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झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आज से, राज्यपाल का होग अभिभाषण

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र आज से, राज्यपाल का होग अभिभाषण

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 10:23 AM IST
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के

रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को शुरू होने के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने की पुरजोर कोशिश की। राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होने से पहले ही नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो के अधिकतर विधायक विधानसभा गेट के पास तख्ती लेकर प्रदर्शन करने लगे। मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और डीआईजी अनुराग गुप्ता को हटाने की मांग को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया।

-राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने विधानसभा सत्र के पहले दिन अपना अभिभाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, पारदर्शी मंशा के साथ सरकार कार्य कर रही है।
-शहरी विकास, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सरकार कार्य कर रही है। देश विदेश के पूंजी निवेश के लिए झारखंड पूरी तरह तैयार हो रहा है। निवेशकों को लाने के लिए विभिन्न नियमों को सरल बनाया गया है।
-राज्यपाल के अभिभाषण से पहले ही विपक्ष के नेताओं ने हंगामा किया। उन्होंने सरकार पर भ्रष्ट अफसरों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की।

-विपक्ष ने स्पष्ट कहा है कि मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और डीआईजी अनुराग गुप्ता को पद से नहीं हटाया गया तो वे विधानसभा नहीं चलने देंगे।
-झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में संपूर्ण विपक्ष का एक शिष्टमंडल मंगलवार को ही राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला था। उन्हें ज्ञापन सौंपा। तीनों अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी।

-राज्यपाल से कहा कि 'वे मामले में हस्तक्षेप कर सीबीआई जांच के लिए सरकार को निर्देश दें। राज्यपाल से मिलने के बाद मरांडी ने कहा कि राजबाला वर्मा और डीके पांडेय प्रमुख पद पर आसीन हैं।'

-'उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है। अनुराग गुप्ता पर चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज करने को कहा है। लेकिन, सरकार इन सभी को बचा रही है।'

क्या होगा बजट सत्र में
18 जनवरी - राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा।
19 जनवरी - तीसरा अनुपूरक बजट पेश होगा।
21-22 जनवरी - बसंत पंचमी का अवकाश।
23 जनवरी- वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश होगा।
25-28 जनवरी - बैठकें नहीं होगी।
29 जनवरी - मुख्यमंत्री प्रश्नकाल। बजट पर चर्चा।
30 जनवरी - आय-व्यय और अनुदान मांग पर वाद-विवाद। सरकार का उत्तर तथा मतदान।
06-07 फरवरी - राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्य। (हर कार्यदिवस के दौरान प्रश्नकाल।)