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यहां सिटी बजाने पर भी लगा है प्रतिबंध, अफसर पहुंचे तो हुआ नया खुलासा

यहां सिटी बजाने पर भी लगा है प्रतिबंध, अफसर पहुंचे तो हुआ नया खुलासा

Gupteshwar Kumar | Last Modified - Nov 06, 2017, 12:24 PM IST

कोडरमा(झारखंड)। कोडरमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के सिसिरवा इलाके में सीटी बजाने पर भी प्रतिबंध है, लेकिन यहां विस्फोट के जरिए वर्षों से अवैध उत्खनन हो रहा है। रविवार को जिले के डीसी संजीव बेसरा और एसपी सुरेंद्र झा दल बल के साथ छापेमारी के लिए यहां पहुंचे तो चारों ओर जंगलों से घिरे इस इलाके में दर्जनों अवैध स्टोन माइंस संचालित मिली। 100 फीट तक गहरा हो चुका है माइंस...
- माइंस की गहराई भी 50 से 100 फीट की हो चुकी है। कोडरमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की अधिसूचना 25 जनवरी 1985 को जारी की गई, जबकी वर्ष 2003 में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का अलग डिवीजन सृजित किया गया।
-विभाग के आकड़ों पर अगर गौर करें तो 1993 से सिसिरवा में अवैध उत्खनन की सूचना है। वहीं, पिछले पांच वर्षों में 414 लोगों पर 156 मामले दर्ज किए गए हैं, 53 वाहन भी जब्त किए गए हैं।
-17 लोगों को मौके पर गिरफ्तार किया गया। बावजूद इसके सिसिरवा में अवैध माइंस बंद नहीं हुए। वन्य प्राणी संरक्षण के संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर इससे अपना पल्ला झाड़ते रहे हैं।
-जिला टास्क फोर्स की बैठक में वन विभाग की ओर से 57 ऐसे क्रशरों की सूची सौंपी गई है, जो वन्य आश्रयणी के समीप अवैध ढंग से संचालित हैं।
-बावजूद इसके आज तक इसपर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया की वर्तमान में वहां अपराधी सफेदपोश लोगों द्वारा संगठित ढंग से उत्खनन कराया जा रहा है।
प्रतिनियुक्त किए जा रहे हैं होमगार्ड के जवान

-वन्यप्राणी आश्रयणी अंतर्गत सिसिरवा में चल रहे अवैध खनन पर रोक थाम को लेकर दस होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति की जा रही है।
-रेंजर प्रमोद कुमार ने बताया कि डीएफओ दिलीप यादव द्वारा दस होमगार्ड अलग से रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। ये जवान सुबह से शाम तक सिसिरवा जंगल में गश्ती अभियान में रहेंगे।
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