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मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की गयी

मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की गयी

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 05:30 PM IST
मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुम मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुम

रांची। मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार बर्णवाल ने मंगलवार को सूचना भवन सभागार में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में आई शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा की। बैठक में कुल 16 शिकायतों में से 8 लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। बैठक के दौरान लापरवाह बीडीओ समेत अन्य अफसरों को सचिव ने जमकर फटकारा और उनसे शोकॉज मांगा।


नोडल अधिकारी को लगाई फटकार
हजारीबाग के बरही ब्लॉक की रसोइया पंचायत में दो साल से छात्रवृत्ति के एक लंबित मामले में मुख्यमंत्री के सचिव ने अनावश्यक विलंब होने पर नोडल अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने हर हाल में तीन दिन के अंदर भुगतान कराने का आदेश दिया। छात्रवृत्ति के एक दूसरे मामले में पाकुड़ के हिरणपुर ब्लॉक की मोहनपुर पंचायत के स्कूल के छात्र ने 25 मई 2017 को आवेदन दिया था। लेकिन अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिलने के सवाल पर सचिव ने नोडल अधिकारी से पूछा कि शाॅर्टलिस्ट होने के 5 माह बाद तक कार्य क्यों नहीं हुआ? सचिव को 15 दिनों के अंदर छात्रवृत्ति की राशि देने का निर्देश देते हुए फिर इसकी समीक्षा की बात कही।

जहां जरूरत वहां तुरंत चापाकल लगाएं
साहेबगंज के मंडरो ब्लाॅक की सीमारा पंचायत में लगभग 9 माह से एक भी चापाकल की सुविधा नहीं होने पर सचिव ने नोडल अधिकारी से कहा कि लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है। अधिकारी इतने दिनों तक सिर्फ पत्राचार कर रहे हैं। आप सिर्फ सूची ही बनाते रहेंगे, ऐसा नहीं चलेगा, जहां जरूरत है वहां तुरंत चापाकल लगाएं और अगले मंगलवार तक जवाब दें।

नौकरी देने का निर्देश
रांची जिले की खलारी पंचायत के लपरा गांव में चौकीदार नारायण साहु की 1996 में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उनकी पत्नी को अब तक नौकरी नहीं मिलने पर सचिव ने कहा कि यह मामला कालबाधित कैसे रह गया? अनुकंपा पर नौकरी देने के लिए हत्या के दो साल बाद यानी 1998 में ही आवेदन दे दिया गया था। उन्होंने जल्द स्थापना समिति में पता कर नौकरी देने का निर्देश दिया।

ब्याज समेत पैसे वापस करने का आदेश दिया
हजारीबाग के बरही ब्लॉक की केडरूत पंचायत के स्कूल में सचिव सह प्रधानाध्यापक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप सिद्ध होने पर पैसा वापसी के मामले में सचिव ने पूछा कि आखिर खाते से पैसे निकाले ही क्यों गए? उन्होंने 8 माह के ब्याज समेत पैसे वापस करने का आदेश दिया।

मामले के निष्पादन का निर्देश दिया
जामताड़ा के कल्याण विभाग के कार्यालय में कार्यरत क्लर्क दिनेश कुमार मुंडा की 2015 में हुई मृत्यु के बाद उनकी पत्नी ने मार्च 2016 में आवेदन दिया था। लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद अब तक नौकरी नहीं मिलने पर सचिव ने नोडल अधिकारी से पूछा कि आवेदन क्यों लंबित रखा गया? इसके लिए स्थापना प्रभारी पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि जो काम पहले ही दिन किया जा सकता था, उसे इतने दिन क्यों लंबित रखा गया। उन्होंने तुरंत मामले के निष्पादन का निर्देश दिया है।

इसी हफ्ते नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा
अनुकंपा से जुड़े एक दूसरे मामले में सिमडेगा में सहायक शिक्षक की दुर्घटना में मृत्यु होने के लगभग डेढ़ साल के बाद मृतक की पत्नी द्वारा फरवरी 2017 में सारे कागजात जमा करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिलने पर डीईओ ने कहा कि अनुशंसा हो गई है। इसी हफ्ते नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।

राशि के भुगतान का आदेश दिया
पूर्व की समीक्षा बैठकों की शिकायतों में विधि आयोग में कार्यरत आदेशपाल की 8 दिसंबर 2016 को हुई मृत्यु के बाद कुल 36 माह का वेतन नहीं मिलने की शिकायत पर कहा गया कि वित्त विभाग से फाइल नहीं लौटी है। इस पर सचिव ने कहा कि 18 मई 2017 से यह मामला लंबित है। उन्होंने अविलंब निर्णय लेकर राशि के भुगतान का आदेश दिया। नगर विकास विभाग के आवास बोर्ड के आवासीय परिसर में संचालित अन्नापूर्णा होटल पर अब तक रोक नहीं लगाने के बारे में सचिव को नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि कार्रवाई चल रही है।

अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं मिलने पर देरी का सामने आया मामला
गढ़वा जिले में बिरसा कृषि महाविद्यालय के अधूरे भवन निर्माण पर नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि कृषि विभाग को मार्च 2017 में रिपोर्ट भेजी गई है। इस पर सचिव ने उनसे पूछा कि अब तक यह मामला लंबित क्यों है, आखिर कब तक इस पर कार्रवाई होगी, इसकी अद्यतन जानकारी जल्द दें। सिमडेगा में उग्रवादियों द्वारा मो. महमूद मियां की हत्या किए जाने के लगभग 5 वर्ष बाद भी उनके पुत्र मो. आरिफ आलम को अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं मिलने पर नोडल अधिकारी ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि प्रतिपूर्ति के लिए केंद्र से तीन लाख रुपए वापस मिलने के बाद ही नौकरी मिल पाएगी। इस पर सचिव ने कहा कि इस संबंध में आप आज ही सर्कुलर दिखाएं। फिर उन्होंने पूछा कि आखिर इस मामले को सीधी बात में क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने अविलंब इस मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया है।

जल्द कार्रवाई का आदेश दिया
उग्रवादी हत्या से जुड़े एक दूसरे मामले में रांची (बुंडू) के अतुल पातर को अब तक नौकरी नहीं मिलने की शिकायत पर सचिव ने कहा कि जब 16 अगस्त 2017 को हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारी ने यह बताया था कि राजस्व प्रमंडल में नियुक्ति की सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। सचिव ने कहा कि फिर से परीक्षण लेकर उसे नौकरी दें। देवघर के नगर आयुक्त कार्यालय में लगभग दो साल से एक और नियुक्ति के मामले का निपटारा नहीं होने की शिकायत पर जल्द कार्रवाई का आदेश दिया गया।

शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया
मुख्यमंत्री के सचिव ने जिले और विभागीय स्तर पर जनसंवाद में लंबित शिकायतों के निष्पादन को लेकर संबंधित अधिकारियों से बात की। उन्होंने चतरा, गोड्डा, पलामू, देवघर और धनबाद जिलों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। विभागीय स्तर पर शिकायतों के निष्पादन के मामले में नगर विकास विभाग सबसे निचले पायदान पर पाया गया। इसके अलावा महिला बाल विकास, पर्यटन, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, ऊर्जा विभाग एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को शिकायतों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

फोटो : पवन कुमार।