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विधानसभा

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Danik Bhaskar | Jan 18, 2018, 10:31 AM IST
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के

रांची। राज्य के तीन अफसरों मुख्य सचिव, डीजीपी और एडीजी को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को सदन के भीतर हंगामा किया और सदन के बाहर प्रदर्शन किया। सदन के भीतर जब पहली पाली में हंगामा करते हुए विपक्षी दल के विधायक वेल में आ गए तब स्पीकर दिनेश उरांव ने सदन की कार्यवाही 11.48 बजे स्थगित कर दी।

हंगामे के कारण पहली पाली में कार्यवाही 11.07 बजे शुरू हुई और मात्र 41 मिनट ही चली। तीन अफसरों के मामले को लेकर विपक्ष द्वारा लाया गया कार्य स्थगन प्रस्ताव भी स्पीकर ने नामंजूर कर दिया। इसके बावजूद विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा कराने का आग्रह करता रहा। इस दौरान पक्ष-विपक्ष में नोंक-झोंक भी हुई। स्पीकर ने प्रश्नकाल चलाने का आग्रह किया लेकिन विपक्ष के वेल में आ जाने और नारेबाजी करते रहने के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और प्रश्नकाल भी नहीं हो सका।

'विपक्ष को हर हाल में जवाब चाहिए'

प्रदीप यादव ने कहा कि कहीं न कहीं गड़बड़झाला है। केवल बहस से काम नहीं चलेगा। इसमें परिणाम चाहिए। सुखदेव भगत ने कहा कि संवैधानिक संस्था ने पत्र लिखा लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नियमों में उलझना ठीक नहीं। विपक्ष को हर हाल में जवाब चाहिए। इसके पूर्व विधानसभा के मुख्य द्वार पर विपक्षी दलों के विधायकों ने इन्हीं तीनों अफसरों पर कार्रवाई के मुद्दे को लेकर करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा- पूरे देश का माहौल जालियावाला बाग की तरह हो गया है। ऐसा नहीं चलेगा। हेमंत सोरेन ने कहा-सरकार झूठा आश्वासन देती है। इनके अधिकारी कानून का परवाह करते है क्या?