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आदिवासी छात्र संघ ने २८ आदिवासी विधायकों का पुतला फूंका जेपीएससी पीटी में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने एवं विधायकों की चुप्पी का विरोध - 1

आदिवासी छात्र संघ ने २८ आदिवासी विधायकों का पुतला फूंका जेपीएससी पीटी में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने एवं विधायकों की चुप्पी का विरोध - 1

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 06:56 PM IST

रांची। आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव के नेतृत्व में झारखंड के 28 आदिवासी विधायकों का पुतला दहन किया गया। सुशील उरांव ने आदिवासी विधायकों पर आरोप लगाया कि आरक्षित सीट से जीतने वाले सभी आदिवासी विधायक चाहे किसी भी पार्टी से हो छठी जेपीएससी परीक्षा परिणाम में आरक्षण नियमों का घोर उल्लंघन होने के बाद भी किसी तरह का कोई ठोस कदम इसे रोकने के लिए नहीं उठा रहे हैं। इसलिए विवश होकर आदिवासी छात्र संघ की ओर से सभी 28 आदिवासी विधायकों का पुतला दहन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी ओर से मांग की जा रही है कि 29 जनवरी से शुरू होने वाले मुख्य परीक्षा को यथाशीघ्र रोके और आरक्षण नियमों का पालन करते हुए रिजल्ट को सुधारने के बाद ही परीक्षा आयोजित की जाए। सचिव डॉ. प्रदीप मुण्डा ने आरोप लगाया कि छठी जेपीएससी में आयोग एवं सरकार के कार्मिक सचिव निधि खरे की मिलीभगत से मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी जा रही है और आदिवासी के नाम पर डींग हांकने वाले मुख्यमंत्री गलत फैसला लेकर उल्टा आदिवासियों का ही अहित कर रहे हैं। इसलिए आदिवासी बहुल राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री ही होना चाहिए।

कोषाध्यक्ष एवं संयोजक जलेश्वर भगत ने कहा कि आयोग एवं सरकार द्वारा केंद्र, राज्य तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए आरक्षण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इसकी जानकारी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी दी गई थी। बावजूद आदिवासी विधायक चुपचाप सब कुछ लूटते हुए देख रहे हैं। उन्हें इस बात का आभास होना चाहिए कि वह स्वयं जिन सीटों से जीतकर कर आते हैं, वो अपने आप में एक आदिवासी सीट है। यदि आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है तो इसका अगला शिकार वह भी होंगे।