधान की गलत व्याख्या कर चीजों को प्रचारित कर रहा है तो वह इन सकी अनदेखी करे। किसी भी राष्ट्रविरोधी काम में समाज के लोगों को संलग्न नहीं होना चाहिए।

-संघ समाज से निवेदन करता है कि सभी राष्ट्र के साथ खड़े हों। प्रशासन को भी देश विरोधी शक्तियों के प्रति सजग रहना चाहिए। उल्लेखनीय है कि हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने भी कहा था कि पत्थलगड़ी के पीछे चर्च का दिमाग और धन है। पत्रकार सम्मेलन में संघ के सह क्षेत्र संघचालक देवब्रत पाहन और सह प्रचार प्रमुख संजय आजाद भी मौजूद थे।


महापुरुषों की मूर्ति तोड़ा जाना अनुचित
-राकेश लाल ने कहा कि महापुरुषों की किसी मूर्ति को तोड़ा जाना अनुचित है। पर, त्रिपुरा में जिस लेनिन की मूर्ति को तोड़े जाने की बात है, वह एक व्यक्ति की निजी जमीन पर जबरन बनाई गई थी। उसी व्यक्ति ने वह मूर्ति तोड़ी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में हमारे कई महापुरुष सिदो-कान्हू, दीनदयाल उपाध्याय आदि की मूर्तियां तोड़ी गई हैं, जो गलत है।

क्या है पत्थलगड़ी?
-पत्थलगड़ी आदिवासी समाज की परंपरा है, जिसके जरिए गांव का सीमांकन किया जाता है, लेकिन अब इसी की आड़ में गांव के बाहर अवैध ढंग से पत्थलगड़ी की जा रही है। पत्थर पर ग्राम सभा का अधिकार दिलाने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेदों (आर्टिकल) की गलत व्याख्या करते हुए ग्रामीणों को आंदोलन के लिए उकसाया जा रहा है।

पत्थलगड़ी के दौरान अब तक क्या-क्या हुआ
-झारखंड के 4 जिलों के 34 गांवों में ग्राम सभाएं खुद का शासन अौर कानून चला रही हैं। भारतीय और राज्य का कानून नहीं मान रहीं। इन गांवों में बिना इजाजत बाहरी लोगों का एंट्री पर रोक है। चाहे वह राष्ट्रपति हो, प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री।
-ग्राम सभाओं ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को न भेजने का फरमान भी जारी किया है। इस कारण ग्रामीण अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को नहीं भेज रहे। सरकारी योजनाएं लेने से भी मना कर दिया है।

पुलिस और सीआरपीएफ की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया
-फरवरी में खूंटी जिले में पत्थलगड़ी मामले में कुरुंदा के ग्राम प्रधान सागर मुंडा को गिरफ्तार करने गई पुलिस और सीआरपीएफ की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। दारोगा सहित 25 जवान करीब छह घंटे तक ग्रामीणों के घेरे में रहे।
-शाम में खूंटी के डीसी-एसपी घटनास्थल पर पहुंचे। ग्राम प्रधान को छोड़ा। डीसी ने लिखित आश्वासन दिया कि अब सागर मुंडा की गिरफ्तारी नहीं होगी। इसके बाद ग्रामीणों ने बंधक जवानों को जाने दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा- पत्थलगड़ी वाले गांवों में मैं खुद जाऊंगा, कोई माई का लाल दूध पीया है तो रोककर देख ले
-27 फरवर को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने खूंटी में पत्थलगड़ी के नाम पर राष्ट्रविरोधी काम करने वालों को खुली चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतों को सरकार सख्ती से कुचल देगी। इन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। जिन गांवों में असंवैधानिक काम हो रहे हैं, वहां मैं जाऊंगा। कौन माई का लाल दूध पीया है, जो मुझे रोक ले, यह देखेंगे।
-उन्होंने कहा- पत्थलगड़ी यहां के आदिवासियों की सांस्कृतिक पहचान है। लेकिन यह गांव के सीमांकन के लिए है। गांव तक सड़क, बिजली, पानी नहीं पहुंचे, इसके लिए पत्थलगड़ी करने वाले राष्ट्रविरोधी और विदेशी ताकतें हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा के दक्षिण छोटानागपुर प्रमंडल स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में ये बातें कहीं थीं।

सरकारी स्कूलों को किया बंद
-मार्च में खूंटी के कई गांवों में सरकारी स्कूलों को भी बंद कराया जा रहा है। इन बच्चों को पेड़ के नीचे ग्रामसभा के लोग अलग से पढ़ाई करा रहे हैं। इनके लिए किताबें भी अलग से ही छपवाई जा रही हैं। इन बच्चों को जो पढ़ाया जा रहा है, वह डराने वाला है।
-मासूमों के दिल और दिमाग में राष्ट्र और संविधान के लिए जहर भरा जा रहा है। जिन बच्चों को च से चरखा और छ से छतरी पढ़ाया जाता था, उन्हें च से चोर और छ से छलकपट पढ़ाया जा रहा है।


फोटो: विनय चतुर्वेदी।
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Web Title: aareses ne khaa- khunti ksetr mein ho rhi ptthlgaड़i ke pichhe chrch involv
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