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बजट पूर्व संगोष्ठियों में आम जन से प्राप्त हुए कुल ८३२ सुझाव, विकास आयुक्त ने सचिवों को दिया निर्देश, इन सुझावों पर दे रिपोर्ट

बजट पूर्व संगोष्ठियों में आम जन से प्राप्त हुए कुल ८३२ सुझाव, विकास आयुक्त ने सचिवों को दिया निर्देश, इन सुझावों पर दे रिपोर्ट

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 06:09 PM IST

रांची। विकास आयुक्त अमित खरे ने राज्य के पांचों प्रमंडलों में सम्पन्न हुई बजट पूर्व संगोष्ठियों में आम जन से प्राप्त अब तक कुल 832 सुझावों को संबंधित विभागों को उपलब्ध कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर इन सुझावों की संभाव्यता को जांच कर कार्यान्वयन योग्य सुझावों के संबंध में अपने विभागीय मंत्री से भी विमर्श कर संक्षिप्त आलेख तैयार कर लिया जाए, ताकि अगले माह के प्रथम सप्ताह में माननीय मुख्यमंत्री के साथ संभावित बैठक में इनके संबंध में ठोस निर्णय लिया जा सके। वे गुरुवार को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव एवं राज्य के 19 पिछड़े जिलों के राज्य सरकार द्वारा मनोनीत प्रभारी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

पिछड़े जिलों की समेकित योजना तैयार करें मनोनीत पदाधिकारी
अमित खरे ने निर्देश दिया कि कई विभागों से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए योजना आलेख प्राप्त हुए हैं, परन्तु वे सामान्य प्रकृति के हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि योजना आलेख गठित करते समय पिछड़े जिलों/प्रखंडों को राष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए फोकस किया जाए एवं तदनुरूप जोहार, तेजस्विनी एवं अन्य सुसंगत योजनाओं के साथ अभिकरण स्थापित करते हुए समेकित आलेख गठित की जाए। अमित खरे ने कहा कि नीति आयोग द्वारा देश के 115 पिछड़े जिलों में राज्य के 19 जिले चयनित हैं, जिनके लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा एक-एक प्रभारी पदाधिकारी मनोनीत किए गए हैं, जो संबंधित जिले के उपायुक्त के साथ बैठक कर समेकित जिला योजना तैयार करेंगे। राज्य स्तर से मनोनीत पदाधिकारी अगले 7 दिनों में अपने-अपने प्रभार के जिलों का भ्रमण करें तथा राज्य स्तर पर गठित त्रिवर्षीय कार्य योजना के आधार पर जिले के लिए समेकित जिला योजना तैयार करने की कार्रवाई प्रारंभ करें। साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा मनोनीत प्रभारी पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रतिवेदन तैयार करावें।

केन्द्र सरकार के मंत्रालयों में राज्य सरकार के लम्बित मामलों में गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत
अमित खरे ने कहा कि समेकित जिला योजना तैयार करते समय स्वास्थ्य, पोषण, विद्युतीकरण, शिक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता तथा ग्रामीण सम्पकर्ता के बिंदु पर विशेष फोकस किया जाए। पिछड़े जिलों के पिछड़े प्रखंडों/पंचायतों पर फोकस केन्द्रित किया जाए ताकि वहां के विकास के मानकों को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार किया जाए। अमित खरे ने कहा कि केन्द्र सरकार के मंत्रालयों में राज्य सरकार के लम्बित मामलों के संबंध में उन विषयों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, जिन विषयों पर केन्द्र सरकार द्वारा प्रतिवेदन की मांग की गई है। अथवा लम्बित रहने के कारणों की गंभीर विवेचना कर उन कारकों के संबंध में सुगठित प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं जाए ताकि केन्द्र सरकार के मंत्रालयों के समक्ष तार्किक रूप से मामले को रखा जा सके। विकास आयुक्त ने निदेश दिया कि निर्देशित समय के अंदर बैठक के निर्णित बिन्दुओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।