--Advertisement--

आदिवासी आक्रोश महारैली आज कुरमी-तेली को आदिवासी बनाए जाने के विरोध में आयोजित है रैली, एक लाख लोगों के हिस्स लेने का दावा - 1

आदिवासी आक्रोश महारैली आज कुरमी-तेली को आदिवासी बनाए जाने के विरोध में आयोजित है रैली, एक लाख लोगों के हिस्स लेने का दावा - 1

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 06:25 PM IST

रांची। कुरमी और तेली को आदिवासी का दर्जा दिए जाने के खिलाफ जय आदिवासी युवा शक्ति के तत्वाधान में 10 मार्च को हरमू मैदान में आयोजित आदिवासी आक्रोश महारैली की तैयारी पूरी कर ली गई है। जयस के झारखंड प्रभारी संजय पाहन ने शुक्रवार को महारैली आयोजन स्थल पर प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अनुशासन का पालन करते हुए 1 लाख की संख्या में लोगों ने शामिल होेने का दावा किया है।

उन्होंने कहा- इसके लिए रूट निर्धारित किया गया है। दूसरे जिलों से आने वाले लोगों के लिए रिंग रोड का उपयोग करने, रातू रोड की ओर से आने वालों के लिए पटेल मैदान हरमू, कटहल मोड़, खूंटी, बुंडू की ओर से आने वालों के लिए जतरा मैदान टोगरी टोली हरमू, साथ ही हरमू पेट्रोल पम्प के पीछे मैदान को गाड़ी पड़ाव स्थल बनाया गया है।

ट्रैफिक व्यवस्था, अतिथियों का स्वागत के लिए 300 युवकों को वॉलेंटियर नियुक्त किया गया है। जो सरना टी-शर्ट पहने कार्तिक उरांव चौक हरमू से बिरसा चौक तक रहेंगे। महारैली में अलग-अलग 10 राज्यों के जयस प्रभारी, झारखंड के 32 जनजातीय परंपरागत रूडीवादी सुशासन व्यवस्था के अगुवागण पाहन, पड़हा राजा, मानकी मुण्डा, देश माझी, मानकी मुण्डा, परगेंनईत, मांझी नायके के साथ 50 से अधिक आदिवासी संगठनों के प्रमुख, ग्राम सभा के प्रतिनिधि आदि शामिल होंगे।

इधर, ट्राइबल ड्रीम के पदाधिकारियों ने कहा कि इस रैली में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। आदिवासी छात्र संघ रांची विश्वविद्यालय संजय महली ने बताया कि समिति के विश्वविद्यालय समिति के हजारों छात्र-छात्राएं इस रैली में हिस्सा लेंगे। प्रेस वार्ता में अदिवासी जन परिषद के प्रेमशाही मुंडा, आदिवासी सेना के शिवा कच्छप, आदिवासी छात्र संघ के सुशील उरांव, केन्द्रीय सरना समिति अजय तिर्की, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा मुड़मा के ऐतो उरांव, चंमा उरांव, नारायण उरांव, संदीप तिर्की, सुनील हेम्ब्रम, अनिल तिग्गा, शाशिकांत उरांव, नवनीत उरांव, सोनू खलखो, संतोष तिर्की, कजरू मुण्डा, कुदरेसी मुण्डा, वासूदेव भगत आदि शामिल थे।